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Maharajganj News: जेई हत्याकांड में दो दोषियों को आजीवन कारावास
Tue, 05 Mar 2024 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 05 Mar 2024 01:26 AM IST
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महराजगंज। निचलौल थाना क्षेत्र के सिंचाई खंड द्वितीय कालोनी में करीब 26 वर्ष पहले जेई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दो को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया है कि सिंचाई खंड द्धितीय के उपखंड दो निचलौल में तैनात तत्कालीन जेई सुबास चंद्र पांडेय ने निचलौल पुलिस को दिए तहरीर में कहा था, कि तीन जून 1997 की सुबह करीब साढ़े छह बजे वह नहाने करने के बाद पूजा करने जा रहे थे। इसी बीच मैनेजर ठेकेदार दौड़ते हुए कालोनी से उनके आवास की ओर पहुंचा। उन लोगों ने बताया कि जेई विंदा ठकुराई को किसी ने गोली मार दी है। उसके बाद वह मैनेजर और ठेकेदार के साथ मौके पर पहुंचे।
उसके बाद वह कालोनी में निवास करने वाले जेई आरपी यादव, ओझा, तपानाथ तिवारी, पीआर चौहान, सहायक अभियंता अरुण कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया। पीसीओ की मदद से विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचना देने पहुंचे गए। मगर एसटीडी खराब होने के चलते किसी से बात नहीं हो सकी। फिर थाने के नंबर पर संपर्क किया, तो क्षेत्राधिकारी ने फोन उठाया। जिस दौरान उन्हें घटना की जानकारी दी।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई करते हुए दो आरोपी हरिश्चंद सिंह निवासी बघौली थाना खलीलाबाद जिला संतकबीरनगर, भरत सिंह निवासी करमहा थाना चौरीचौरा जिला गोरखपुर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
ठोकर संख्या 12 बना घटना का कारण : नारायणी नदी के बी-गैंप बांध की ठोकर संख्या 12 जेई विंदा ठकुराई हत्याकांड का कारण बना था। बताया जाता है, कि उक्त बांध के ठोकर संख्या 12 पर पहले आरोपी जेई हरिश्चंद सिंह की तैनाती थी। जहां से उन्हे हटाकर जेई विंदा ठकुराई की तैनाती कर दी गई थी। जिसे लेकर दोनों के बीच वर्चस्व बना हुआ था। वहीं इससे नाराज आरोपी जेई हरिश्चंद ठेकेदार भरत सिंह के साथ मिलकर जेई विंदा ठकुराई को गोली मारकर हत्या कर दी। जेई हत्याकांड के बाद से ही नारायणी नदी के बी गैंप की ठोकर संख्या 12 चर्चाओं में आ गया।
सुर्खियों में रहा मामला : सिंचाई खंड दो उपखंड निचलौल के काॅलोनी में 26 वर्ष पूर्व हुई जेई हत्याकांड ने सबको झकझोर कर रख दिया था। यह घटना महीनों तक सुर्खियों में बना रहा। जहां लोग घटना को लेकर तरह तरह की चर्चाएं करते थे। वही विभाग के कालोनी में जेई विंदा ठकुराई की हत्या की सूचना मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया था।
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जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया है कि सिंचाई खंड द्धितीय के उपखंड दो निचलौल में तैनात तत्कालीन जेई सुबास चंद्र पांडेय ने निचलौल पुलिस को दिए तहरीर में कहा था, कि तीन जून 1997 की सुबह करीब साढ़े छह बजे वह नहाने करने के बाद पूजा करने जा रहे थे। इसी बीच मैनेजर ठेकेदार दौड़ते हुए कालोनी से उनके आवास की ओर पहुंचा। उन लोगों ने बताया कि जेई विंदा ठकुराई को किसी ने गोली मार दी है। उसके बाद वह मैनेजर और ठेकेदार के साथ मौके पर पहुंचे।
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उसके बाद वह कालोनी में निवास करने वाले जेई आरपी यादव, ओझा, तपानाथ तिवारी, पीआर चौहान, सहायक अभियंता अरुण कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया। पीसीओ की मदद से विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचना देने पहुंचे गए। मगर एसटीडी खराब होने के चलते किसी से बात नहीं हो सकी। फिर थाने के नंबर पर संपर्क किया, तो क्षेत्राधिकारी ने फोन उठाया। जिस दौरान उन्हें घटना की जानकारी दी।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई करते हुए दो आरोपी हरिश्चंद सिंह निवासी बघौली थाना खलीलाबाद जिला संतकबीरनगर, भरत सिंह निवासी करमहा थाना चौरीचौरा जिला गोरखपुर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
ठोकर संख्या 12 बना घटना का कारण : नारायणी नदी के बी-गैंप बांध की ठोकर संख्या 12 जेई विंदा ठकुराई हत्याकांड का कारण बना था। बताया जाता है, कि उक्त बांध के ठोकर संख्या 12 पर पहले आरोपी जेई हरिश्चंद सिंह की तैनाती थी। जहां से उन्हे हटाकर जेई विंदा ठकुराई की तैनाती कर दी गई थी। जिसे लेकर दोनों के बीच वर्चस्व बना हुआ था। वहीं इससे नाराज आरोपी जेई हरिश्चंद ठेकेदार भरत सिंह के साथ मिलकर जेई विंदा ठकुराई को गोली मारकर हत्या कर दी। जेई हत्याकांड के बाद से ही नारायणी नदी के बी गैंप की ठोकर संख्या 12 चर्चाओं में आ गया।
सुर्खियों में रहा मामला : सिंचाई खंड दो उपखंड निचलौल के काॅलोनी में 26 वर्ष पूर्व हुई जेई हत्याकांड ने सबको झकझोर कर रख दिया था। यह घटना महीनों तक सुर्खियों में बना रहा। जहां लोग घटना को लेकर तरह तरह की चर्चाएं करते थे। वही विभाग के कालोनी में जेई विंदा ठकुराई की हत्या की सूचना मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया था।