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Maharajganj News: देवरिया की मोहिनी द्विवेदी, लखनऊ के दीपक त्रिपाठी ने बाधा शमां
Tue, 13 Feb 2024 08:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 13 Feb 2024 08:41 PM IST
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महराजगंज। उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग की ओर मंगलवार को भारत नेपाल मैत्री महोत्सव जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में एसएसबी 22 वीं वाहिनी कमांडेंट शंकर सिंह, विशिष्ट अतिथि डॉ. पुष्पलता मंगल नगर पालिका परिषद अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन देवरिया की लोक कलाकार लोक गायक मोहिनी द्विवेदी ने एक प्रार्थना दिल की बेकार नहीं होगी पूरा है भरोसा मेरी हार नहीं होगी....भजन प्रस्तुत किया। वहीं अपने भोजपुरी लोकगीतों के माध्यम से दर्शकों के ऊपर पूरा प्रभाव पर प्रभाव बना लिया। मोहिनी द्विवेदी ने भोजपुरी लोक गायक-ए जी अमवा महुअवा के झूमे डरिया...प्रस्तुत कर दर्शकों की वाहवाही लूटी।
लखनऊ के लोक गायक दीपक त्रिपाठी ने-सब कुछ मिल जाए पर मैं ना मिली...की प्रस्तुति देकर मां की ममता को रेखांकित किया। लखनऊ की निधि श्रीवास्तव ने अपनी टीम के साथ-जन्मे अवध में राम मंगल गाओ री...व केसरिया रंग डाल रे कन्हैया...के माध्यम से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। नेपाल के काठमांडू से पधारे त्रिनेत्र सिंह राणा और लीजा के नेपाल लाखे नृत्य, नेपाली धीमे नृत्य, खाटू लोक नृत्य तथा खुखुरी लोक नृत्य ने सभी को प्रभावित किया।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक ऋषि, अजय उपाध्याय, आलोक रंजन त्रिपाठी, अनिल राय, डॉ. शांति शरण मिश्रा मौजूद रहे। एसएसबी कमांडेंट शंकर लाल सिंह ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच रोटी और बेटी का रिश्ता है। इन दोनों देशों की संस्कृतियों आपस में मिलती-जुलती है। दोनों देशों के बीच आपसी सामंजस्य बहुत पहले से ही बना नेपाल के साथ हमारे रिश्ते निश्चित रूप से पड़ोसी राज्य के रूप में दुनिया को आइना दिखा रहे हैं। प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्रा ने कहा कि लोक संस्कृति ही हमें समृद्धि बनाती है। इस तरह के मैत्री महोत्सव से दोनों देशों के बीच के रिश्ते मतबूत होंगे। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. पुष्प लता मंगल ने कहा कि ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक डॉ. राजेश अहिरवार ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
नृत्य प्रतियोगिता में शांभवी सिंह को प्रथम
महोत्सव में दो प्रतियोगिताएं हुई। नृत्य प्रतियोगिता में शांभवी सिंह को प्रथम, अर्चना वर्मा और जानकी जायसवाल को द्वितीय, आंचल मद्धेशिया को तृतीय स्थान मिला। जबकि गायन प्रतियोगिता में आस्था त्रिपाठी को प्रथम, ज्योति मधेशिया को द्वितीय और सूरज कुमार यादव को तृतीय स्थान मिला।
भारत-नेपाल संबंधों पर आयोजित हुई संगोष्ठी
महराजगंज। भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव के अंतर्गत मंच पर भारत-नेपाल संबंधों को लेकर अलग-अलग तरह के रिश्तों पर विस्तृत चर्चा की गई। डॉ. दिवाकर सिंह ने कहा कि भारत और नेपाल का रिश्ता सनातनी है, भारत नेपाल का रिश्ता आज का नहीं अति प्राचीन है भारत सदैव नेपाल के साथ खड़ा रहा है।
डॉ. शैलेंद्र उपाध्याय ने भारत-नेपाल के शैक्षिक परिवेश की परिस्थितियों को रेखांकित किया। संस्कृत के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ राजू शर्मा ने भारत और नेपाल की संस्कृतियों पर प्रकाश डाला। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के निदेशक सुदीप सिंह डॉ. अमित द्विवेदी, डॉ. विपिन यादव, डॉ. धर्मेंद्र सोनकर, डॉ. पीयूष जायसवाल, डॉ. मिथिलेश चौधरी मौजूद रहे।
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दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन देवरिया की लोक कलाकार लोक गायक मोहिनी द्विवेदी ने एक प्रार्थना दिल की बेकार नहीं होगी पूरा है भरोसा मेरी हार नहीं होगी....भजन प्रस्तुत किया। वहीं अपने भोजपुरी लोकगीतों के माध्यम से दर्शकों के ऊपर पूरा प्रभाव पर प्रभाव बना लिया। मोहिनी द्विवेदी ने भोजपुरी लोक गायक-ए जी अमवा महुअवा के झूमे डरिया...प्रस्तुत कर दर्शकों की वाहवाही लूटी।
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लखनऊ के लोक गायक दीपक त्रिपाठी ने-सब कुछ मिल जाए पर मैं ना मिली...की प्रस्तुति देकर मां की ममता को रेखांकित किया। लखनऊ की निधि श्रीवास्तव ने अपनी टीम के साथ-जन्मे अवध में राम मंगल गाओ री...व केसरिया रंग डाल रे कन्हैया...के माध्यम से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। नेपाल के काठमांडू से पधारे त्रिनेत्र सिंह राणा और लीजा के नेपाल लाखे नृत्य, नेपाली धीमे नृत्य, खाटू लोक नृत्य तथा खुखुरी लोक नृत्य ने सभी को प्रभावित किया।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक ऋषि, अजय उपाध्याय, आलोक रंजन त्रिपाठी, अनिल राय, डॉ. शांति शरण मिश्रा मौजूद रहे। एसएसबी कमांडेंट शंकर लाल सिंह ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच रोटी और बेटी का रिश्ता है। इन दोनों देशों की संस्कृतियों आपस में मिलती-जुलती है। दोनों देशों के बीच आपसी सामंजस्य बहुत पहले से ही बना नेपाल के साथ हमारे रिश्ते निश्चित रूप से पड़ोसी राज्य के रूप में दुनिया को आइना दिखा रहे हैं। प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्रा ने कहा कि लोक संस्कृति ही हमें समृद्धि बनाती है। इस तरह के मैत्री महोत्सव से दोनों देशों के बीच के रिश्ते मतबूत होंगे। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. पुष्प लता मंगल ने कहा कि ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक डॉ. राजेश अहिरवार ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
नृत्य प्रतियोगिता में शांभवी सिंह को प्रथम
महोत्सव में दो प्रतियोगिताएं हुई। नृत्य प्रतियोगिता में शांभवी सिंह को प्रथम, अर्चना वर्मा और जानकी जायसवाल को द्वितीय, आंचल मद्धेशिया को तृतीय स्थान मिला। जबकि गायन प्रतियोगिता में आस्था त्रिपाठी को प्रथम, ज्योति मधेशिया को द्वितीय और सूरज कुमार यादव को तृतीय स्थान मिला।
भारत-नेपाल संबंधों पर आयोजित हुई संगोष्ठी
महराजगंज। भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव के अंतर्गत मंच पर भारत-नेपाल संबंधों को लेकर अलग-अलग तरह के रिश्तों पर विस्तृत चर्चा की गई। डॉ. दिवाकर सिंह ने कहा कि भारत और नेपाल का रिश्ता सनातनी है, भारत नेपाल का रिश्ता आज का नहीं अति प्राचीन है भारत सदैव नेपाल के साथ खड़ा रहा है।
डॉ. शैलेंद्र उपाध्याय ने भारत-नेपाल के शैक्षिक परिवेश की परिस्थितियों को रेखांकित किया। संस्कृत के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ राजू शर्मा ने भारत और नेपाल की संस्कृतियों पर प्रकाश डाला। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के निदेशक सुदीप सिंह डॉ. अमित द्विवेदी, डॉ. विपिन यादव, डॉ. धर्मेंद्र सोनकर, डॉ. पीयूष जायसवाल, डॉ. मिथिलेश चौधरी मौजूद रहे।