फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Narada Moha staged in Ramlila

Maharajganj News: रामलीला में नारद मोह का मंचन किया

Wed, 30 Oct 2024 01:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Wed, 30 Oct 2024 01:43 AM IST
विज्ञापन
Narada Moha staged in Ramlila
अड्डा बाजार। क्षेत्र के गांव चमैनियां उर्फ भेडही में रामलीला कह मंगलवार को शुरुआत हुई। पहले दिन कलाकारों ने नारद मोह का मंचन किया। भगवान विष्णु और महालक्ष्मी की झांकी लगाकर आरती से मंचन आरंभ हुआ। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। नारद रमणीक स्थान पर तपस्या करते हैं। उधर इंद्रासन डगमगाने लगता है। इंद्रदेव को गलतफहमी हो जाती है कि ऋषि विश्वामित्र की तपस्या से उनकी पदवी छिन सकती है।
विज्ञापन

उन्होंने कामदेव और अप्सराओं को विश्वामित्र की तपस्या भंग करने के लिए भेजा। अप्सराओं के विफल होने के बाद कामदेव ने जैसे ही अपना धनुष उठाया कि अचानक विश्वामित्र की आंखें खुल गई। श्राप के डर से कामदेव हार मानते हुए ऋषि के चरणों पर गिर पड़े। ऋषि नारद भगवान शंकर के पास पहुंचकर अहंकार में कामदेव पर विजय पाने की गाथा सुनाई। भगवान भोलेनाथ ने ब्रह्मा से इस बात की चर्चा नहीं करने की सलाह दी, लेकिन नारद ने ब्रह्मा से भी कह दिया। ब्रह्मदेव के मना करने पर भगवान विष्णु के पास पहुंच गए। नारद का अहंकार तोड़ने के मकसद से भगवान विष्णु ने एक माया का नगर बनाया। जहां के राजा का नाम शीलनिधि था। त्रिलोक भ्रमण करते नारद मायावी नगर में पहुंचे। राजा शीलनिधि ने नारद का सत्कार करके अपनी पुत्री विश्वमोहिनी की हस्तरेखा देखने का आग्रह किया। नारद राजकुमारी को देखकर मोहित हो गए। उनके मन में विश्व मोहिनी से विवाह करने की अभिलाषा जाग उठी। नारद भगवान विष्णु के पास पहुंचे। उन्हें हरि नाम से संबोधित करते हुए अपना रूप सुंदर बना देने का आग्रह किया। ताकि, स्वयंवर में उनका वरण हो जाए। भगवान ने नारद को बंदर का रूप दे दिया। स्वयंवर में बंदर रूपी नारद बार-बार विश्व मोहिनी के आगे पहुंच जाते कि उनके गले में वरमाला डाल दें। मंंचन का यह दृश्य देखकर दर्शक हंसी से लोटपोट हो गए। नारद के सामने ही विश्व मोहिनी ने भगवान विष्णु के गले में वरमाला डाल दी। जब नारद को अपने बंदर चेहरा की जानकारी हुआ तो विष्णु पर बहुत क्रोधित हुए। विश्वमोहिनी को महालक्ष्मी का अवतार होने की जानकारी होते ही पछताने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed