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Maharajganj News: छह लाख उपभोक्ताओं की नहीं हो पाई ई-केवाईसी, गैस सुविधा लॉक

Tue, 06 Oct 2026 01:53 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2026 01:53 AM IST
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Out of 6.28 lakh consumers in the district, 28725 have done e-KYC
महराजगंज। जिले में करीब छह लाख रसोई गैस उपभोक्ताओं की सिलिंडर बुकिंग इस माह से बंद कर दी गई है। ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण पेट्रोलियम कंपनियों ने यह कदम उठाया है। इससे सामान्य सब्सिडी और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कनेक्शन धारक प्रभावित हुए हैं।
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पूर्ति कार्यालय के अनुसार, जिले में कुल 6.28 लाख पंजीकृत गैस कनेक्शन हैं। इनमें 3.74 लाख सामान्य सब्सिडी वाले और 2.54 लाख उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता हैं। 30 सितंबर तक केवल 28,725 उपभोक्ताओं ने ही ई-केवाईसी कराया था। ऐसे में पांच लाख 99 हजार 275 उपभोक्ताओं की बुकिंग एक अक्तूबर से रोक दी गई है। अब केवल ई-केवाईसी पूरी करने वालों को ही सब्सिडी युक्त सिलिंडर मिलेंगे।
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जिनकी ई-केवाईसी नहीं हुई, वे ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं कर सकते। उनके पास 4500 रुपये में 10 किलो भार वाला सिलिंडर खरीदने का विकल्प है। एक अक्तूबर से विनियमित खुदरा बिक्री मूल्य पर सब्सिडी युक्त सिलिंडर की बुकिंग के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने दो माह पहले ही एजेंसियों को निर्देश दिए थे।
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ई-केवाईसी क्यों जरूरी
सरकार ने बायोमीट्रिक ई-केवाईसी को अनिवार्य किया है। इसका उद्देश्य एक ही व्यक्ति के कई कनेक्शन रोकना है। फर्जी कनेक्शन और मृत व्यक्तियों के नाम पर सब्सिडी रोकने के लिए भी यह जरूरी है। इंडेन गैस एजेंसी प्रोपराइटर चंद्रजीत भारती ने ऐसे मामले सामने आने की बात कही। मुख्यालय की इंडेन एजेंसी पर 30 हजार में से सिर्फ सात हजार उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी हुई।


उपभोक्ता लगा रहे चक्कर
पूर्ति विभाग और गैस एजेंसी संचालकों ने उपभोक्ताओं को जागरूक करने में गंभीरता नहीं दिखाई। जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय ने एजेंसियों को फोन और मैसेज से सूचित करने का निर्देश दिया था। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति खराब है। ई-केवाईसी मशीनें होने के बावजूद स्टाफ ने सत्यापन नहीं किया। अब बुकिंग बंद होने पर उपभोक्ता एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं।
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बोले प्रभावित लोग-पिछले 10 साल से कनेक्शन है। कभी कोई सूचना नहीं आई कि ई-केवाईसी कराना है। अब एजेंसी पर गया तो कहा गया कि आपका कनेक्शन ब्लॉक हो गया है। दो दिन से चक्कर काट रहा हूं, सर्वर नहीं है कहकर लौटा देते हैं।
- पशुपतिनाथ गुप्ता, उपभोक्ता, महराजगंज
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उज्ज्वला योजना का कनेक्शन है। 300 रुपये सब्सिडी मिलती थी। इस बार बुकिंग करने पर मैसेज आया कि ई-केवाईसी कराएं। गांव में किसी को पता ही नहीं कि यह कहां होगा। एजेंसी वाले ठीक से बताते भी नहीं।
- श्रवण कुमार मद्धेशिया, उपभोक्ता, पड़री, महराजगंज

मैं सामान्य सिलेंडर का कनेक्शनधारी हूं। 62 रुपये सब्सिडी तो वैसे भी कम थी, अब उसके लिए भी ई-केवाईसी के नाम पर परेशान किया जा रहा है। सरकार को चाहिए था कि घर-घर जाकर यह काम कराती। यह एक तरह से धोखाधड़ी है।
- कृष्ण मोहन गुप्ता, सीएससी संचालक, महराजगंज
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मेरे परिवार में तीन कनेक्शन हैं। एक की ई-केवाईसी हो गई, दो की नहीं हो सकी। एजेंसी पर भीड़ लगी है। अगर सिलेंडर नहीं मिला तो दीपावली कैसे मनेगी। एजेंसियों की लापरवाही का खामियाजा हम भुगतेंगे।

- बागेश्वर सिंह, नेहरू नगर, महराजगंज।
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बोले अधिकारी-
ई-केवाइसी पेट्रोलियम मंत्रालय व कंपनियों का आपसी मामला है। इसमें विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं है। जिन उपभोक्ताओं को उज्जवला या सामान्य सब्सिडी वाले सिलेंडर प्राप्त हो रहे थे उन्हें भी लाभ जारी रखने के लिए ई-केवाइसी करनी चाहिए थी। इसके लिए सभी गैस एजेंसियों पर दो माह से प्रक्रिया प्रभावी थी, बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने ऐसा नहीं किया। कंपनियां ई-केवाइसी न कराने वालों की बुकिंग पहली अक्तूबर से ब्लॉक कर दिया है।
- संतोष शाही, जिला पूर्ति अधिकारी
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