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Maharajganj News: जर्दी-डोमरा बांध की मरम्मत में लापरवाही, खतरे का अंदेशा
Fri, 05 Jul 2024 04:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 05 Jul 2024 04:55 AM IST
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जर्दी -डोमरा बांध पर चाय के दुकान के सामने रेनकट।
महराजगंज। पनियरा क्षेत्र के जर्दी डोमरा बंधे पर बारिश के बाद रेनकट देखकर क्षेत्र के लोग भयभीत हैं। बंधे के किनारे बसे लोगों को चिंता है की कहीं पानी का दबाव बढ़ा तो तबाही हो सकती है। रोहिन नदी के किनारे बने 22.700 किलोमीटर लंबे अनंतपुर-लालाबड़हरा व जर्दी-डोमरा बांध पर जगह-जगह कट बने हैं, लेकिन सिंचाई विभाग की नजर में सब कुछ ठीक है।
बंधे के किनारे बसे ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के नाम पर बंधे पर जो मिट्टी डाली गई है वह बलुई मिट्टी है। इसे नदी के तट से ही निकाल कर बंधे पर भर दिया गया। इसके कारण पहली बारिश में ही रेनकट दिखने लगे हैं। इसे भरने में जिम्मेदार गंभीर नहीं दिख रहे हैं। जर्दी-डोमरा बांध पर आगे 0.150 मीटर पर काका चाय की दुकान के सामने बड़ा रेनकट दिखा। 0.300 मीटर पर आगे बढ़ने पर मिट्टी कटकर रास्ते से किनारे हो गई है। किलोमीटर 3.300 किमी बंधे पर आगे आने के बाद ग्राम पंचायत डोमरा खास में तो रेनकोट देख रोंगटे खड़े हो गए।
छोटेलाल के घर के सामने करीब तीन फुट गहरा रेनकट साथ ही जगदीश, शंभू व चंद्रिका के घर के सामने गहरे रेनकोट से बंधे में गहरी नाली बन गई है। ग्राम पंचायत डोमरा टोला अकटहवा में प्रदुम्मन सहानी, विनय व प्रमोद श्रीवास्तव मिले। इन लोगों ने बताया कि बंधा ही प्रमुख रास्ता है। जिस पर विभाग ने बलुई मिट्टी डाल दी है। बरसात होने पर कट कर नीचे की तरफ आ रही है और लोग बंधे पर नहीं जा पा रहे हैं।
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आगे 1.15 किमी जाने पर ग्राम पंचायत डोगरा खास में मिले ग्रामीणों ने जिम्मेदारों के प्रति नाराजगी जाहिर की। अच्छेलाल शर्मा, प्रदीप जायसवाल, बहादुर भारती, गणेश जायसवाल, फेंकू भारती, जगदीश जायसवाल, गोबरी निषाद, छांगुर भारती व जगदीश लाल ने बताया कि बंधे पर बलुई मिट्टी है, जिससे पहले ही बरसात में मिट्टी रेनकट होकर पानी के साथ बह जा रही है। घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बंधे में तीन फुट चार फुट तक का गहरा गड्ढा बन गया है। बंधे पर बाइक नहीं जा पा रही है।
सिंचाई खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता राजीव कपिल ने बताया कि बारिश में रेनकोट होना स्वाभाविक है। उसे भरवाया जा रहा है। बंधे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। संबंधित अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जब भी टूटा जर्दी-डोमरा बांध हुई भारी तबाही
पनियरा विकास खंड क्षेत्र में बहने वाली रोहिन नदी पर बना अनंतपुर-लालाबड़हरा व जर्दी-डोमरा बांध जब भी टूटा भारी तबाही हुई है। 2007 की घटना सबसे हृदय विदारक थी। एक नाव दुर्घटना में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें एक ही परिवार के छह लोग सवार थे। यह बांध 1982 में ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर के लठीअहवा के पास टूटा था। 1986 में बभनी व हरिश्चंद्र स्कूल के बीच में टूटा। 1989 में अनंतपुर मोथहीं में टूटा, वर्ष 1992 में हरखपुरा व अहिरौली के बीच टूटा। 2007 में चार जगह टूटा, जिसमें भारी जनहानि हुई। वर्ष 2017 में भी उक्त बांध तीन जगह टूटा और फसलें बर्बाद हुई थीं।
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बंधे के किनारे बसे ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के नाम पर बंधे पर जो मिट्टी डाली गई है वह बलुई मिट्टी है। इसे नदी के तट से ही निकाल कर बंधे पर भर दिया गया। इसके कारण पहली बारिश में ही रेनकट दिखने लगे हैं। इसे भरने में जिम्मेदार गंभीर नहीं दिख रहे हैं। जर्दी-डोमरा बांध पर आगे 0.150 मीटर पर काका चाय की दुकान के सामने बड़ा रेनकट दिखा। 0.300 मीटर पर आगे बढ़ने पर मिट्टी कटकर रास्ते से किनारे हो गई है। किलोमीटर 3.300 किमी बंधे पर आगे आने के बाद ग्राम पंचायत डोमरा खास में तो रेनकोट देख रोंगटे खड़े हो गए।
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छोटेलाल के घर के सामने करीब तीन फुट गहरा रेनकट साथ ही जगदीश, शंभू व चंद्रिका के घर के सामने गहरे रेनकोट से बंधे में गहरी नाली बन गई है। ग्राम पंचायत डोमरा टोला अकटहवा में प्रदुम्मन सहानी, विनय व प्रमोद श्रीवास्तव मिले। इन लोगों ने बताया कि बंधा ही प्रमुख रास्ता है। जिस पर विभाग ने बलुई मिट्टी डाल दी है। बरसात होने पर कट कर नीचे की तरफ आ रही है और लोग बंधे पर नहीं जा पा रहे हैं।
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आगे 1.15 किमी जाने पर ग्राम पंचायत डोगरा खास में मिले ग्रामीणों ने जिम्मेदारों के प्रति नाराजगी जाहिर की। अच्छेलाल शर्मा, प्रदीप जायसवाल, बहादुर भारती, गणेश जायसवाल, फेंकू भारती, जगदीश जायसवाल, गोबरी निषाद, छांगुर भारती व जगदीश लाल ने बताया कि बंधे पर बलुई मिट्टी है, जिससे पहले ही बरसात में मिट्टी रेनकट होकर पानी के साथ बह जा रही है। घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बंधे में तीन फुट चार फुट तक का गहरा गड्ढा बन गया है। बंधे पर बाइक नहीं जा पा रही है।
सिंचाई खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता राजीव कपिल ने बताया कि बारिश में रेनकोट होना स्वाभाविक है। उसे भरवाया जा रहा है। बंधे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। संबंधित अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जब भी टूटा जर्दी-डोमरा बांध हुई भारी तबाही
पनियरा विकास खंड क्षेत्र में बहने वाली रोहिन नदी पर बना अनंतपुर-लालाबड़हरा व जर्दी-डोमरा बांध जब भी टूटा भारी तबाही हुई है। 2007 की घटना सबसे हृदय विदारक थी। एक नाव दुर्घटना में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें एक ही परिवार के छह लोग सवार थे। यह बांध 1982 में ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर के लठीअहवा के पास टूटा था। 1986 में बभनी व हरिश्चंद्र स्कूल के बीच में टूटा। 1989 में अनंतपुर मोथहीं में टूटा, वर्ष 1992 में हरखपुरा व अहिरौली के बीच टूटा। 2007 में चार जगह टूटा, जिसमें भारी जनहानि हुई। वर्ष 2017 में भी उक्त बांध तीन जगह टूटा और फसलें बर्बाद हुई थीं।