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Maharajganj News: बढ़ता जलस्तर देख सहमें जिगिनिहवां और लोहरटोला के लोग
Sat, 13 Jul 2024 04:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 13 Jul 2024 04:57 AM IST
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चंदन नदी में जलस्तर बढ़ते देख नाव से वापस गांव लौटते लोग
महराजगंज/ठूठीबारी। नदियों के बढ़े जलस्तर को देखकर जिगिनिहवां व लोहरटोला के ग्रामीण सहमे हैं। चंदन व झरही नदी ऊफान पर होती है तो फसल बर्बाद करने के साथ ही गांव के लोगों के लिए मुसीबत बन जाती है।
चंदन और झरही उर्फ प्यास नदियों के किनारे बीते वर्ष ही कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हुए थे, इसकी मरम्मत नहीं हुई है। क्षतिग्रस्त किनारे के सामने बसने वाले लोगों को बाढ़ का डर सता रहा है। पड़ताल में देखा गया की चंदन और झरही उर्फ प्यास दोनों नदियां दोमुहान गांव के सामने आकर आपस में मिल जाती हैं। उसके बाद से नदी की धारा और विकराल रूप धारण कर लेती है।
मल्हार टोली गांव के दक्षिण रामचंद्र गौतम के खेत के सामने चंदन नदी पर लगभग 200 मीटर क्षतिग्रस्त है। वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीण उदयभान, लोरीक, दुखनी, जरीना, उलीमुन निशा ने बताया की उक्त क्षतिग्रस्त बांध पिछले ही वर्ष आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ था। जिम्मेदारों ने बांध का मरम्मत नहीं कराया।
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आगे कुछ दूर बढ़ने बातचीत करते हुए विजय, शिवरतन और रामबचन सहानी दिखे। उन्होंने कहा की गांव के कुछ लोग बृहस्पतिवार को तेरहवा जंगल में पशुओं को चराने पहुंचे थे। इसी बीच अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा तो वह लोग पशुओं को जंगल में ही छोड़ नाव से वापस लौट आए। ऐसे में झरही और चंदन नदी पर कई जगह छोटे-छोटे कट हुए स्थान देखने को मिले।
बंधे पर चलने के दौरान साइकिल से आते दिखे मनोज विश्वकर्मा और राजेश भारती ने कहा की नदी में बाढ़ आने से निचलौल ब्लॉक के गांव भरवलियां, बकुलडिहा, सुकरहर, लक्ष्मीपुर खुर्द एवं नौतनवां ब्लॉक के गांव दोमुहान, मल्लाह टोली, लोहार टोला के सामने बांध को चंदन नदी की धारा काफी तेज बहती है। इसके चलते यहां पर अक्सर कटान होती रहती है। यहां से बाढ़ का पानी नदी से निकलता है तो मल्लाह टोला, दोमुहान, जिगिनिहवां, कजडहवां, साहू टोला, अहीरन टोला, लोहार टोला, सीहाभार कचरहियां, धुमठवां आदि गांव के सिवान में लगे सैकड़ों एकड़ फसलों को नुकसान कर देता है। नदी के बांध क्षतिग्रस्त और जलस्तर बढ़ने से इन गांवों के लोगों में बाढ़ आने का डर सता रहा है।
चंदन नदी से बसंतपुर गांव के पश्चिम खेत में कटान शुरू
ठूठीबारी। चंदन, झरही उर्फ प्यास, भौरहियां नदी के किनारे बसे ग्रामीणों के होश उड़ गए है। भरवलिया के टोला बसंतपुर गांव के पश्चिम राज मंगल व राधेश्याम पासवान के खेत में करीब 10 फीट कटान हो गया है। ग्राम प्रधान बैजनाथ यादव ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से चंदन नदी की कटान से गांव के विश्राम वर्मा, रामनारायण वर्मा, लालबाबू वर्मा, बिहारी यादव, चंद्रभान, छोटेलाल, ओम प्रकाश, राधेश्याम पासवान, राजमंगल पासवान, जानकी देवी, चंद्रभान यादव, चंदूल यादव की करीब दो एकड़ से ज्यादा जमीन नदी धारा में विलीन हो गई। ग्रामीणों ने कहा कि इस वर्ष नदी के बाढ़ से बचाव व कटान के लिए उचित उपाय नहीं किया गया है। लोगों ने बताया कि बरसात के दिनों में बाढ़ से चटिया, माधवनगर उर्फ तुरकहिया, नौनिया, भरवलिया, नौनिया, बसंतपुर, कटखोर, बोदना, सुकरहर, बकुलडीहा, मैरी आदि गांव के लोग प्रभावित होते हैं। संवाद
जिले में सभी बंधे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
-राजीव कपिल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड दो
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चंदन और झरही उर्फ प्यास नदियों के किनारे बीते वर्ष ही कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हुए थे, इसकी मरम्मत नहीं हुई है। क्षतिग्रस्त किनारे के सामने बसने वाले लोगों को बाढ़ का डर सता रहा है। पड़ताल में देखा गया की चंदन और झरही उर्फ प्यास दोनों नदियां दोमुहान गांव के सामने आकर आपस में मिल जाती हैं। उसके बाद से नदी की धारा और विकराल रूप धारण कर लेती है।
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मल्हार टोली गांव के दक्षिण रामचंद्र गौतम के खेत के सामने चंदन नदी पर लगभग 200 मीटर क्षतिग्रस्त है। वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीण उदयभान, लोरीक, दुखनी, जरीना, उलीमुन निशा ने बताया की उक्त क्षतिग्रस्त बांध पिछले ही वर्ष आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ था। जिम्मेदारों ने बांध का मरम्मत नहीं कराया।
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आगे कुछ दूर बढ़ने बातचीत करते हुए विजय, शिवरतन और रामबचन सहानी दिखे। उन्होंने कहा की गांव के कुछ लोग बृहस्पतिवार को तेरहवा जंगल में पशुओं को चराने पहुंचे थे। इसी बीच अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा तो वह लोग पशुओं को जंगल में ही छोड़ नाव से वापस लौट आए। ऐसे में झरही और चंदन नदी पर कई जगह छोटे-छोटे कट हुए स्थान देखने को मिले।
बंधे पर चलने के दौरान साइकिल से आते दिखे मनोज विश्वकर्मा और राजेश भारती ने कहा की नदी में बाढ़ आने से निचलौल ब्लॉक के गांव भरवलियां, बकुलडिहा, सुकरहर, लक्ष्मीपुर खुर्द एवं नौतनवां ब्लॉक के गांव दोमुहान, मल्लाह टोली, लोहार टोला के सामने बांध को चंदन नदी की धारा काफी तेज बहती है। इसके चलते यहां पर अक्सर कटान होती रहती है। यहां से बाढ़ का पानी नदी से निकलता है तो मल्लाह टोला, दोमुहान, जिगिनिहवां, कजडहवां, साहू टोला, अहीरन टोला, लोहार टोला, सीहाभार कचरहियां, धुमठवां आदि गांव के सिवान में लगे सैकड़ों एकड़ फसलों को नुकसान कर देता है। नदी के बांध क्षतिग्रस्त और जलस्तर बढ़ने से इन गांवों के लोगों में बाढ़ आने का डर सता रहा है।
चंदन नदी से बसंतपुर गांव के पश्चिम खेत में कटान शुरू
ठूठीबारी। चंदन, झरही उर्फ प्यास, भौरहियां नदी के किनारे बसे ग्रामीणों के होश उड़ गए है। भरवलिया के टोला बसंतपुर गांव के पश्चिम राज मंगल व राधेश्याम पासवान के खेत में करीब 10 फीट कटान हो गया है। ग्राम प्रधान बैजनाथ यादव ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से चंदन नदी की कटान से गांव के विश्राम वर्मा, रामनारायण वर्मा, लालबाबू वर्मा, बिहारी यादव, चंद्रभान, छोटेलाल, ओम प्रकाश, राधेश्याम पासवान, राजमंगल पासवान, जानकी देवी, चंद्रभान यादव, चंदूल यादव की करीब दो एकड़ से ज्यादा जमीन नदी धारा में विलीन हो गई। ग्रामीणों ने कहा कि इस वर्ष नदी के बाढ़ से बचाव व कटान के लिए उचित उपाय नहीं किया गया है। लोगों ने बताया कि बरसात के दिनों में बाढ़ से चटिया, माधवनगर उर्फ तुरकहिया, नौनिया, भरवलिया, नौनिया, बसंतपुर, कटखोर, बोदना, सुकरहर, बकुलडीहा, मैरी आदि गांव के लोग प्रभावित होते हैं। संवाद
जिले में सभी बंधे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
-राजीव कपिल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड दो