महराजगंज। जनपद के थाना कोल्हुई क्षेत्र के ग्रामसभा बड़गो में रामसूरत की हत्या के मामले में अभियुक्त दीप्पन को दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) पवन कुमार श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीन वर्ष के सश्रम कारावास भी भोगना पड़ेगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी संतोष मिश्र ने बताया कि बड़गो निवासी रामशरण ने थाना कोल्हुई में केस दर्ज कराया था। तहरीर में बताया था कि 21 सितंबर 2000 की रात उसका भतीजा रामसूरत व मेरे पुत्र के साथ बडगू बाजार गया था, लेकिन रामसूरत नहीं लौटा। उसकी काफी खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला। दीप्पन से पूछने पर उसने बताया कि रामसूरत कहा गया है वह नहीं जानता। वह काफी देर पहले चले गए हैं। दूसरे दिन 22 सितंबर को दीप्पन से पूछने पर बताया की रामसूरत रात में ही कहीं चला गया है। रामसूरत अक्सर नौकरी के सिलसिले में बनारस व मुंबई आता जाता रहता था। छह अक्तूबर को गांव के कुछ लोगों ने चेतिया तालाब बड़गो गांव के सिवान में हाथ व सिर कटी लाश देखी। सूचना पर भाई पूर्णमासी कपड़े, बेल्ट आदी को देखकर शव की पहचाना रामसूरत के रूप में की। इस मामले में विवेचक ने दीप्पन सोनार, रामजस, दशरथा देवी, जमील एवं अहमद हुसैन के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर शेष अभियुक्तों को बरी कर दिया। जबकि दोषी मिलने पर दीप्पन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।