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Maharajganj News: गैर इरादतन हत्या में तीन को आजीवन कारावास
Thu, 12 Sep 2024 09:01 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 12 Sep 2024 09:01 PM IST
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महराजगंज। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक पवन कुमार श्रीवास्तव ने गैर इरादतन हत्या में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन अधिकारी के अनुसार, 10 जुलाई वर्ष 1993 को ग्राम चौबे थाना परसामलिक, जनपद महराजगंज निवासी जगदीश चौबे पुत्र रामनरायन चौबे वादी और उसके भाई सभापति चौबे व विरेन्द्र चौबे, उसके चाचा राजनरायन चौबे मिश्रौलिया बाजार से पेड़ारी चौराहा पर शाम को 6:20 बजे आए थे। तभी किशुन, रामनरायन यादव तथा मूलचंद यादव काशी की चाय के दुकान की तरफ से कट्टा और चाकू लेकर उसके भाई सभापति चौबे को जान से मारने की नीयत से दौड़ा लिए।
सभापति अपनी जान बचाने के लिए भागे। तब तक शाह अली के खेत में जाते जाते ही किशुन ने सभापति पर कट्टा से फायर कर दिया। मूलचंद ने दौड़ाकर सभापति को पकड़कर पटक दिया। इतने में मूलचंद व किशुन सभापति का हाथ पैर पकड़ लिए। रामनरायन ने चाकू से सभापति का आधा गर्दन काट दिया। वह लोग शोर मचाते पहुंचे, तब तक तीनों भाग गए। मौके पर जाकर देखा गया तो सभापति की मौत हो थी। इस वारदात में परसामलिक पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध गैर इरादतन समेत अन्य मामले में केस दर्ज किया था। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने सुनवाई करते हुए दोषी किशन, रामनरायन, मूलचंद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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अभियोजन अधिकारी के अनुसार, 10 जुलाई वर्ष 1993 को ग्राम चौबे थाना परसामलिक, जनपद महराजगंज निवासी जगदीश चौबे पुत्र रामनरायन चौबे वादी और उसके भाई सभापति चौबे व विरेन्द्र चौबे, उसके चाचा राजनरायन चौबे मिश्रौलिया बाजार से पेड़ारी चौराहा पर शाम को 6:20 बजे आए थे। तभी किशुन, रामनरायन यादव तथा मूलचंद यादव काशी की चाय के दुकान की तरफ से कट्टा और चाकू लेकर उसके भाई सभापति चौबे को जान से मारने की नीयत से दौड़ा लिए।
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सभापति अपनी जान बचाने के लिए भागे। तब तक शाह अली के खेत में जाते जाते ही किशुन ने सभापति पर कट्टा से फायर कर दिया। मूलचंद ने दौड़ाकर सभापति को पकड़कर पटक दिया। इतने में मूलचंद व किशुन सभापति का हाथ पैर पकड़ लिए। रामनरायन ने चाकू से सभापति का आधा गर्दन काट दिया। वह लोग शोर मचाते पहुंचे, तब तक तीनों भाग गए। मौके पर जाकर देखा गया तो सभापति की मौत हो थी। इस वारदात में परसामलिक पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध गैर इरादतन समेत अन्य मामले में केस दर्ज किया था। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने सुनवाई करते हुए दोषी किशन, रामनरायन, मूलचंद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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