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Maharajganj News: निपुण व वार्षिक अंक से होगा आउट ऑफ स्कूल निर्धारण
Fri, 06 Jun 2025 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 06 Jun 2025 12:49 AM IST
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महराजगंज। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में छह से 14 वर्ष आयु के विद्यार्थियों के आउट ऑफ स्कूल निर्धारण में बदलाव किया गया है। अब एक शैक्षिक सत्र में 30 दिनों से अधिक अनुपस्थित होने और वार्षिक परीक्षा या निपुण असेसमेंट टेस्ट (नैट) में 35 फीसदी से कम अंक आने पर विद्यार्थी को इस श्रेणी में माना जाएगा।
विद्यार्थियाें के नियमित स्कूल के लिए अभियान चलाया जाएगा। जिले के 1705 परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थी की उपस्थिति बढ़ाने और ड्रॉप आउट को कम करने के उद्देश्य से बदलाव किया गया है। अब तक आउट ऑफ स्कूल 45 दिनों तक नियमित विद्यालय न आने वाले या फिर किसी विद्यालय में नामांकित न होने वाले विद्यार्थी को ही माना जाता रहा। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, परीक्षा के अंक से भी पता चल सकेगा कि विद्यार्थी विद्यालय आते हैं या नहीं
साथ ही चिह्नित विद्यार्थियों को विद्यालय लाने की विशेष पहल भी प्रभावी की गई है। विद्यार्थी बिना कारण तीन दिन अनुपस्थित रहता है तो स्कूल से बुलावा टोली घर जाकर संपर्क करेगी। उपस्थिति बढ़ाने व ड्रॉप आउट कम करने के साथ ही बच्चे के लिए उपचारात्मक कक्षाएं भी चलेंगी। कोई विद्यार्थी एक सप्ताह से ज्यादा अनुपस्थित रहता है तो प्रधानाध्यापक उसके घर जाकर संपर्क करेंगे। स्कूल वापस आने तक लगातार फॉलोअप भी करेंगे।
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विद्यार्थियाें के नियमित स्कूल के लिए अभियान चलाया जाएगा। जिले के 1705 परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थी की उपस्थिति बढ़ाने और ड्रॉप आउट को कम करने के उद्देश्य से बदलाव किया गया है। अब तक आउट ऑफ स्कूल 45 दिनों तक नियमित विद्यालय न आने वाले या फिर किसी विद्यालय में नामांकित न होने वाले विद्यार्थी को ही माना जाता रहा। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, परीक्षा के अंक से भी पता चल सकेगा कि विद्यार्थी विद्यालय आते हैं या नहीं
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साथ ही चिह्नित विद्यार्थियों को विद्यालय लाने की विशेष पहल भी प्रभावी की गई है। विद्यार्थी बिना कारण तीन दिन अनुपस्थित रहता है तो स्कूल से बुलावा टोली घर जाकर संपर्क करेगी। उपस्थिति बढ़ाने व ड्रॉप आउट कम करने के साथ ही बच्चे के लिए उपचारात्मक कक्षाएं भी चलेंगी। कोई विद्यार्थी एक सप्ताह से ज्यादा अनुपस्थित रहता है तो प्रधानाध्यापक उसके घर जाकर संपर्क करेंगे। स्कूल वापस आने तक लगातार फॉलोअप भी करेंगे।
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