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पंचायत चुनाव : बदलेगा आरक्षण शासन ने विभाग से मांगी रिपोर्ट
Sat, 19 Jul 2025 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 19 Jul 2025 12:52 AM IST
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महराजगंज। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 में होने हैं, लेकिन सभी तैयारियां अभी से शुरू की जा चुकी हैं। चुनाव आयोग के निर्देशन में मतदाता सूची पुनरीक्षण अधिसूचना प्रभावी होने के बाद आरक्षण की स्थिति निर्धारण का कार्य सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। आरक्षण निर्धारण में पिछले आरक्षण की बदलाव होना है।
आरक्षण की पिछले चुनाव में क्या थी इसका ध्यान नए आरक्षण तय करते समय रखना है, जिसके मद्देनजर डीपीआरओ कार्यालय में ग्राम पंचायत वार आरक्षण क्या था, इसे दर्ज किया जा रहा। जनपद में 882 ग्राम पंचायतों में चुनाव होना है। इन दिनों आरक्षण को लेकर सुगबुगाहट शुरू हुई है। आगामी महीनों में आरक्षण तय होगा। इस बार चक्रानुक्रम व्यवस्था से निर्धारण होना है।
पिछले चुनाव की आरक्षित सीटों में बदलाव होना लगभग तय है, जिससे कई सीटों का गणित बिगड़ेगा। आरक्षण पिछले चुनाव के रिकॉर्ड देखने के बाद तय होगा। अगर किसी ग्राम पंचायत का प्रधान पद पिछले चुनाव में अर्थात 2021 में पिछड़ा वर्ग महिला था तो इस बार उसके पिछड़ा वर्ग के खाते में जाने की संभावना अधिक होगी। इसी तरह एससी आरक्षित सीट बदलकर एससी महिला में बदल सकती है। नियमावली के मुताबिक शासन से जिला पंचायत अध्यक्ष एवं ब्लॉक प्रमुख के आरक्षण तय होंगे, जबकि ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं ग्राम प्रधान का आरक्षण जिला प्रशासन तय करेगा। अगर पंचायत में किसी वर्ग की आबादी कम है तो भी उसी वर्ग विशेष को वह सीट आरक्षित हो सकती है।
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यह भी संभव है कि जहां किसी वर्ग विशेष की आबादी अधिक हो, फिर भी दूसरे वर्ग को वह सीट आरक्षित कर दी जाए। अगर किसी पंचायत में एससी आबादी महज 20 फीसदी है तो भी यह सीट बदल सकती है।
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आरक्षण की पिछले चुनाव में क्या थी इसका ध्यान नए आरक्षण तय करते समय रखना है, जिसके मद्देनजर डीपीआरओ कार्यालय में ग्राम पंचायत वार आरक्षण क्या था, इसे दर्ज किया जा रहा। जनपद में 882 ग्राम पंचायतों में चुनाव होना है। इन दिनों आरक्षण को लेकर सुगबुगाहट शुरू हुई है। आगामी महीनों में आरक्षण तय होगा। इस बार चक्रानुक्रम व्यवस्था से निर्धारण होना है।
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पिछले चुनाव की आरक्षित सीटों में बदलाव होना लगभग तय है, जिससे कई सीटों का गणित बिगड़ेगा। आरक्षण पिछले चुनाव के रिकॉर्ड देखने के बाद तय होगा। अगर किसी ग्राम पंचायत का प्रधान पद पिछले चुनाव में अर्थात 2021 में पिछड़ा वर्ग महिला था तो इस बार उसके पिछड़ा वर्ग के खाते में जाने की संभावना अधिक होगी। इसी तरह एससी आरक्षित सीट बदलकर एससी महिला में बदल सकती है। नियमावली के मुताबिक शासन से जिला पंचायत अध्यक्ष एवं ब्लॉक प्रमुख के आरक्षण तय होंगे, जबकि ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं ग्राम प्रधान का आरक्षण जिला प्रशासन तय करेगा। अगर पंचायत में किसी वर्ग की आबादी कम है तो भी उसी वर्ग विशेष को वह सीट आरक्षित हो सकती है।
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यह भी संभव है कि जहां किसी वर्ग विशेष की आबादी अधिक हो, फिर भी दूसरे वर्ग को वह सीट आरक्षित कर दी जाए। अगर किसी पंचायत में एससी आबादी महज 20 फीसदी है तो भी यह सीट बदल सकती है।