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Maharajganj News: बेहतर इलाज की सुविधा से कम हुए जेई-एईएस के मरीज
Sun, 09 Jun 2024 03:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 09 Jun 2024 03:56 AM IST
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महराजगंज। जिले में जेई-एईएस से होने वाली मौतों का ग्राफ घट गया है। पहले के मुकाबले अब केस भी कम मिल रहे हैं। जागरूकता व बेहतर इलाज होने से जेई एईएस पर प्रभावी अंकुश लग सका है।
जनवरी 2024 से अब तक जेई पाॅजिटिव जहां 15 मिले हैं। वहीं डेंगू 13, चिकन गुनिया के सात मरीज मिले। इलाज के बाद सभी स्वस्थ होकर घर लौट गए। इस वर्ष संचारी रोग की चपेट में आने से किसी की मौत होने की पुष्टि नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जन जागरूकता के कारण ही केस मिलने में कमी हुई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 एईएस में 185 भर्ती हुए, जिसमें 12 की मौत हुई थी। 2021 में 177 भर्ती हुए, जिसमें 9 की मौत हुई थी। 2022 में 85 में से 4 एवं 2023 में 85 मरीजों में दो की मौत हुई थी। 2024 में अब तक किसी की मौत नहीं हुई है। जितने भी मरीज आए सभी ठीक हो गए। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद कहते हैं कि बरसात के मौसम में वायरल फीवर के केस बढ़ने के साथ दूषित पानी व भोजन से होने वाली बीमारियां भी बढ़ जाती हैं। इस मौसम में ध्यान रखें कि बच्चों को स्वच्छ व ताजा भोजन दें। बीमार बच्चों को अपने मन से दवाएं न दें, बल्कि किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह जरूर लें। लोगों के जागरूकता का असर है, जेई एईएस का केस घटा है। जिले में इलाज का उचित प्रबंध है।
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जनवरी 2024 से अब तक जेई पाॅजिटिव जहां 15 मिले हैं। वहीं डेंगू 13, चिकन गुनिया के सात मरीज मिले। इलाज के बाद सभी स्वस्थ होकर घर लौट गए। इस वर्ष संचारी रोग की चपेट में आने से किसी की मौत होने की पुष्टि नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जन जागरूकता के कारण ही केस मिलने में कमी हुई है।
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जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 एईएस में 185 भर्ती हुए, जिसमें 12 की मौत हुई थी। 2021 में 177 भर्ती हुए, जिसमें 9 की मौत हुई थी। 2022 में 85 में से 4 एवं 2023 में 85 मरीजों में दो की मौत हुई थी। 2024 में अब तक किसी की मौत नहीं हुई है। जितने भी मरीज आए सभी ठीक हो गए। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद कहते हैं कि बरसात के मौसम में वायरल फीवर के केस बढ़ने के साथ दूषित पानी व भोजन से होने वाली बीमारियां भी बढ़ जाती हैं। इस मौसम में ध्यान रखें कि बच्चों को स्वच्छ व ताजा भोजन दें। बीमार बच्चों को अपने मन से दवाएं न दें, बल्कि किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह जरूर लें। लोगों के जागरूकता का असर है, जेई एईएस का केस घटा है। जिले में इलाज का उचित प्रबंध है।
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