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Maharajganj News: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नवजातों के लिए बनेगा एनबीएसयू
Sat, 25 Jan 2025 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 25 Jan 2025 12:42 AM IST
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महराजगंज। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में न्यू बॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट (एनबीएसयू) की स्थापना की जाएगी। इससे नवजात बच्चों को सांस लेने में दिक्कत, कमजोरी या अन्य गंभीर समस्या होने पर जिला अस्पताल रेफर करने की मजबूरी नहीं होगी। अब इन केंद्रों पर ही नवजात शिशुओं को आवश्यक उपचार मिल सकेगा।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में एसएनसीयू वार्ड पहले से ही उपलब्ध है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में एसएनसीयू की तैयारी अंतिम चरण में है। जिले के इन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पनियरा, रतनपुर, घुघली, धानी और बृजमनगंज में नवजात बच्चों के लिए एनबीएसयू वार्ड स्थापित किया जाएगा।
वर्तमान में सिसवा, मिठौरा, फरेंदा, लक्ष्मीपुर और परतावल में एनबीएसयू का संचालन होता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रसव के आंकड़े बताते हैं कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रोजाना औसतन 70 प्रसव होते हैं। इनमें से करीब 25 नवजात ऐसे होते हैं, जिनमें वजन कम, सांस लेने में कठिनाई, खून की कमी जैसी समस्याएं पाई जाती हैं। ऐसे दिक्कतों में अभी तक नवजातों को तत्काल जिला अस्पताल भेजना पड़ता है, लेकिन एनबीएसयू यूनिट की स्थापना के बाद स्थानीय सीएचसी पर ही उपचार मिलेगा।
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एनबीएसयू में नवजात और मां दोनों का ख्याल
एनबीएसयू में नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें रेडिएंट वार्मर फोटोथेरेपी मशीन, म्यूकस एक्सट्रैक्टर और अंबू बैग मशीन शामिल होंगी। यह उपकरण शिशु के शरीर का तापमान सामान्य रखने, पीलिया और सांस से जुड़ी समस्याओं का इलाज करने में मदद करेंगे। एक एनबीएसयू यूनिट के 24 घंटे संचालन के लिए तीन स्टाफ नर्स और एक केयर टेकर की आवश्यकता होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य महानिदेशालय को पत्र भेजा है। पर्याप्त स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित कर संचालन शुरू किया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में एसएनसीयू वार्ड पहले से ही उपलब्ध है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में एसएनसीयू की तैयारी अंतिम चरण में है। जिले के इन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पनियरा, रतनपुर, घुघली, धानी और बृजमनगंज में नवजात बच्चों के लिए एनबीएसयू वार्ड स्थापित किया जाएगा।
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वर्तमान में सिसवा, मिठौरा, फरेंदा, लक्ष्मीपुर और परतावल में एनबीएसयू का संचालन होता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रसव के आंकड़े बताते हैं कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रोजाना औसतन 70 प्रसव होते हैं। इनमें से करीब 25 नवजात ऐसे होते हैं, जिनमें वजन कम, सांस लेने में कठिनाई, खून की कमी जैसी समस्याएं पाई जाती हैं। ऐसे दिक्कतों में अभी तक नवजातों को तत्काल जिला अस्पताल भेजना पड़ता है, लेकिन एनबीएसयू यूनिट की स्थापना के बाद स्थानीय सीएचसी पर ही उपचार मिलेगा।
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एनबीएसयू में नवजात और मां दोनों का ख्याल
एनबीएसयू में नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें रेडिएंट वार्मर फोटोथेरेपी मशीन, म्यूकस एक्सट्रैक्टर और अंबू बैग मशीन शामिल होंगी। यह उपकरण शिशु के शरीर का तापमान सामान्य रखने, पीलिया और सांस से जुड़ी समस्याओं का इलाज करने में मदद करेंगे। एक एनबीएसयू यूनिट के 24 घंटे संचालन के लिए तीन स्टाफ नर्स और एक केयर टेकर की आवश्यकता होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य महानिदेशालय को पत्र भेजा है। पर्याप्त स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित कर संचालन शुरू किया जाएगा।