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Maharajganj News: छह जोड़ी एक्सप्रेस गाड़ियों का ठहराव न होने से यात्री परेशान
Tue, 03 Jun 2025 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 03 Jun 2025 01:00 AM IST
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सिसवा बाजार। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर छह एक्सप्रेस गाड़ियों का ठहराव न होने से यात्री व व्यापारी परेशान हैं। दिल्ली, पंजाब, लुधियाना समेत अन्य क्षेत्रों में आने-जाने में समस्या होती है।
कारोबारियों के अनुसार, गाड़ियों का ठहराव न होने के कारण सिसवा सहित आसपास के क्षेत्रों का व्यापार प्रभावित हुआ है। सिसवा रेलवे स्टेशन पर आठ जोड़ी एक्सप्रेस व चार जोड़ी पैसेंजर गाड़ियों का ठहराव है। गोरखपुर से नरकटियागंज रेल प्रखंड पर 15557-58 दरभंगा-अमृत भारत साप्ताहिक में दो दिन, 15529-30 सहरसा जनसाधारण एक्सप्रेस साप्ताहिक, 1409-10 सप्ताह मे तीन दिन, 15211-12 प्रतिदिन अप नहीं रूकती, 15655-56 कामाख्या साप्ताहिक व 12211-12 गरीब रथ एक दिन शुक्रवार चलने वाली 6 जोड़ी गाड़ियों का ठहराव न होने से यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
जबकि नेपाल बाॅर्डर से लेकर कुशीनगर जनपद के ग्राम खजुरी, बाजार, बंजारीपट्टी, कौआसार, ढोलहा सहित सैकड़ों गांव के लोग ट्रेन से यात्रा करने के लिए सिसवा रेलवे स्टेशन पर आते हैं। कपड़ा व्यवसायी महेंद्र अग्रवाल ने बताया कि खरीदारी के लिए अक्सर देश के कई प्रदेशों का यात्रा करना पड़ता पर यातायात के साधन के अभाव में व्यापारियों के सामने समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।
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मुकेश जायसवाल का कहना है कि गोरखपुर-नरकटियागंज रेल मार्ग पर चलने वाली कामख्या एक्सप्रेस अगर सिसवा रेलवे स्टेशन पर रूकती तो तीर्थ यात्रियों को काफी सुविधा रहती।
कृष्ण कुमार का कहना है कि रेडीमेड कपड़ों के लिए लुधियाना का जाना पड़ता है। पहले जननायक एक्सप्रेस से यात्रा करता था, लेकिन कोविड के बाद जब इस गाड़ी का संचालन शुरु हुआ तो अप गाड़ी का ठहराव रोक दिया गया।
अनिरुद्ध प्रसाद का कहना है कि काम के सिलसिले में कई प्रदेशों की यात्रा करनी पडती है। सीमित गाड़ियों के ठहराव के कारण कई समस्याओं का समाना करना पड़ता है, अगर सिसवा से होकर गुजरने वाली गाड़ियां रुकने लगे तो यात्रियों की संख्या और बढ़ जाएगी।
स्टेशन मास्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गोरखपुर-नरकटियागंज रेल मार्ग पर लंबी दूरी का ठहराव तो होना चाहिए, पर ये निर्णय उच्चाधिकारियों की ओर से लिया जाता है।
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कारोबारियों के अनुसार, गाड़ियों का ठहराव न होने के कारण सिसवा सहित आसपास के क्षेत्रों का व्यापार प्रभावित हुआ है। सिसवा रेलवे स्टेशन पर आठ जोड़ी एक्सप्रेस व चार जोड़ी पैसेंजर गाड़ियों का ठहराव है। गोरखपुर से नरकटियागंज रेल प्रखंड पर 15557-58 दरभंगा-अमृत भारत साप्ताहिक में दो दिन, 15529-30 सहरसा जनसाधारण एक्सप्रेस साप्ताहिक, 1409-10 सप्ताह मे तीन दिन, 15211-12 प्रतिदिन अप नहीं रूकती, 15655-56 कामाख्या साप्ताहिक व 12211-12 गरीब रथ एक दिन शुक्रवार चलने वाली 6 जोड़ी गाड़ियों का ठहराव न होने से यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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जबकि नेपाल बाॅर्डर से लेकर कुशीनगर जनपद के ग्राम खजुरी, बाजार, बंजारीपट्टी, कौआसार, ढोलहा सहित सैकड़ों गांव के लोग ट्रेन से यात्रा करने के लिए सिसवा रेलवे स्टेशन पर आते हैं। कपड़ा व्यवसायी महेंद्र अग्रवाल ने बताया कि खरीदारी के लिए अक्सर देश के कई प्रदेशों का यात्रा करना पड़ता पर यातायात के साधन के अभाव में व्यापारियों के सामने समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।
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मुकेश जायसवाल का कहना है कि गोरखपुर-नरकटियागंज रेल मार्ग पर चलने वाली कामख्या एक्सप्रेस अगर सिसवा रेलवे स्टेशन पर रूकती तो तीर्थ यात्रियों को काफी सुविधा रहती।
कृष्ण कुमार का कहना है कि रेडीमेड कपड़ों के लिए लुधियाना का जाना पड़ता है। पहले जननायक एक्सप्रेस से यात्रा करता था, लेकिन कोविड के बाद जब इस गाड़ी का संचालन शुरु हुआ तो अप गाड़ी का ठहराव रोक दिया गया।
अनिरुद्ध प्रसाद का कहना है कि काम के सिलसिले में कई प्रदेशों की यात्रा करनी पडती है। सीमित गाड़ियों के ठहराव के कारण कई समस्याओं का समाना करना पड़ता है, अगर सिसवा से होकर गुजरने वाली गाड़ियां रुकने लगे तो यात्रियों की संख्या और बढ़ जाएगी।
स्टेशन मास्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गोरखपुर-नरकटियागंज रेल मार्ग पर लंबी दूरी का ठहराव तो होना चाहिए, पर ये निर्णय उच्चाधिकारियों की ओर से लिया जाता है।