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Maharajganj News: पोखरियों का होगा कायाकल्प जल संरक्षण पर रहेगा जोर
Fri, 18 Jul 2025 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 18 Jul 2025 12:55 AM IST
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महराजगंज। जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में जल्द ही पोखरियों का सौंदर्यीकरण होगा। सभी ब्लॉकों में संबंधित ग्राम पंचायतों में एक एकड़ क्षेत्रफल वाले तालाबों और पोखरियों को चिह्नित करने का काम शुरू किया जा चुका है।
इन जलाशयों में 10,000 क्यूसेक मीटर पानी की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सौंदर्यीकरण, इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण, पथ प्रकाश व्यवस्था और फूल-पत्तियों की सजावट की व्यवस्था की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, चिह्नित तालाबों और पोखरियों में पानी की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए जलाशयों के आसपास नहरों या अन्य स्रोतों से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त तालाबों के चारों ओर इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे इनका उपयोग और रख-रखाव आसान हो सके। पथ प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से इन स्थानों को रात्रि में भी उपयोगी बनाया जाएगा। साथ ही, फूलों और पौधों की सजावट से इन जलाशयों को आकर्षक और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा।
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अब तक सात तालाबों को इस परियोजना के लिए चिह्नित किया गया है। अन्य स्थानों पर चिह्नित करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इंटरलॉकिंग सड़कों और पथ प्रकाश की व्यवस्था से इन जलाशयों का उपयोग रात्रि में भी संभव हो सकेगा। फूलों और पौधों की सजावट से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा।
उपायुक्त श्रम रोजगार गौरवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन ग्राम पंचायतों में पोखरियों को चिह्नित किया जा रहा, जिनका क्षेत्रफल कम से कम एक एकड़ है। इसका उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना और इन्हें पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।
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इन जलाशयों में 10,000 क्यूसेक मीटर पानी की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सौंदर्यीकरण, इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण, पथ प्रकाश व्यवस्था और फूल-पत्तियों की सजावट की व्यवस्था की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, चिह्नित तालाबों और पोखरियों में पानी की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए जलाशयों के आसपास नहरों या अन्य स्रोतों से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त तालाबों के चारों ओर इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे इनका उपयोग और रख-रखाव आसान हो सके। पथ प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से इन स्थानों को रात्रि में भी उपयोगी बनाया जाएगा। साथ ही, फूलों और पौधों की सजावट से इन जलाशयों को आकर्षक और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा।
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अब तक सात तालाबों को इस परियोजना के लिए चिह्नित किया गया है। अन्य स्थानों पर चिह्नित करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इंटरलॉकिंग सड़कों और पथ प्रकाश की व्यवस्था से इन जलाशयों का उपयोग रात्रि में भी संभव हो सकेगा। फूलों और पौधों की सजावट से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा।
उपायुक्त श्रम रोजगार गौरवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन ग्राम पंचायतों में पोखरियों को चिह्नित किया जा रहा, जिनका क्षेत्रफल कम से कम एक एकड़ है। इसका उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना और इन्हें पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।