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Maharajganj News: आसान नहीं होगा ड्यूटी कटवाना, पहले था बीमारी का बहाना
Sat, 01 Feb 2025 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 01 Feb 2025 12:37 AM IST
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यूपी बोर्ड की तरफ से जारी किया गया निर्देश
महराजगंज। माध्यमिक स्कूलों में आज से यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा प्रारंभ हो रही है। 24 फरवरी से लिखित परीक्षा का दौर शुरू होगा जिसके लिए शिक्षकों की ड्यूटी ऑनलाइन लगाई जा रही है। सही स्कूलों से शिक्षकों के नाम मांगे गये हैं। अभी संख्या निर्धारित नहीं है, लेकिन बोर्ड पहले ही पत्र जारी कर दिया है शिक्षकों के अवकाश पर नकेल कसने का फरमान दिया है।
जनपद से इस बार 72 हजार से अधिक परीक्षार्थी यूपी बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं जिनके लिए 111 परीक्षा केंद्र तय हैं। अब केंद्र पर ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का निर्धारण होना है, लेकिन बोर्ड ने पहले ही निर्देश जारी कर दिये हैं कि बोर्ड ड्यूटी में लगे शिक्षकों की ड्यूटी कत्तई न काटी जाए। बहुत ही आवश्यक होने पर डीआईओएस कारण की पड़ताल कर ही छुट्टी स्वीकृत करें व बोर्ड को अवगत कराएं। इस आदेश के चलते अब तक बीमारी के बहाने ड्यूटी से बचने वालों की दाल गलनी मुश्किल है। बोर्ड ने जिक्र किया है कि अगर बीमारी की दिक्कत बताई जा रही है तो सिर्फ एक सप्ताह पुराना मेडिकल जो सीएमओ स्तर से निर्गत हुआ हो उसे मान्य किया जाए।
बोर्ड की तरफ से निर्देश आया है कि विषम परिस्थितियों में ही शिक्षकों का अवकाश स्वीकृत किया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार ड्यूटी के लिए रिजर्व कर्मी कम रखे जाएंगे जिन्हें किसी शिक्षक को अवकाश देने पर लगाया जाता था। बीमारी दिखाने वाले सीएमओ का जारी मेडिकल प्रपत्र लगाकर ही आवेदन कर सकेंगे।
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- प्रदीप कुमार शर्मा, डीआईओएस
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महराजगंज। माध्यमिक स्कूलों में आज से यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा प्रारंभ हो रही है। 24 फरवरी से लिखित परीक्षा का दौर शुरू होगा जिसके लिए शिक्षकों की ड्यूटी ऑनलाइन लगाई जा रही है। सही स्कूलों से शिक्षकों के नाम मांगे गये हैं। अभी संख्या निर्धारित नहीं है, लेकिन बोर्ड पहले ही पत्र जारी कर दिया है शिक्षकों के अवकाश पर नकेल कसने का फरमान दिया है।
जनपद से इस बार 72 हजार से अधिक परीक्षार्थी यूपी बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं जिनके लिए 111 परीक्षा केंद्र तय हैं। अब केंद्र पर ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का निर्धारण होना है, लेकिन बोर्ड ने पहले ही निर्देश जारी कर दिये हैं कि बोर्ड ड्यूटी में लगे शिक्षकों की ड्यूटी कत्तई न काटी जाए। बहुत ही आवश्यक होने पर डीआईओएस कारण की पड़ताल कर ही छुट्टी स्वीकृत करें व बोर्ड को अवगत कराएं। इस आदेश के चलते अब तक बीमारी के बहाने ड्यूटी से बचने वालों की दाल गलनी मुश्किल है। बोर्ड ने जिक्र किया है कि अगर बीमारी की दिक्कत बताई जा रही है तो सिर्फ एक सप्ताह पुराना मेडिकल जो सीएमओ स्तर से निर्गत हुआ हो उसे मान्य किया जाए।
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बोर्ड की तरफ से निर्देश आया है कि विषम परिस्थितियों में ही शिक्षकों का अवकाश स्वीकृत किया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार ड्यूटी के लिए रिजर्व कर्मी कम रखे जाएंगे जिन्हें किसी शिक्षक को अवकाश देने पर लगाया जाता था। बीमारी दिखाने वाले सीएमओ का जारी मेडिकल प्रपत्र लगाकर ही आवेदन कर सकेंगे।
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- प्रदीप कुमार शर्मा, डीआईओएस