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Maharajganj News: कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे लेखपाल

Mon, 14 Jul 2025 06:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Mon, 14 Jul 2025 06:52 PM IST
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Lekhpal boycotted work and sat on strike
महराजगंज। लेखपाल संघ की प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर सोमवार को नौतनवा, फरेंदा, महराजगंज, निचलौल तहसीलों में लेखपालों ने धरना दिया। हापुड़ के डीएम पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। तहसीलों में संबंधित उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
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प्रदेश लेखपाल संघ के सदर तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा कि इंटरनेट प्लेटफाॅर्म व जनता में अपना प्रभाव मजबूत करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी अधीनस्थों से अपमानजनक व्यवहार सार्वजनिक रूप से कर रहे हैं। लेखपालों के जिम्मे इतने कार्य सौंपे गए हैं कि लेखपाल हर वक्त कार्य के दबाव में रहते हैं।
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इससे घर परिवार के लिए भी अपना दायित्व नहीं पूरा कर पा रहे। प्रशासन के साथ कदम मिलाकर चलने का यह प्रतिफल दिया जा रहा कि झूठी शिकायत पर दंडात्मक कार्रवाई, जांच जैसी गतिविधि प्रभावी कर परेशान किया जा रहा जिससे दबाव बढ़ रहा है। हापुड़ मामले में लेखपाल की मृत्यु के पीछे यही कारण है।
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इसलिए सभी उच्चाधिकारियों को आचरण सुधारने का निर्देश जारी किया जाए। हापुड़ के लेखपाल सुभाष मीणा के परिजनों को आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी दी जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मंत्री ऋषिकेश शर्मा, शोभनाथ भारती, दीपक मणि पांडेय, शीला चौधरी, मारुति नंदन, सुनील कुमार यादव आदि लेखपाल शामिल रहे।

नौतनवा प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील के समस्त लेखपाल कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे रहे। तहसील अध्यक्ष रमेश गुप्ता के नेतृत्व में लेखपालों ने हापुड़ के जिलाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। धरने पर बैठे रमेश गुप्ता, कृष्ण गोपाल, विक्की साहनी, जहीरूद्दीन खान, राहुल शर्मा, राघवेंद्र विश्वकर्मा, विनोद पटेल, रत्नेश गुप्ता, दीपेंद्र धवल, मंजूर अली, साजिया अंजुम, जैनुद्दीन आदि लेखपालों का कहना रहा कि अधिकारी लोकप्रियता पाने के लिए अधीनस्थ कर्मचारियों को सार्वजनिक रूप से दंडित एवं अपमानित कर रहे हैं, जिससे कर्मचारी काफी तनावग्रस्त जीवन व्यतीत करने को बाध्य हैं।
फरेंदा, निचलौल तहसील के प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील परिसर में धरना देकर लेखपालों ने आक्रोश प्रकट किया। इसके बाद उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
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