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Maharajganj News: खेतोंं का खसरा ऑनलाइन.... रजिस्ट्री में रुकेगा फर्जीवाड़ा
Fri, 13 Sep 2024 02:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 13 Sep 2024 02:20 AM IST
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महराजगंज। जिले के 882 गांवों के खेतों का खसरा और नक्शा ऑनलाइन अपलोड करने की तैयारी चल रही है। खेतों की मैपिंग का काम तेजी से चल रहा है। ऑनलाइन मैपिंग होने से भूमि का विवरण एक क्लिक में मिल जाएगा। खसरा खतौनी निकालने के लिए लेखपाल का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। साथ ही रजिस्ट्री आदि में होने वाले फर्जीवाड़े पर भी रोक लग सकेगी।
जानकारी के अनुसार, आने वाले समय में ई-डिजिटल खसरे के माध्यम से खेतों में कौन सी फसल लगाई गई है। जमीन सिंचित है या असिंचित, सरकारी है या निजी संपत्ति है। ऐसी तमाम जानकारियां अब घर बैठे प्राप्त की जा सकती हैं। इसके लिए जिले के 882 गांवों का मैप अपलोड किया जा रहा है। गाटा को ई-डिजिटल खसरे में दर्ज कर ऑनलाइन डेटा के साथ पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है। जिले में अब तक 907214 गाटा के सापेक्ष 900122 गाटा का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज हो चुका है।
बाकी 7092 गाटे को अपलोड किया जा रहा है। सभी विवरण पोर्टल पर अपडेट होने के बाद इसे एक क्लिक पर ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इससे खेती किसानी में मदद मिलने के साथ ही रजिस्ट्री आदि में होने वाले फर्जीवाड़े को आसानी से चिह्नित किया जा सकेगा। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद खतौनी की तरह खसरे को भी आसानी से निकाला जा सकता है, इसके लिए लेखपाल के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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लेखपालों के अनुसार, किसी भी गाटा के पास पहुंचकर मैप खोलने के बाद पहले प्लाॅट की दूरी भरी जा रही है। उसके बाद भूमि की श्रेणी, फसल, पेड़ व भवन की स्थिति दर्ज हो रही है। साथ ही सिंचाई के साधन का विवरण दर्ज करने के बाद तस्वीर खींच कर अपलोड किया जा रहा है।
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आपदा में फसल के नुकसान की आसानी से हो सकेगी जानकारी
ई-डिजिटल खसरे के ऑनलाइन होने से आने वाले समय में किस गाटे में कौन सी फसल है और कितने क्षेत्रफल में लगाई गई है। यह सब ऑनलाइन दिखाई देगा। यह व्यवस्था जब पूरी तरह से लागू हो जाएगी तो फसल बीमा व आपदा के दौरान फसल के नुकसान की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद खतौनी की तरह खसरे को भी आसानी से निकाला जा सकता है, इसके लिए लेखपाल के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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खसरा ऑनलाइन होने का विवरण तहसील वार
नौतनवा में 132303 के सापेक्ष 2573
निचलौल में 177358 के सापेक्ष 3704
फरेंदा में 199229 के सापेक्ष 2994
सदर में 372391 के सापेक्ष 25933
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जिले में चार तहसीलों में ई-डिजिटल खसरे का कार्य तेजी से चल रहा है। आने वाले कुछ माह में सभी गाटों का ऑनलाइन कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
-डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी
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जानकारी के अनुसार, आने वाले समय में ई-डिजिटल खसरे के माध्यम से खेतों में कौन सी फसल लगाई गई है। जमीन सिंचित है या असिंचित, सरकारी है या निजी संपत्ति है। ऐसी तमाम जानकारियां अब घर बैठे प्राप्त की जा सकती हैं। इसके लिए जिले के 882 गांवों का मैप अपलोड किया जा रहा है। गाटा को ई-डिजिटल खसरे में दर्ज कर ऑनलाइन डेटा के साथ पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है। जिले में अब तक 907214 गाटा के सापेक्ष 900122 गाटा का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज हो चुका है।
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बाकी 7092 गाटे को अपलोड किया जा रहा है। सभी विवरण पोर्टल पर अपडेट होने के बाद इसे एक क्लिक पर ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इससे खेती किसानी में मदद मिलने के साथ ही रजिस्ट्री आदि में होने वाले फर्जीवाड़े को आसानी से चिह्नित किया जा सकेगा। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद खतौनी की तरह खसरे को भी आसानी से निकाला जा सकता है, इसके लिए लेखपाल के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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लेखपालों के अनुसार, किसी भी गाटा के पास पहुंचकर मैप खोलने के बाद पहले प्लाॅट की दूरी भरी जा रही है। उसके बाद भूमि की श्रेणी, फसल, पेड़ व भवन की स्थिति दर्ज हो रही है। साथ ही सिंचाई के साधन का विवरण दर्ज करने के बाद तस्वीर खींच कर अपलोड किया जा रहा है।
आपदा में फसल के नुकसान की आसानी से हो सकेगी जानकारी
ई-डिजिटल खसरे के ऑनलाइन होने से आने वाले समय में किस गाटे में कौन सी फसल है और कितने क्षेत्रफल में लगाई गई है। यह सब ऑनलाइन दिखाई देगा। यह व्यवस्था जब पूरी तरह से लागू हो जाएगी तो फसल बीमा व आपदा के दौरान फसल के नुकसान की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद खतौनी की तरह खसरे को भी आसानी से निकाला जा सकता है, इसके लिए लेखपाल के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
खसरा ऑनलाइन होने का विवरण तहसील वार
नौतनवा में 132303 के सापेक्ष 2573
निचलौल में 177358 के सापेक्ष 3704
फरेंदा में 199229 के सापेक्ष 2994
सदर में 372391 के सापेक्ष 25933
जिले में चार तहसीलों में ई-डिजिटल खसरे का कार्य तेजी से चल रहा है। आने वाले कुछ माह में सभी गाटों का ऑनलाइन कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
-डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी