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Maharajganj News: ड्रोन कैमरे से हो रहा लिडार सर्वे, हाल्ट व स्टेशन की मैपिंग हुई
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करीब 30 से 40 गांवों के सिवान में सर्वे हो चुका, प्रक्रिया धीरे धीरे हो रही पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। आनंदनगर से महराजगंज घुघली को जाेड़ने वाली रेल परियोजना का ड्रोन से सर्वे होने लगा है। घुघली क्षेत्र के पिपरा मुंडेरी में हाल्ट स्टेशन बनने की संभावना को देखते हुए सर्वे किया गया है। करीब 30 से 40 गांवों के सिवान में सर्वे हो चुका है। एक-एक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, घुघली से महराजगंज व आनंदनगर तक 52.7 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलेंगी। रेल लाइन बन जाने से पंजाब और दिल्ली से असम समेत पूर्वोत्तर तक आवागमन आसान हो जाएगा। रेल मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 958.27 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। प्रोजेक्ट में सिविल कार्य के लिए 875.30 करोड़ रुपये, सिग्नल व टेलीकॉम कार्य के लिए 18.17 करोड़ और इलेक्ट्रिकल कार्यों के लिए 64.26 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।
महराजगंज जिले की उत्तरी सीमा नेपाल और दक्षिणी गोरखपुर से मिलती है। जबकि, पूर्वी सीमा पर बिहार और पश्चिमी सीमा सिद्धार्थनगर जिले से लगी हुई है। इस नई रेललाइन के बन जाने से 11 नगर निकायों वाले इस जिले की कारोबारी गतिविधियों को बल मिलेगा। यहां के लोगों के लिए रेल लाइन वरदान साबित होगी। सर्वेयर मुकेश कुमार कुशवाहा ने बताया कि ड्रोन से सर्वे तेजी से किया जा रहा है। समस्या इससे थोड़ी कम हो रही है। पूरे रूट का सर्वे होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। धान कटने के बाद काम थोड़ी तेजी आएगी। तय समय सीमा के अंदर सर्वे पूरा कर लिया जाएगा।
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रेल मार्ग पर नौ बड़े एवं 14 छोटे पुल बनाए जाएंगे
महराजगंज। ब्रॉडगेज की यह नई रेल लाइन विद्युतीकृत लाइन होगी। जिसका लाभ इस क्षेत्र के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल तक के लोगों को मिलेगा। इसमें कुल 09 बड़े एवं 14 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इस रेल लाइन के निर्माण के लिए करीब 191.059 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी, जिसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू की जाएगी। इसमें कुल 07 स्टेशन होंगे, जिसमें से आनन्दनगर, महराजगंज एवं घुघली क्रासिंग स्टेशन होंगे तथा 04 हॉल्ट स्टेशन बनाए जाएंगे।
गोंडा से पनियहवां वाया आनंदनगर, गोरखपुर, गोरखपुर कैंट, घुघली होते हुए इसकी कुल दूरी 307 किमी है। इस नई रेल लाइन के बन जाने से यह दूरी 265 किमी रह जाएगी। गोरखपुर के लिए बाईपास हो जाने से यात्रा समय में भी कमी आएगी। कृषि बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण लघु कृषि उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह रेल लाइन महराजगंज के जिला मुख्यालय को जोड़ेगी।
वर्तमान में नेपाल सीमा से जुड़ा महराजगंज नगर रेल मार्ग से जुड़ा नहीं है। इस लाइन के बन जाने से उत्तर भारत से आने वाली ट्रेनों को वाल्मिकी नगर एवं रक्सौल होते हुए पूर्वोत्तर के राज्यों को एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। आनंदनगर से महराजगंज घुघली को जाेड़ने वाली रेल परियोजना का ड्रोन से सर्वे होने लगा है। घुघली क्षेत्र के पिपरा मुंडेरी में हाल्ट स्टेशन बनने की संभावना को देखते हुए सर्वे किया गया है। करीब 30 से 40 गांवों के सिवान में सर्वे हो चुका है। एक-एक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, घुघली से महराजगंज व आनंदनगर तक 52.7 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलेंगी। रेल लाइन बन जाने से पंजाब और दिल्ली से असम समेत पूर्वोत्तर तक आवागमन आसान हो जाएगा। रेल मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 958.27 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। प्रोजेक्ट में सिविल कार्य के लिए 875.30 करोड़ रुपये, सिग्नल व टेलीकॉम कार्य के लिए 18.17 करोड़ और इलेक्ट्रिकल कार्यों के लिए 64.26 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।
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महराजगंज जिले की उत्तरी सीमा नेपाल और दक्षिणी गोरखपुर से मिलती है। जबकि, पूर्वी सीमा पर बिहार और पश्चिमी सीमा सिद्धार्थनगर जिले से लगी हुई है। इस नई रेललाइन के बन जाने से 11 नगर निकायों वाले इस जिले की कारोबारी गतिविधियों को बल मिलेगा। यहां के लोगों के लिए रेल लाइन वरदान साबित होगी। सर्वेयर मुकेश कुमार कुशवाहा ने बताया कि ड्रोन से सर्वे तेजी से किया जा रहा है। समस्या इससे थोड़ी कम हो रही है। पूरे रूट का सर्वे होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। धान कटने के बाद काम थोड़ी तेजी आएगी। तय समय सीमा के अंदर सर्वे पूरा कर लिया जाएगा।
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रेल मार्ग पर नौ बड़े एवं 14 छोटे पुल बनाए जाएंगे
महराजगंज। ब्रॉडगेज की यह नई रेल लाइन विद्युतीकृत लाइन होगी। जिसका लाभ इस क्षेत्र के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल तक के लोगों को मिलेगा। इसमें कुल 09 बड़े एवं 14 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इस रेल लाइन के निर्माण के लिए करीब 191.059 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी, जिसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू की जाएगी। इसमें कुल 07 स्टेशन होंगे, जिसमें से आनन्दनगर, महराजगंज एवं घुघली क्रासिंग स्टेशन होंगे तथा 04 हॉल्ट स्टेशन बनाए जाएंगे।
गोंडा से पनियहवां वाया आनंदनगर, गोरखपुर, गोरखपुर कैंट, घुघली होते हुए इसकी कुल दूरी 307 किमी है। इस नई रेल लाइन के बन जाने से यह दूरी 265 किमी रह जाएगी। गोरखपुर के लिए बाईपास हो जाने से यात्रा समय में भी कमी आएगी। कृषि बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण लघु कृषि उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह रेल लाइन महराजगंज के जिला मुख्यालय को जोड़ेगी।
वर्तमान में नेपाल सीमा से जुड़ा महराजगंज नगर रेल मार्ग से जुड़ा नहीं है। इस लाइन के बन जाने से उत्तर भारत से आने वाली ट्रेनों को वाल्मिकी नगर एवं रक्सौल होते हुए पूर्वोत्तर के राज्यों को एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।