{"_id":"65e8c3fe2db21579f50982e4","slug":"liquor-coming-from-nepal-hidden-in-a-bag-maharajganj-news-c-206-1-mhg1001-117264-2024-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: झोले में छुपाकर नेपाल से आ रही शराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: झोले में छुपाकर नेपाल से आ रही शराब
Thu, 07 Mar 2024 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 07 Mar 2024 12:59 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। लोकसभा चुनाव करीब आ रहा है। ऐसे में नेपाल से शराब की तस्करी तेज हो गई है। महिलाएं झोले में शराब रखकर आसानी से सरहद पार हो जाती हैं। जल्दी उन पर किसी को शक भी नहीं होता है।
जनपद के सीमावर्ती गांव के रास्ते नेपाल की सस्ती शराब भारत में आ रही है। भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाल की शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। लोकसभा चुनाव करीब आने के साथ ही नेपाली शराब की मांग और बढ़ गई है। तस्कर सीमावर्ती क्षेत्र में शराब को नेपाल से लाकर डंप कर रहे हैं। बीते माह भर में बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने के बाद पुलिस व खुफिया एंजेसियां भी सतर्क हो गई हैं। तस्करी की नेपाली शराब भारत के महानगरों तक इसकी सप्लाई की जा रही है। चुनाव की आहट मिलते ही जिले में पगडंडी रास्तों से नेपाली शराब की तस्करी तेज होती जा रही है।
भारतीय शराब के मुकाबले कम कीमत के चलते नेपाल से शराब की तस्करी शुरू हो गई है। पुलिस व आबकारी विभाग की टीम तस्करी रोकने की कवायद शुरू कर दी है, लेकिन अपने मजबूत नेटवर्क के चलते तस्कर अपने मंसूबे में कामयाब हो जा रहे हैं। नेपाल की शराब पर नजर डालें तो जूली नामक शराब थोक के भाव 20 रुपये व फुटकर 25 रुपये प्रति शीशी मिलती है। सस्ते दाम के कारण इसकी खपत भारतीय क्षेत्र में अधिक है। नेपाली शराब के ब्रांड मात्र 30 रुपये से कम कीमत पर मिल जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ भारत में देसी शराब 50-55 रुपये की शीशी बिक रही है।
विज्ञापन
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रियता बरती जा रही है। समय-समय पर बरामदगी की जाती है। पगड़डियों पर विशेष नजर है। प्रत्येक दिन जांच के दौरान कार्रवाई की जाती है।
इन सीमावर्ती इलाकों से होती है नेपाली शराब की तस्करी
भारत-नेपाल के सीमावर्ती गांव जोगिया बारी, बैरिहा बाजार, चंडी थान, मुड़ीला, छपवा, बैरीहवा, सुंडी, हरदी डाली, खनुआ, शेख फरेंदा, फरेंदी तिवारी, तिलहवा, श्यामकाट, भगवानपुर, पिपरहिया, झिंगटी, असोगवा, बरगदवा, परसामालिक, ठूठीबारी, लक्ष्मीपुर, झुलनीपुर, शीतलपुर के पगडंडी रास्तों से कैरियरों के माध्यम से दो-दो व चार-चार गत्ता नेपाली शराब पहुंचाई जा रही है।
विज्ञापन
जनपद के सीमावर्ती गांव के रास्ते नेपाल की सस्ती शराब भारत में आ रही है। भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाल की शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। लोकसभा चुनाव करीब आने के साथ ही नेपाली शराब की मांग और बढ़ गई है। तस्कर सीमावर्ती क्षेत्र में शराब को नेपाल से लाकर डंप कर रहे हैं। बीते माह भर में बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने के बाद पुलिस व खुफिया एंजेसियां भी सतर्क हो गई हैं। तस्करी की नेपाली शराब भारत के महानगरों तक इसकी सप्लाई की जा रही है। चुनाव की आहट मिलते ही जिले में पगडंडी रास्तों से नेपाली शराब की तस्करी तेज होती जा रही है।
विज्ञापन
भारतीय शराब के मुकाबले कम कीमत के चलते नेपाल से शराब की तस्करी शुरू हो गई है। पुलिस व आबकारी विभाग की टीम तस्करी रोकने की कवायद शुरू कर दी है, लेकिन अपने मजबूत नेटवर्क के चलते तस्कर अपने मंसूबे में कामयाब हो जा रहे हैं। नेपाल की शराब पर नजर डालें तो जूली नामक शराब थोक के भाव 20 रुपये व फुटकर 25 रुपये प्रति शीशी मिलती है। सस्ते दाम के कारण इसकी खपत भारतीय क्षेत्र में अधिक है। नेपाली शराब के ब्रांड मात्र 30 रुपये से कम कीमत पर मिल जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ भारत में देसी शराब 50-55 रुपये की शीशी बिक रही है।
विज्ञापन
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रियता बरती जा रही है। समय-समय पर बरामदगी की जाती है। पगड़डियों पर विशेष नजर है। प्रत्येक दिन जांच के दौरान कार्रवाई की जाती है।
इन सीमावर्ती इलाकों से होती है नेपाली शराब की तस्करी
भारत-नेपाल के सीमावर्ती गांव जोगिया बारी, बैरिहा बाजार, चंडी थान, मुड़ीला, छपवा, बैरीहवा, सुंडी, हरदी डाली, खनुआ, शेख फरेंदा, फरेंदी तिवारी, तिलहवा, श्यामकाट, भगवानपुर, पिपरहिया, झिंगटी, असोगवा, बरगदवा, परसामालिक, ठूठीबारी, लक्ष्मीपुर, झुलनीपुर, शीतलपुर के पगडंडी रास्तों से कैरियरों के माध्यम से दो-दो व चार-चार गत्ता नेपाली शराब पहुंचाई जा रही है।