{"_id":"68cb176fefe8d4ec5b01dbcf","slug":"munnabhai-playing-with-the-lives-of-patients-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-159857-2025-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: मरीजों की जान से खेल रहे ‘मुन्नाभाई’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: मरीजों की जान से खेल रहे ‘मुन्नाभाई’
विज्ञापन
अस्पताल में जांच करने पहुंची टीम।
महराजगंज। निजी अस्पतालों में ‘’मुन्ना भाई’’ मरीजों की जान खतरे में डाल रहे हैं। बीते दिन निजी अस्पतालों में दो मरीजों की मौत हुई थी। कोल्हुई क्षेत्र के एक अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा हुआ तो फरेंदा कस्बे में भी एक अस्पताल में मौत हो गई। दोनों मामलों में अभी जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, जिले में पंजीकृत 103 अस्पताल हैं। जबकि शहर से लेकर गांव-गली तक कई अवैध क्लिनिक खुलेआम संचालित हो रहे हैं। इसमें कई जगह डॉक्टरों के नाम पर अप्रशिक्षित कर्मचारी मरीजों का इलाज कर रहे हैं। गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को भर्ती कर मुन्ना भाई खुद ही इलाज में जुट जाते हैं। बोर्ड पर डॉक्टर का नाम पढ़कर लोगों को लगता है की इलाज भी वही डॉक्टर कर रहे हैं लेकिन असल में वह वे डॉक्टर नहीं होते हैं जिनके नाम बोर्ड पर दर्ज होते हैं। वे नौसिखिया होते हैं। ज्यादातर निजी अस्पतालों में यह खेल चल रहा है। ऐसे डॉक्टर इलाज के दौरान मरीजों को मौत के मुंह में भेज रहे हैं।
तीन दिन पहले फरेंदा क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में मरीज की मौत हो गई। 14 सितंबर को एक महिला का पथरी का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो अस्पताल प्रबंधन ने उसे गोरखपुर रेफर कर दिया। रेफर के रास्ते में महिला की मौत हो गई। परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जमकर हंगामा किया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। इस प्रकरण में जांच चल रही है।
विज्ञापन
परिजनों का आरोप रहा कि ऑपरेशन अप्रशिक्षित ने कर दिया। यह कोई पहली घटना नहीं है। मई में भी फरेंदा के ही एक निजी हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई थी। उस्का थाना क्षेत्र के बुचहा बठिया गांव निवासी सीमा को रात करीब एक बजे प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, पहले बच्चे की मौत हो गई, फिर सीमा की हालत बिगड़ गई। आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से दोनों की जान चली गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया था।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, जिले में पंजीकृत 103 अस्पताल हैं। जबकि शहर से लेकर गांव-गली तक कई अवैध क्लिनिक खुलेआम संचालित हो रहे हैं। इसमें कई जगह डॉक्टरों के नाम पर अप्रशिक्षित कर्मचारी मरीजों का इलाज कर रहे हैं। गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को भर्ती कर मुन्ना भाई खुद ही इलाज में जुट जाते हैं। बोर्ड पर डॉक्टर का नाम पढ़कर लोगों को लगता है की इलाज भी वही डॉक्टर कर रहे हैं लेकिन असल में वह वे डॉक्टर नहीं होते हैं जिनके नाम बोर्ड पर दर्ज होते हैं। वे नौसिखिया होते हैं। ज्यादातर निजी अस्पतालों में यह खेल चल रहा है। ऐसे डॉक्टर इलाज के दौरान मरीजों को मौत के मुंह में भेज रहे हैं।
विज्ञापन
तीन दिन पहले फरेंदा क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में मरीज की मौत हो गई। 14 सितंबर को एक महिला का पथरी का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो अस्पताल प्रबंधन ने उसे गोरखपुर रेफर कर दिया। रेफर के रास्ते में महिला की मौत हो गई। परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जमकर हंगामा किया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। इस प्रकरण में जांच चल रही है।
विज्ञापन
परिजनों का आरोप रहा कि ऑपरेशन अप्रशिक्षित ने कर दिया। यह कोई पहली घटना नहीं है। मई में भी फरेंदा के ही एक निजी हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई थी। उस्का थाना क्षेत्र के बुचहा बठिया गांव निवासी सीमा को रात करीब एक बजे प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, पहले बच्चे की मौत हो गई, फिर सीमा की हालत बिगड़ गई। आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से दोनों की जान चली गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया था।