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Maharajganj News: अब पीएचसी में भी होगी मलेरिया की जांच
Sun, 02 Feb 2025 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 02 Feb 2025 01:17 AM IST
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महराजगंज। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मलेरिया जांच की सुविधा मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से केंद्रों पर जांच किट उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।
जिले में 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जांच की व्यवस्था बेहतर करने के लिए विभाग की ओर से हर संभव कोशिश की जा रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि आने वाले दिनों में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच कीट उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लोगों को घर के नजदीक ही जांच की सुविधा मिल जाएगी। इसके लिए व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने बताया कि चार से आठ घंटे के चक्र में बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, ठंड लगना, पसीना आना और मिचली व उल्टी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य कर्मी से संपर्क करें। उनकी मदद से प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखा कर उनकी सलाह पर मलेरिया की जांच कराई जानी चाहिए। मच्छरों से बचाव और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच और इलाज मलेरिया से बचाव का बेहतर उपाय है। समय से जांच व इलाज न होने से मलेरिया जानलेवा हो सकता है।
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मलेरिया की दवा बीच में नहीं छोड़नी है। लक्षण समाप्त होने पर भी मलेरिया का पूरा इलाज करवाना है। जिला अस्पताल समेत स्वास्थ्य केंद्रों पर मलेरिया की जांच नि:शुल्क है। मलेरिया में परजीवी संक्रमण और लाल रक्त कोशिकाओं के नष्ट होने के कारण थकान की वजह से एनीमिया, दौरा या चेतना की हानि की स्थिति बन जाती है। सेरिब्रल मलेरिया में परजीवी रक्त के जरिये मस्तिष्क तक पहुंच जाते हैं और यह शरीर के अन्य अंगों में भी पहुंचकर हानि पहुंचाते हैं। गर्भावस्था में मलेरिया का होना गर्भवती के साथ-साथ भ्रूण और नवजात के लिए भी खतरा है। मलेरिया मादा मच्छर एनोफीलिज के काटने से होता है।
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जिले में 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जांच की व्यवस्था बेहतर करने के लिए विभाग की ओर से हर संभव कोशिश की जा रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि आने वाले दिनों में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच कीट उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लोगों को घर के नजदीक ही जांच की सुविधा मिल जाएगी। इसके लिए व्यवस्था की जा रही है।
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उन्होंने बताया कि चार से आठ घंटे के चक्र में बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, ठंड लगना, पसीना आना और मिचली व उल्टी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य कर्मी से संपर्क करें। उनकी मदद से प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखा कर उनकी सलाह पर मलेरिया की जांच कराई जानी चाहिए। मच्छरों से बचाव और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच और इलाज मलेरिया से बचाव का बेहतर उपाय है। समय से जांच व इलाज न होने से मलेरिया जानलेवा हो सकता है।
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मलेरिया की दवा बीच में नहीं छोड़नी है। लक्षण समाप्त होने पर भी मलेरिया का पूरा इलाज करवाना है। जिला अस्पताल समेत स्वास्थ्य केंद्रों पर मलेरिया की जांच नि:शुल्क है। मलेरिया में परजीवी संक्रमण और लाल रक्त कोशिकाओं के नष्ट होने के कारण थकान की वजह से एनीमिया, दौरा या चेतना की हानि की स्थिति बन जाती है। सेरिब्रल मलेरिया में परजीवी रक्त के जरिये मस्तिष्क तक पहुंच जाते हैं और यह शरीर के अन्य अंगों में भी पहुंचकर हानि पहुंचाते हैं। गर्भावस्था में मलेरिया का होना गर्भवती के साथ-साथ भ्रूण और नवजात के लिए भी खतरा है। मलेरिया मादा मच्छर एनोफीलिज के काटने से होता है।