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Maharajganj News: सावन में खनक रहा हरी चूड़ियों का बाजार
Sat, 19 Jul 2025 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 19 Jul 2025 12:46 AM IST
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महराजगंज। सावन की शुरुआत होने के बाद मानसून की दस्तक ने गर्मी से त्रस्त हुए लोगों का सुकून लौटाया है। वहीं सावन में नाग पंचमी, हरियाली तीज, रक्षाबंधन जैसे त्योहार महिलाओं के खास माने जाते हैं।
मौसम व त्योहार की आमद से चूड़ियों का बाजार भी खनकने लगा है। हरे रंग की प्लेन, कटिंग, डिजाइनर चूड़ी में भी हरे रंग को तवज्जो दी जा रही है। चूड़ियों के साथ पश्चिम बंगाल से आने वाले सफेद कंगन जो शंख की कटिंग से बन रहे उनके साथ हरी चूड़ियों के मैचिंग सेट की डिमांड देखी जा रही है।
सावन महादेव के अभिषेक के साथ हरे रंग का विशेष स्थान है। ऐसा इसलिए कि मानसूनी बारिश से धरा की न सिर्फ शीतलता बढ़ती है बल्कि तपिश का सामना करने वाले पेड़-पौधों में नवजीवन का संचार होता है और चहुंओर हरियाली दिखती है।
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मौसम के अनुरूप बाजार में इन दिनों हरी चूड़ियों की विशेष डिमांड है, जिसे देख कारोबारियों ने स्टाॅक भी मंगा रखा है। कस्बा दुर्गा मंदिर के पास चूड़ी व कंगन के बड़े कारोबारी अतुल सोनी ने बताया कि उनके यहां प्लेन सिंपल चूड़ी का डब्बा 30 रुपये के हिसाब से बिक रहा है।
डब्बे में 24 चूड़ी रहती है। इसकी बिक्री हर रोज 70 से 80 डब्बे के करीब पहुंच जा रही है। कटिंग वाली चूड़ी 40 रुपये डब्बा है। हरे व धानी रंग की चूड़ी की डिमांड अधिक है, जिसे देख फिरोजाबाद से आने वाली खेप में हरी चूड़ी अधिक मंगाई जा रही।
इसी मार्ग पर पीजी काॅलेज व मंदिर के मध्य संचालित दो बड़ी दुकान चूड़ी और कंगन की है, जहां महिलाओं की सर्वाधिक संख्या चूड़ियों की खरीद के लिए दिखती है। यहां से फुटकर दुकानदार भी थोक खरीद करते हैं। दुकानदार मनोज व सनोज ने बताया कि लगभग हर महिला इन दिनों हरी चूड़ियों की विशेष डिमांड कर रहीं हैं। सिंपल चूड़ी 40 रुपये डब्बा तो डिजाइन वाली 100 रुपये डब्बे तक उपलब्ध है।
नवविवाहिता के लिए परिवार के लोग हरी डिजाइन वाली चूड़ियों का सेट पश्चिम बंगाल से आए शंख से बने कंगन के साथ अधिक पसंद किया जा रहा।
कारोबार ओम चंद ने बताया कि सावन में हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है, जिसके कारण हरे रंग वाली चूड़ी अधिक बिक रही। यह बिक्री एक माह तक बनी रहेगी।
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मौसम व त्योहार की आमद से चूड़ियों का बाजार भी खनकने लगा है। हरे रंग की प्लेन, कटिंग, डिजाइनर चूड़ी में भी हरे रंग को तवज्जो दी जा रही है। चूड़ियों के साथ पश्चिम बंगाल से आने वाले सफेद कंगन जो शंख की कटिंग से बन रहे उनके साथ हरी चूड़ियों के मैचिंग सेट की डिमांड देखी जा रही है।
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सावन महादेव के अभिषेक के साथ हरे रंग का विशेष स्थान है। ऐसा इसलिए कि मानसूनी बारिश से धरा की न सिर्फ शीतलता बढ़ती है बल्कि तपिश का सामना करने वाले पेड़-पौधों में नवजीवन का संचार होता है और चहुंओर हरियाली दिखती है।
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मौसम के अनुरूप बाजार में इन दिनों हरी चूड़ियों की विशेष डिमांड है, जिसे देख कारोबारियों ने स्टाॅक भी मंगा रखा है। कस्बा दुर्गा मंदिर के पास चूड़ी व कंगन के बड़े कारोबारी अतुल सोनी ने बताया कि उनके यहां प्लेन सिंपल चूड़ी का डब्बा 30 रुपये के हिसाब से बिक रहा है।
डब्बे में 24 चूड़ी रहती है। इसकी बिक्री हर रोज 70 से 80 डब्बे के करीब पहुंच जा रही है। कटिंग वाली चूड़ी 40 रुपये डब्बा है। हरे व धानी रंग की चूड़ी की डिमांड अधिक है, जिसे देख फिरोजाबाद से आने वाली खेप में हरी चूड़ी अधिक मंगाई जा रही।
इसी मार्ग पर पीजी काॅलेज व मंदिर के मध्य संचालित दो बड़ी दुकान चूड़ी और कंगन की है, जहां महिलाओं की सर्वाधिक संख्या चूड़ियों की खरीद के लिए दिखती है। यहां से फुटकर दुकानदार भी थोक खरीद करते हैं। दुकानदार मनोज व सनोज ने बताया कि लगभग हर महिला इन दिनों हरी चूड़ियों की विशेष डिमांड कर रहीं हैं। सिंपल चूड़ी 40 रुपये डब्बा तो डिजाइन वाली 100 रुपये डब्बे तक उपलब्ध है।
नवविवाहिता के लिए परिवार के लोग हरी डिजाइन वाली चूड़ियों का सेट पश्चिम बंगाल से आए शंख से बने कंगन के साथ अधिक पसंद किया जा रहा।
कारोबार ओम चंद ने बताया कि सावन में हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है, जिसके कारण हरे रंग वाली चूड़ी अधिक बिक रही। यह बिक्री एक माह तक बनी रहेगी।