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Maharajganj News: एक माह में 300 कम हुई अति कुपोषित बच्चों की संख्या
Sat, 14 Dec 2024 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 14 Dec 2024 11:45 PM IST
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पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चे।
महराजगंज। कुपोषण से बच्चे जंग जीत सकें इसके लिए स्वास्थ्य व बाल विकास विभाग जुटा हुआ है। अगस्त में अति कुपोषित बच्चों की संख्या 2773 थी, जो 15 अक्तूबर तक घटकर 2473 तक पहुंच गई है। अगस्त के मुकाबले इसमें 300 की कमी आई है। इसी प्रकार कुपोषित बच्चों की संख्या 10474 जो 9050 के निकट पहुंच चुकी है। उत्साहजनक परिणाम के बाद विभाग ने जिले में कुपोषण दूर करने के प्रयासों में और तेजी लाने का निर्णय लिया है।
बाल विकास विभाग कुपोषण मुक्त अभियान के तहत सभी ग्राम पंचायतों में विशेष मुहिम चला रहा है। लोगों को जागरूक कर उन्हें महत्वपूर्ण जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दे रही हैं। साथ ही पूर्व में कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त अनाज के अलावा अधिक गंभीर बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भी भर्ती कराया जा रहा है। इन प्रयासों के चलते स्थिति में सुधार हुआ है। सर्वे के बाद कुपोषित अतिकुपोषित पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे परिवार वालों को विभाग क्षेत्रीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से निगरानी करवा रहा है। प्रति सप्ताह बच्चों के वजन लेने के साथ-साथ बच्चों को खाने के लिए क्या दें और क्या न दें इसपर विशेष ध्यान देकर कार्यकर्ता अभिभावकों को जानकारी भी देते हैं जिससे परिणाम तेजी से बदल रहे हैं और विभाग आशाजनक परिणाम से इसे उपलब्धि के तौर पर देख रहा है।
बाल विकास कार्यालय के मुताबिक अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य बच्चों की तुलना में अतिरिक्त खाद्यान्न दिया जाता है। अति कुपोषित बच्चों को गेहूं दलिया डेढ़ किलो, चावल डेढ़ किलो, दाल दो किलो, खाद्य तेल 455 ग्राम दिया जाता है। इससे बच्चों में कुपोषण दूर करने में मदद मिलती है और बच्चों को भरपूर पोषण मिलता है।
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विभाग लगातार अभियान चला रहा है। कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए अतिरिक्त पोषण युक्त अनाज उपलब्ध कराने के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की मदद से निगरानी की जा रही है। सार्थक परिणाम मिलने से विभाग का हौसला बढ़ा है।
-दुर्गेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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बाल विकास विभाग कुपोषण मुक्त अभियान के तहत सभी ग्राम पंचायतों में विशेष मुहिम चला रहा है। लोगों को जागरूक कर उन्हें महत्वपूर्ण जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दे रही हैं। साथ ही पूर्व में कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त अनाज के अलावा अधिक गंभीर बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भी भर्ती कराया जा रहा है। इन प्रयासों के चलते स्थिति में सुधार हुआ है। सर्वे के बाद कुपोषित अतिकुपोषित पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे परिवार वालों को विभाग क्षेत्रीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से निगरानी करवा रहा है। प्रति सप्ताह बच्चों के वजन लेने के साथ-साथ बच्चों को खाने के लिए क्या दें और क्या न दें इसपर विशेष ध्यान देकर कार्यकर्ता अभिभावकों को जानकारी भी देते हैं जिससे परिणाम तेजी से बदल रहे हैं और विभाग आशाजनक परिणाम से इसे उपलब्धि के तौर पर देख रहा है।
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बाल विकास कार्यालय के मुताबिक अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य बच्चों की तुलना में अतिरिक्त खाद्यान्न दिया जाता है। अति कुपोषित बच्चों को गेहूं दलिया डेढ़ किलो, चावल डेढ़ किलो, दाल दो किलो, खाद्य तेल 455 ग्राम दिया जाता है। इससे बच्चों में कुपोषण दूर करने में मदद मिलती है और बच्चों को भरपूर पोषण मिलता है।
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विभाग लगातार अभियान चला रहा है। कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए अतिरिक्त पोषण युक्त अनाज उपलब्ध कराने के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की मदद से निगरानी की जा रही है। सार्थक परिणाम मिलने से विभाग का हौसला बढ़ा है।
-दुर्गेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी