नौतनवा। नगर के गौसिया मस्जिद में जश्ने गौसुलवरा की महफिल सजाई गई। इशा की नमाज के बाद महफिले मिलाद का आयोजन हुआ। इसकी शुरुआत मौलाना मोहम्मद रफीक ने की।
कारी वजूद आलम ने नाते मुस्तफा व हुजूर गौसे-ए-पाक की शान में नजराना पेश किया। इसके बाद आजमगढ़ से आए अशद आजमी ने नातिया कलाम ‘मदीने का मंजर हंसी किस कदर है मदीने में जाने को जी चाहता है’ पेश किया तो पूरा मौजूद लोग नारे तकवीर अल्लाहु अकबर के नारे लगाने लगे। मौलाना बिलाल ने कहा कि हजरत गौसे पाक इराक के जीलान में पैदा हुए। लेकिन पूरी दुनिया में उनकी चर्चा हो रही है। मौलाना अशफाक द्वारा फातेहा पढ़ा गया। इस मौके पर मुख्य रूप से हाफिज मौलाना अबरार, मौलाना कलामुद्दीन, मौलाना अब्दुल्लाह, पूर्व चेयरमैन गुड्डू खान, हाजी सैय्यद अफजाल आदि मौजूद रहे। संवाद