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तेल में मिलावट : मुनाफे के लिए ठगों की सेहत से खेल कर रहे धंधेबाज

Wed, 10 Sep 2025 02:32 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 02:32 AM IST
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Oil adulteration: Businessmen are playing with the health of thugs for profit
दुकानों पर बिक रहा तेल।
महराजगंज। जिले में तेल में मिलावट का खेल हो रहा है। बीते दिनों आई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। कम लागत में अधिक मुनाफे के चक्कर में धंधेबाज ऐसा कर रहे हैं। बाजार में बिकने वाला तेल शुद्ध है या नहीं इसकी गारंटी लेना मुश्किल है। खरीदारी में स्वयं ही जागरूक होकर देखना पड़ेगा। मिलावटी तेल खाने से लोगों की सेहत भी प्रभावित हो रही है। तीन कारोबारियों पर जुर्माना भी लग चुका है।
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सूत्रों की मानें तो जिले में शुद्ध सरसों के तेल के नाम पर मिलावट का खेल चल रहा है। रोजाना 40 से 50 हजार लीटर की खपत हो रही है। सस्ते में बिकने वाला सरसों का तेल बीमारी का कारण बन रहा है। खराब सरसों के तेल की वजह से पेट संबंधी बीमारियां बढ़ गई हैं। शुद्ध सरसों के तेल के बारे में शहर में एक कारोबारी ने बताया कि सरसों खरीदकर पेराई कराने के बाद तेल बेचा जाता है। उन्होंने बताया कि एक क्विंटल में दो हजार रुपये का फायदा होता है। एक क्विंटल सरसों की पेराई कराने में 40 किलो यानी 44 लीटर शुद्ध तेल मिलता है। एक क्विंटल में करीब दो हजार रुपये की खली निकल जाती है। शुद्ध सरसों का तेल 180 रुपये लीटर और 200 रुपये किलो बिकता है। सूत्रों की माने तो धंधेबाज पॉम ऑयल युक्त सरसों तेल बल्क में पहुंचा रहे हैं। मिलावटी सरसों तेल की खपत होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर ज्यादा होती है। बाजार में खुले में 140 से 150 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला सरसों तेल टिन के डिब्बे में 160-165 रुपये लीटर मिल रहा है। इसमें कारोबारियों की अच्छी बचत हो रही है। अधिकतर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर ब्रांडेड सरसों तेल का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। खुले या टिन के डिब्बे में आने वाले तेल का ही उपयोग किया जा रहा है, जिसके सेवन से ग्राहकों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।
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सूत्रों की मानें तो धंधेबाज सिर्फ सरसों तेल के तेल में ही नहीं सोयाबीन, राइसब्रॉन, सूरजमुखी, मूंगफली आदि तेलों में भी मिलावट करते हैं।
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