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Maharajganj News: शुद्ध पेयजल उपलब्धता तय करेंगी जल निगम की सखियां
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प्रत्येक ग्राम पंचायत में 5 सखियां रखने का प्रावधान
882 ग्राम पंचायतों में रखी जाएंगी 4,410 जल सखी
महराजगंज। दूषित पेयजल के कारण जलजनित रोगों पर नियंत्रण के लिए अब गांव-गांव जल सखियां तैनात की जाएंगी। इनकी मदद से पता किया जाएगा कि ग्रामीण शुद्ध पेयजल का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं। शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद जल निगम प्रत्येक गांव में 5 जल सखी नियुक्त करने की तैयारी तेज की है। जनपद में कुल 882 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें कुल 4,410 सखियां तैनात की जाएंगी। ग्रामीण आजीविका समूह की महिलाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए इनकी भर्ती एनआरएलएम के जरिए की जाएगी।
ग्रामीण इलाकों में पेयजल की गुणवत्ता की जांच अब आसान हो जाएगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में पांच-पांच प्रशिक्षित जल सखी को तैनात करने का निर्देश शासन की तरफ से जल निगम को मिला है। अधिकांश ग्राम पंचायतों में भर्ती के लिए विभाग जनवरी से कवायद शुरू करेगा। इस कवायद का लाभ ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं को मिलेगा और जल सखी बनकर महिलाएं अपने ही गांव में रोजगार प्राप्त कर सकेंगी।
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प्रशिक्षण का होगा इंतजाम, मिलेगी किट
जल निगम की ओर से इन जल सखियों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा। सखियां वैज्ञानिक तरीके से पानी की जांच कर शुद्धता तय कर सकें। उन्हें अत्याधुनिक पेयजल टेस्टिंग किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस किट से घरों में इस्तेमाल होने वाले नल के पानी, हैंडपंपों, सबमर्सिबल, वाटर सप्लाई की टंकियों के पानी का परीक्षण गांव के अंदर ही संभव होगा। जल सखियों की रिपोर्ट न केवल विभाग को भेजी जाएगी बल्कि उसे ग्रामीणों के साथ भी साझा किया जाएगा ताकि लोग शुद्ध पेयजल के लिए जागरूक हो सकें।
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नवंबर में आयोजित शासन स्तर की बैठक में जल सखी के प्रावधान के विषय में पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई। ग्रामीण क्षेत्रों में जल की शुद्धता तय करने में इनकी अहम भूमिका होगी। विभाग की तरफ से इन्हें पारिश्रमिक के रूप में कुछ मानदेय भी मिलेगा। इस माह के अंत तक गाइड लाइन आने के बाद जनवरी से भर्ती प्रभावी करने की तैयारी की जा रही है।
-आतिफ हुसैन, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का गठन ही इसीलिए हुआ कि विभागों के सामंजस्य से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को गांव में ही रोजगार दिया जाएगा। इसमें यह सफलता अर्जित कर रहा है। जल निगम का जल सखी कांसेप्ट इसी की एक कड़ी है।
-मो. जाकिर, उपायुक्त, एनआरएलएम।
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882 ग्राम पंचायतों में रखी जाएंगी 4,410 जल सखी
महराजगंज। दूषित पेयजल के कारण जलजनित रोगों पर नियंत्रण के लिए अब गांव-गांव जल सखियां तैनात की जाएंगी। इनकी मदद से पता किया जाएगा कि ग्रामीण शुद्ध पेयजल का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं। शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद जल निगम प्रत्येक गांव में 5 जल सखी नियुक्त करने की तैयारी तेज की है। जनपद में कुल 882 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें कुल 4,410 सखियां तैनात की जाएंगी। ग्रामीण आजीविका समूह की महिलाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए इनकी भर्ती एनआरएलएम के जरिए की जाएगी।
ग्रामीण इलाकों में पेयजल की गुणवत्ता की जांच अब आसान हो जाएगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में पांच-पांच प्रशिक्षित जल सखी को तैनात करने का निर्देश शासन की तरफ से जल निगम को मिला है। अधिकांश ग्राम पंचायतों में भर्ती के लिए विभाग जनवरी से कवायद शुरू करेगा। इस कवायद का लाभ ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं को मिलेगा और जल सखी बनकर महिलाएं अपने ही गांव में रोजगार प्राप्त कर सकेंगी।
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प्रशिक्षण का होगा इंतजाम, मिलेगी किट
जल निगम की ओर से इन जल सखियों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा। सखियां वैज्ञानिक तरीके से पानी की जांच कर शुद्धता तय कर सकें। उन्हें अत्याधुनिक पेयजल टेस्टिंग किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस किट से घरों में इस्तेमाल होने वाले नल के पानी, हैंडपंपों, सबमर्सिबल, वाटर सप्लाई की टंकियों के पानी का परीक्षण गांव के अंदर ही संभव होगा। जल सखियों की रिपोर्ट न केवल विभाग को भेजी जाएगी बल्कि उसे ग्रामीणों के साथ भी साझा किया जाएगा ताकि लोग शुद्ध पेयजल के लिए जागरूक हो सकें।
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नवंबर में आयोजित शासन स्तर की बैठक में जल सखी के प्रावधान के विषय में पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई। ग्रामीण क्षेत्रों में जल की शुद्धता तय करने में इनकी अहम भूमिका होगी। विभाग की तरफ से इन्हें पारिश्रमिक के रूप में कुछ मानदेय भी मिलेगा। इस माह के अंत तक गाइड लाइन आने के बाद जनवरी से भर्ती प्रभावी करने की तैयारी की जा रही है।
-आतिफ हुसैन, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का गठन ही इसीलिए हुआ कि विभागों के सामंजस्य से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को गांव में ही रोजगार दिया जाएगा। इसमें यह सफलता अर्जित कर रहा है। जल निगम का जल सखी कांसेप्ट इसी की एक कड़ी है।
-मो. जाकिर, उपायुक्त, एनआरएलएम।

-फोटो 53 : फैक्ट्री में लगी आग से उठती लपटें। संवाद