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पोखरी पर ही धरने पर बैठे लोग
maharajganj
Updated Wed, 15 Jun 2016 12:33 AM IST
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पुरंदरपुर थाना के कोट कम्हरियां में पोखरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में एसडीएम द्वारा विधि विरूद्ध आदेश किए जाने से नाराज गांववाले तीन सूत्रीय मांग को लेकर मंगलवार को पोखरे पर ही धरने पर बैठ गए।
कोट कम्हरियां के पोखरी की निलामी फरवरी 2006 में हुई थी। जिसकी अवधि फरवरी 2016 में ही समाप्त हो गई। जिसमें ग्राम प्रधान की पहल पर एसडीएम नौतनवां ने पुन: नीलामी के लिए निविदा प्रकाशित करवा दिया। इसमें बोली के लिए 27 जून 2016 की तारीख तय किया गया है। वहीं दूसरी तरफ एसडीएम ने पट्टा समाप्ति के साढ़े तीन माह बाद पूर्व पट्टे धारकों को शिकारमाही करने का आदेश भी दे दिया। जब इसकी जानकारी गांव वालों को हुई तो वे एसडीएम से विधि विरूद्ध किए गए आदेश को वापस लेने की बात कही।
लेकिन एसडीएम का रुख साफ नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को 24 घंटे का समय देते हुए आदेश वापस लेने की चेतावनी दी थी। समय पूरा होने पर भी कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं होने से नाराज गांव वाले मंगलवार को पोखरे पर ही अपने तीन सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर ही बैठ गए। एसडीएम द्वारा किए गए विधि विरुद्ध आदेश को वापस लेते हुए नियत तिथि पर पुन: नीलामी कराए जाने व पोखरी से अवैध शिकारमाही करने व शिकारमाही की कोशिश के मामले में पट्टाधारक व उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई किया जाना मांगों में शामिल है। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक उनका धरना जारी रहेगा।
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इस बावत एसडीएम नौतनवां विक्रम सिंह ने बताया कि बढ़ते विवाद को ध्यान में रखते हुए सरकारी एजेंसी के माध्यम से पोखरी से शिकारमाही कराई जाएगी। इससे प्राप्त धन सरकारी खाते में जमा करा दिया जाएगा।
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कोट कम्हरियां के पोखरी की निलामी फरवरी 2006 में हुई थी। जिसकी अवधि फरवरी 2016 में ही समाप्त हो गई। जिसमें ग्राम प्रधान की पहल पर एसडीएम नौतनवां ने पुन: नीलामी के लिए निविदा प्रकाशित करवा दिया। इसमें बोली के लिए 27 जून 2016 की तारीख तय किया गया है। वहीं दूसरी तरफ एसडीएम ने पट्टा समाप्ति के साढ़े तीन माह बाद पूर्व पट्टे धारकों को शिकारमाही करने का आदेश भी दे दिया। जब इसकी जानकारी गांव वालों को हुई तो वे एसडीएम से विधि विरूद्ध किए गए आदेश को वापस लेने की बात कही।
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लेकिन एसडीएम का रुख साफ नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को 24 घंटे का समय देते हुए आदेश वापस लेने की चेतावनी दी थी। समय पूरा होने पर भी कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं होने से नाराज गांव वाले मंगलवार को पोखरे पर ही अपने तीन सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर ही बैठ गए। एसडीएम द्वारा किए गए विधि विरुद्ध आदेश को वापस लेते हुए नियत तिथि पर पुन: नीलामी कराए जाने व पोखरी से अवैध शिकारमाही करने व शिकारमाही की कोशिश के मामले में पट्टाधारक व उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई किया जाना मांगों में शामिल है। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक उनका धरना जारी रहेगा।
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इस बावत एसडीएम नौतनवां विक्रम सिंह ने बताया कि बढ़ते विवाद को ध्यान में रखते हुए सरकारी एजेंसी के माध्यम से पोखरी से शिकारमाही कराई जाएगी। इससे प्राप्त धन सरकारी खाते में जमा करा दिया जाएगा।