फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Outrage over arbitrariness in construction of cow shelter

Maharajganj News: गो आश्रय के निर्माण में मनमानी से आक्रोश

Mon, 26 Feb 2024 07:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Mon, 26 Feb 2024 07:18 PM IST
विज्ञापन
Outrage over arbitrariness in construction of cow shelter
निचलौल। मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत मदनपुरा गांव के पूरब ताल में मनरेगा योजना के तहत लाखों की लागत से करीब साढ़े पांच एकड़ की भूमि पर गो-आश्रय स्थल का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण में जिम्मेदारों की ओर से मनमानी की जा रही है। ऐसे में ग्रामीणों में आक्रोश है। सोमवार को ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर जिम्मेदारों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की। जांच न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
विज्ञापन


ग्रामीण रामकरन पटेल, कमलावती, ऊषा देवी, कोमल आदि ने कहा कि शासन गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। ताकि गोवंश की सुरक्षा के साथ ही किसानों और जनमानस को छुट्टा गोवंश से किसी प्रकार की दिक्कत न हो। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते जमीनी स्तर पर इस समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। आगे इन लोगों ने बताया की गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गांव के पूरब मुख्य सड़क से सटे चारागाह की करीब साढ़े पांच एकड़ भूमि पर मनरेगा योजना के तहत अस्थाई गो आश्रय स्थल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन

विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते जिम्मेदार मानकों को ताक पर रखकर निर्माण चल रहा है। इतना ही नहीं निर्माण कार्य में गांव के मजदूरों को भी रोजगार नहीं दिया जा रहा है। रोजाना कार्यस्थल पर छह से आठ मजदूर लगाकर मस्टरोल में 40 से 50 मजदूरों की हाजिरी लगाई जा रही है। कार्यस्थल पर निर्माण कार्य का जिम्मेदारों ने बोर्ड तो लगाया है, लेकिन बजट नहीं दर्शाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास ने कहा की जिम्मेदारों को मनरेगा मजदूरों से कार्य कराने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कराने के लिए सख्त निर्देश दिया गया है। अगर जिम्मेदारों की ओर से मनमानी करते हुए लापरवाही की जा रही है तो निर्माण कार्य की जल्द जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।




चार वर्ष पहले भी गो-आश्रय पर 10 लाख रुपये हुए थे खर्च



ग्रामीणों ने कहा कि गोवंशों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बीते चार वर्ष पहले भी करीब 10 लाख रुपये खर्च कर जिम्मेदारों की ओर से उक्त भूमि पर गो आश्रय का निर्माण कराया गया था। उस वक्त भी जिम्मेदारों ने निर्माण कार्य में खूब मनमानी की थी। यही कारण है कि 10 लाख रुपये खर्च कर ताल में बने गो आश्रय स्थल का उपयोग नहीं हो सका। बरसात के दिनों में गो आश्रय जलमग्न हो जाता है। उक्त गो आश्रय धीरे-धीरे जर्जर हो गई। गो आश्रय की मरम्मत के नाम पर भी जिम्मेदारों ने मोटी रकम खर्च कर बंदरबांट करने में जुट गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed