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Maharajganj News: निचलौल-महराजगंज वाया चौक रोडवेज बस सेवा ठप होने से लोग परेशान
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मनमाना किराया वसूल रहे ऑटो चालक, जान जोखिम में डाल सफर को मजबूर लोग
ऑटो चालकों में मनमाना किराया वसूलने और क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने का आरोप
मिठौरा। महराजगंज से निचलौल वाया चौक रोडवेज की नियमित बस सेवा बंद होने से हजारों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। लोगों को मजबूरी में ओवरलोड ऑटो और व्यावसायिक वाहनों से सफर करना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। साथ ही क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बता दें कि यह मार्ग केवल आम लोगों के लिए ही नहीं बल्कि जिले के कई आला अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों और व्यापारियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रतिदिन हजारों लोग इसी रास्ते से जिला मुख्यालय और अन्य कस्बों-शहरों तक आते-जाते हैं लेकिन बस सेवा ठप होने से अब लोगों की यात्रा बेहद कठिन हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, शुरुआत में निचलौल-चौक-महराजगंज होकर गोरखपुर तक दो सरकारी बसों का संचालन किया गया था। सुबह के समय चलने वाली इन बसों से लोगों को काफी राहत मिली थी। छात्र, मरीज, नौकरी-पेशा लोग और व्यापारी आसानी से समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच जाते थे लेकिन कुछ ही दिनों बाद इन बसों का संचालन अचानक बंद कर दिया गया। इसके बाद टीकर चौराहे से केवल सुबह के समय एक बस चलनी शुरू हुई। इससे निचलौल से टीकर तक के यात्रियों की समस्या और बढ़ गई।
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बस सेवा बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली छात्रों को उठानी पड़ रही है। सुबह और शाम के समय ऑटो में इतनी भीड़ होती है कि लोग दरवाजे और पीछे लटककर सफर करने को मजबूर हो जाते हैं। यही नहीं इतने महत्वपूर्ण मार्ग पर शाम 7 बजे के बाद कोई साधन नहीं मिलता है, जिससे राहगीरों को यात्रा करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार मनमाना किराया वसूली व सीट को लेकर ऑटो चालक और यात्रियों के बीच विवाद भी हो जाता है।
बावजूद इसके मजबूरी ऐसी है कि लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश हैं। रामभवन, एहतेशाम, बजरंगी, रामखेलावन इत्यादि कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि बस सेवा बंद होने के बाद ऑटो चालकों की मनमानी बढ़ गई है। पहले जहां कम किराए में लोग आसानी से यात्रा कर लेते थे, अब उसी दूरी के लिए दोगुना तक किराया देना पड़ रहा है।
कोई निर्धारित किराया सूची न होने से चालक अपनी मर्जी से पैसे वसूल रहे हैं। विरोध करने पर यात्रियों से अभद्रता तक की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
वर्जन
बसों, ड्राइवरों और चालकों की अनुपलब्धता के कारण सेवा बंद की गई थी। बसों की डिमांड की गई है। उसके पूरा होते ही इस रूट पर सेवा बहाल कर दी जाएगी।
-सर्वजीत वर्मा, एआरएम, महराजगंज डिपो
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यदि इस मार्ग पर नियमित सरकारी बस सेवा बहाल कर दी जाएं तो हजारों लोगों को राहत मिल सकती है। परिवहन विभाग और जिला प्रशासन को तत्काल बस संचालन शुरू कराना चाहिए।
-शैलेंद्र धर दुबे, सेखुई
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यह मार्ग जिले के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक की आवाजाही का प्रमुख रास्ता है। इसके बाद भी यह बदहाल स्थिति में है। जिम्मेदार लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों से इस पर तत्काल ध्यान देना की अपेक्षा है।
-शशिकांत पांडेय
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पहले इस रूट से होकर निचलौल तक चलाई गई रोडवेज की बस से स्थानीय लोगों को काफी सहूलियत थी। इस क्षेत्र के लोग जिला मुख्यालय होते हुए दूर-दराज तक आसानी से चले जाते थे। इसके बंद होने से परेशानी बढ़ गई है।
-कुलदीप चौधरी, सेखुई बाजार चौराहा
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ऑटो चालकों में मनमाना किराया वसूलने और क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने का आरोप
मिठौरा। महराजगंज से निचलौल वाया चौक रोडवेज की नियमित बस सेवा बंद होने से हजारों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। लोगों को मजबूरी में ओवरलोड ऑटो और व्यावसायिक वाहनों से सफर करना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। साथ ही क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बता दें कि यह मार्ग केवल आम लोगों के लिए ही नहीं बल्कि जिले के कई आला अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों और व्यापारियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रतिदिन हजारों लोग इसी रास्ते से जिला मुख्यालय और अन्य कस्बों-शहरों तक आते-जाते हैं लेकिन बस सेवा ठप होने से अब लोगों की यात्रा बेहद कठिन हो गई है।
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ग्रामीणों के अनुसार, शुरुआत में निचलौल-चौक-महराजगंज होकर गोरखपुर तक दो सरकारी बसों का संचालन किया गया था। सुबह के समय चलने वाली इन बसों से लोगों को काफी राहत मिली थी। छात्र, मरीज, नौकरी-पेशा लोग और व्यापारी आसानी से समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच जाते थे लेकिन कुछ ही दिनों बाद इन बसों का संचालन अचानक बंद कर दिया गया। इसके बाद टीकर चौराहे से केवल सुबह के समय एक बस चलनी शुरू हुई। इससे निचलौल से टीकर तक के यात्रियों की समस्या और बढ़ गई।
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बस सेवा बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली छात्रों को उठानी पड़ रही है। सुबह और शाम के समय ऑटो में इतनी भीड़ होती है कि लोग दरवाजे और पीछे लटककर सफर करने को मजबूर हो जाते हैं। यही नहीं इतने महत्वपूर्ण मार्ग पर शाम 7 बजे के बाद कोई साधन नहीं मिलता है, जिससे राहगीरों को यात्रा करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार मनमाना किराया वसूली व सीट को लेकर ऑटो चालक और यात्रियों के बीच विवाद भी हो जाता है।
बावजूद इसके मजबूरी ऐसी है कि लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश हैं। रामभवन, एहतेशाम, बजरंगी, रामखेलावन इत्यादि कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि बस सेवा बंद होने के बाद ऑटो चालकों की मनमानी बढ़ गई है। पहले जहां कम किराए में लोग आसानी से यात्रा कर लेते थे, अब उसी दूरी के लिए दोगुना तक किराया देना पड़ रहा है।
कोई निर्धारित किराया सूची न होने से चालक अपनी मर्जी से पैसे वसूल रहे हैं। विरोध करने पर यात्रियों से अभद्रता तक की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
वर्जन
बसों, ड्राइवरों और चालकों की अनुपलब्धता के कारण सेवा बंद की गई थी। बसों की डिमांड की गई है। उसके पूरा होते ही इस रूट पर सेवा बहाल कर दी जाएगी।
-सर्वजीत वर्मा, एआरएम, महराजगंज डिपो
यदि इस मार्ग पर नियमित सरकारी बस सेवा बहाल कर दी जाएं तो हजारों लोगों को राहत मिल सकती है। परिवहन विभाग और जिला प्रशासन को तत्काल बस संचालन शुरू कराना चाहिए।
-शैलेंद्र धर दुबे, सेखुई
यह मार्ग जिले के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक की आवाजाही का प्रमुख रास्ता है। इसके बाद भी यह बदहाल स्थिति में है। जिम्मेदार लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों से इस पर तत्काल ध्यान देना की अपेक्षा है।
-शशिकांत पांडेय
पहले इस रूट से होकर निचलौल तक चलाई गई रोडवेज की बस से स्थानीय लोगों को काफी सहूलियत थी। इस क्षेत्र के लोग जिला मुख्यालय होते हुए दूर-दराज तक आसानी से चले जाते थे। इसके बंद होने से परेशानी बढ़ गई है।
-कुलदीप चौधरी, सेखुई बाजार चौराहा