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Maharajganj News: कार्यदायी संस्था को मिट्टी खनन की अनुमति देने पर किया प्रदर्शन
Tue, 15 Apr 2025 08:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 15 Apr 2025 08:00 PM IST
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नौतनवा। स्थानीय तहसील क्षेत्र के गांव हनुमानगढि़या में ताल की 14 एकड़ भूमि पर कार्यदायी संस्था पीएनसी को खनन की अनुमति देने पर किसान भड़क उठे। उन्होंने मंगलवार को गांव में विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद डीएम को पत्र लिखकर खनन पर रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि ताल की भूमि पर 200 किसान 50 साल से खेती करते आ रहे हैं। ताल की जमीन पर कार्यदायी संस्था पीएनसी को अनुमति देने कि सूचना लेखपाल के जरिये जैसे ही ग्रामीणों को मिली, वहां पहले से काबिज ग्रामीण आक्रोशित हो गए और लामबंद होकर विरोध प्रदर्शन करते हुए मिट्टी खनन रोकने की मांग की।
जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में हनुमानगढि़या के ग्रामीणों ने कहा कि यहां गांव के भूमिहीन किसानों को भूमि आवंटित की गई थी, जिसपर करीब 50 साल से वह लोग खेती करते चले आ रहे हैं। उन लोगों का खेती ही सहारा है। जिस समय से यहां खेती की जा रही है, उस समय यह इलाका गोरखपुर जिले में था और यहां की तहसील फरेंदा थी।
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संजीव कुमार, चैतू, इंद्रजीत, मनोज, रामप्रसाद, अजय, राजू, श्रीराम, राममिलन, महेंद्र, मुनीराम, बुद्धिराम, संदीप, प्रमोद, जयप्रकाश, अर्जुन, तेरासी, रीता, प्रभावती का कहना है कि ताल की जमीन पर गांव के लगभग 200 किसान खेती करते हैं। यदि यहां मिट्टी खनन हुई तो वह लोग भूमिहीन हो जाएंगे। उन्हें सूचना मिली है कि प्रशासन ने इस भूमि को उपजाऊ नहीं, बल्कि खनन योग्य मानकर यहां की मिट्टी खोदने का आदेश दिया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मौके की जांच पड़ताल कर उन्हें खेती करने दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि ताल की भूमि पर 200 किसान 50 साल से खेती करते आ रहे हैं। ताल की जमीन पर कार्यदायी संस्था पीएनसी को अनुमति देने कि सूचना लेखपाल के जरिये जैसे ही ग्रामीणों को मिली, वहां पहले से काबिज ग्रामीण आक्रोशित हो गए और लामबंद होकर विरोध प्रदर्शन करते हुए मिट्टी खनन रोकने की मांग की।
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जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में हनुमानगढि़या के ग्रामीणों ने कहा कि यहां गांव के भूमिहीन किसानों को भूमि आवंटित की गई थी, जिसपर करीब 50 साल से वह लोग खेती करते चले आ रहे हैं। उन लोगों का खेती ही सहारा है। जिस समय से यहां खेती की जा रही है, उस समय यह इलाका गोरखपुर जिले में था और यहां की तहसील फरेंदा थी।
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संजीव कुमार, चैतू, इंद्रजीत, मनोज, रामप्रसाद, अजय, राजू, श्रीराम, राममिलन, महेंद्र, मुनीराम, बुद्धिराम, संदीप, प्रमोद, जयप्रकाश, अर्जुन, तेरासी, रीता, प्रभावती का कहना है कि ताल की जमीन पर गांव के लगभग 200 किसान खेती करते हैं। यदि यहां मिट्टी खनन हुई तो वह लोग भूमिहीन हो जाएंगे। उन्हें सूचना मिली है कि प्रशासन ने इस भूमि को उपजाऊ नहीं, बल्कि खनन योग्य मानकर यहां की मिट्टी खोदने का आदेश दिया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मौके की जांच पड़ताल कर उन्हें खेती करने दिया जाए।