{"_id":"64b2f65837bee63a1b098799","slug":"midday-meal-crisis-for-three-lakh-children-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1022-1948-2023-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: तीन लाख बच्चों के दोपहर के भोजन पर संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: तीन लाख बच्चों के दोपहर के भोजन पर संकट
विज्ञापन
जनपद के 1812 विद्यालयों को नहीं मिल पाया है मार्च से मई माह का बजट
बेसिक शिक्षा विभाग पर कंवर्जन कास्ट का 6.50 करोड़ से अधिक बकाया
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले जिले के 2, 97,000 विद्यार्थियों के दोपहर के भोजन पर संकट आ गया है। मध्याह्न भोजन के लिए मिलने वाली कंवर्जन कास्ट की धनराशि मार्च माह से नहीं मिली है। ऐसे में राशन आदि उधार लेकर किसी तरह भोजन बनाया जा रहा है। हालांकि, अब दुकानदार उधार देने के लिए तैयार नहीं हैं। वहीं, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन का कहना है कि एक सप्ताह में धनराशि मिल जाएगी।
बताया जा रहा है कि मिड डे मील बनाने के लिए विद्यालयों को मार्च से मई माह तक का भुगतान नहीं मिला है। इस वजह से बेसिक शिक्षा विभाग पर कंवर्जन कास्ट का 6.50 करोड़ से अधिक का बकाया हो गया है। परिषदीय व अन्य विद्यालयों के रूप में चिह्नित 1812 प्रधानाध्यापक अपने पास से धन लगाकर बच्चों को एमडीएम उपलब्ध करा रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालय बेइलिया के प्रधानाध्यापक अशोक गुप्ता ने बताया कि समय से धनराशि न मिलने से दुकानदार बार-बार धन की मांग करते हैं, जिससे झेंप लगती है। प्राथमिक विद्यालय बेलवा तिवारी के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार ने कहा कि समय से कंवर्जन काॅस्ट का भुगतान हो जाए तो दुकानदारों की देनदारी नहीं रहेगी।
विज्ञापन
-- -
इन विद्यालयों में बनता है दोपहर का भोजन
जिले में जिन 1812 विद्यालयों में कंवर्जन कास्ट की धनराशि भेजी जा रही है, उनमें 1695 परिषदीय विद्यालय, 44 सहायता प्राप्त व राजकीय इंटर कॉलेज, 45 परिषदीय से सहायता प्राप्त, 21 मदरसा व सात समाज कल्याण के विद्यालय हैं।
-- -- -- -- -- -- -
कंवर्जन कास्ट की धनराशि प्राप्त हो गई है। मार्च से मई माह की कंवर्जन कास्ट के रूप में साढ़े छह करोड़ के भुगतान की दिशा में पहल प्रारंभ कर दी गई है। अगले सप्ताह तक धनराशि का भुगतान हो जाएगा।
- शैलेंद्र वर्मा, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग पर कंवर्जन कास्ट का 6.50 करोड़ से अधिक बकाया
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले जिले के 2, 97,000 विद्यार्थियों के दोपहर के भोजन पर संकट आ गया है। मध्याह्न भोजन के लिए मिलने वाली कंवर्जन कास्ट की धनराशि मार्च माह से नहीं मिली है। ऐसे में राशन आदि उधार लेकर किसी तरह भोजन बनाया जा रहा है। हालांकि, अब दुकानदार उधार देने के लिए तैयार नहीं हैं। वहीं, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन का कहना है कि एक सप्ताह में धनराशि मिल जाएगी।
बताया जा रहा है कि मिड डे मील बनाने के लिए विद्यालयों को मार्च से मई माह तक का भुगतान नहीं मिला है। इस वजह से बेसिक शिक्षा विभाग पर कंवर्जन कास्ट का 6.50 करोड़ से अधिक का बकाया हो गया है। परिषदीय व अन्य विद्यालयों के रूप में चिह्नित 1812 प्रधानाध्यापक अपने पास से धन लगाकर बच्चों को एमडीएम उपलब्ध करा रहे हैं।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय बेइलिया के प्रधानाध्यापक अशोक गुप्ता ने बताया कि समय से धनराशि न मिलने से दुकानदार बार-बार धन की मांग करते हैं, जिससे झेंप लगती है। प्राथमिक विद्यालय बेलवा तिवारी के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार ने कहा कि समय से कंवर्जन काॅस्ट का भुगतान हो जाए तो दुकानदारों की देनदारी नहीं रहेगी।
विज्ञापन
इन विद्यालयों में बनता है दोपहर का भोजन
जिले में जिन 1812 विद्यालयों में कंवर्जन कास्ट की धनराशि भेजी जा रही है, उनमें 1695 परिषदीय विद्यालय, 44 सहायता प्राप्त व राजकीय इंटर कॉलेज, 45 परिषदीय से सहायता प्राप्त, 21 मदरसा व सात समाज कल्याण के विद्यालय हैं।
कंवर्जन कास्ट की धनराशि प्राप्त हो गई है। मार्च से मई माह की कंवर्जन कास्ट के रूप में साढ़े छह करोड़ के भुगतान की दिशा में पहल प्रारंभ कर दी गई है। अगले सप्ताह तक धनराशि का भुगतान हो जाएगा।
- शैलेंद्र वर्मा, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन