{"_id":"6a175d9ff3ef51c3380c02a7","slug":"one-thousand-cusecs-of-water-was-released-into-the-canals-with-assurance-of-releasing-another-five-thousand-cusecs-maharajganj-news-c-206-1-mhg1001-178088-2026-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: नहरों में एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा, पांच हजार क्यूसेक और छोड़ने का आश्वासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: नहरों में एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा, पांच हजार क्यूसेक और छोड़ने का आश्वासन
विज्ञापन
महराजगंज। नहर के पानी से सिंचाई करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही किसानों को पानी मिल जाएगा। जनपद की नहरों में एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। वहीं पांच हजार क्यूसेक पानी दो दिन बाद छोड़ने का आश्वासन दिया गया है।
जिले में अधिकतर लोग खेती से जुड़े हैं। डीजल की किल्लत से इस समय किसानों पर खेत की सिंचाई का संकट चल रहा है। किसान अपने खेतों की समय से सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। नहर में भी पानी आने में भी देरी हो रही है। इससे किसान चिंतित थे। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में 1089 किलोमीटर नहरों का जाल है। इससे जिले के 1.14 लाख किसान सिंचाई का लाभ लेते हैं।
पानी मिलने से इन किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा। किसानों ने कहा कि समय-समय पर नहरों में पानी मिलता तो समस्या नहीं होती लेकिन नहरों में पानी देर से मिलने से परेशानी होती है। इस समय गन्ने की सिंचाई के अलावा धान की नर्सरी व सब्जी की खेती के लिए सिंचाई जरूरी है लेकिन नहर में पानी न होने से फसलों की सिंचाई में देरी हो रही है। इससे पैदावार कम होने की आशंका है।
विज्ञापन
अधिशासी अभियंता वीके वर्मा ने बताया कि जिले में एक हजार क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ दिया गया है। दो दिन बाद पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की उम्मीद है।
विज्ञापन
जिले में अधिकतर लोग खेती से जुड़े हैं। डीजल की किल्लत से इस समय किसानों पर खेत की सिंचाई का संकट चल रहा है। किसान अपने खेतों की समय से सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। नहर में भी पानी आने में भी देरी हो रही है। इससे किसान चिंतित थे। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में 1089 किलोमीटर नहरों का जाल है। इससे जिले के 1.14 लाख किसान सिंचाई का लाभ लेते हैं।
विज्ञापन
पानी मिलने से इन किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा। किसानों ने कहा कि समय-समय पर नहरों में पानी मिलता तो समस्या नहीं होती लेकिन नहरों में पानी देर से मिलने से परेशानी होती है। इस समय गन्ने की सिंचाई के अलावा धान की नर्सरी व सब्जी की खेती के लिए सिंचाई जरूरी है लेकिन नहर में पानी न होने से फसलों की सिंचाई में देरी हो रही है। इससे पैदावार कम होने की आशंका है।
विज्ञापन
अधिशासी अभियंता वीके वर्मा ने बताया कि जिले में एक हजार क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ दिया गया है। दो दिन बाद पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की उम्मीद है।