फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Paid more than the margin money

Maharajganj News: बीज ढुलाई में खेल...मार्जिन से अधिक कर दिया भुगतान

Mon, 21 Apr 2025 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Mon, 21 Apr 2025 01:08 AM IST
विज्ञापन
Paid more than the margin money
महराजगंज। कृषि विभाग में बीज ढुलाई के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है। इसमें नियम को दरकिनार कर अधिक मार्जिन का भुगतान कर जिम्मेदारों ने अपनी तिजोरी भर ली। अब मामले में लीपापोती कर खामियों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन

मामला वित्तीय वर्ष 2021-22 का है। 50 लाख की जगह दो करोड़ भुगतान कराने की शिकायत की गई थी। इसके बाद भी मामला फाइलों में दफन है।
मामले में परिवहन एवं पल्लेदारी परीक्षण आख्या गोरखपुर मंडल वर्ष 2021-22 की रिपोर्ट में तथ्यों को विस्तार से बताया गया है। वरिष्ठ संप्रेक्षा अधिकारी कृषि भवन लखनऊ की ओर से आठ सितंबर को 2022 को परीक्षण किया गया।
विज्ञापन

इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि प्रमाणित बीजों का क्रय-विक्रय पर मूल्य का नौ प्रतिशत मार्जिन प्राप्त होता है। जनपद में वर्ष 2021-22 में आपूर्ति किए गए बीजों से प्राप्त होने वाले परिवहन पल्लेदारी में मार्जिन से अधिक धनराशि की मांग की जा रही है। वर्ष 2021-22 में यह व्यय 44.80 प्रतिशत मार्जिन से अधिक है। परीक्षण में यह भी पता चला है कि वर्ष 2021-22 में ढुलाई पल्लेदारी के लिए 64 लाख के बिल का भुगतान किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

1.86 करोड़ से अधिक के बिल का भुगतान लंबित है। इस प्रकार वर्ष 2021-22 में 2.50 करोड़ रुपये की ढुलाई कराई गई। जबकि जनपद महराजगंज को आवंटित बीजों का मूल्य 5,58,21,499 रुपये का नौ प्रतिशत 50,23,934 रुपये ही होता है। इस तरह से 13,76,065 रुपये मार्जिन से अधिक का भुगतान किया गया। यह ढुलाई पल्लेदारी मार्जिन से अधिक है। पूरा व्यय 1,99,84,375 रुपये दर्शाया गया है।
परिपत्रों में दिए गए निर्देशों का पालन न होने से परिवहन पल्लेदारी का व्यय बहुत बढ़ गया। वर्ष 2021-22 में निविदा दरों की संस्तुति से पूर्व कृषि से संबंधित संस्थाओं उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम आदि की पल्लेदारी दरों को संज्ञान में नहीं लिया गया है। उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम की पल्लेदारी दर 6.50 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है। जबकि विभाग की दर 15 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 250 रुपये प्रति क्विंटल तक स्वीकृत की गई है। यह उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम की दर से अधिक है। परीक्षण के दौरान पाया गया कि परिवहन पल्लेदारी के प्रस्तुत बिलों पर संबंधित ठेकेदार की ओर से बिल संख्या व दिनांक अंकित नहीं की गई है। नियम के अनुसार अंकित होना चाहिए। इस पूरे मामले में कायदे कानून के बीच कहानी उलझी नजर आ रही है। इतना स्पष्ट हो रहा है कि नौ प्रतिशत की जगह पर 44.80 प्रतिशत भुगतान किया गया। सूत्रों की मानें तो पूरे खेल में लीपापोती शुरू हो गई।
नियम कानून की आड़ लेकर बचाव का प्रयास शुरू हो गया है। जिम्मेदार इस प्रकरण पर पर्दा डालने में लगे हैं। उधर, मंडलायुक्त को भेजे गए शिकायती पत्र में विभाग के कारनामों का विस्तृत जिक्र किया गया है। बिंदुवार दूरी में गड़बाड़झाले से लेकर रकम भुगतान की बात कही गई है।

कृषि निदेशालय उत्तर प्रदेश बीज एवं प्रक्षेत्र अनुभाग की ओर से जारी पत्र में संयुक्त कृषि निदेशक गोरखपुर मंडल को जांच करने का निर्देश दिया गया है। वर्ष 2021-22 में परिवहन पल्लेदारी के अनियमित बिलों के भुगतान व लंबित बिलों का परीक्षण कर रिपोर्ट देने का निर्देश है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed