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पुरानी परंपराओं को जीवंत खने की जिम्मेदारी युवाओं की : प्राचार्य
Tue, 02 Apr 2024 08:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 02 Apr 2024 08:39 PM IST
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फरेंदा। परमेश्वर सिंह मेमोरियल पीजी कॉलेज के बीएड विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को हिंदू नव वर्ष के संबंध में एक संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. अशोक भारतीय व रामनगीना सिंह ने किया।
प्राचार्य डॉ. अशोक भारतीय ने कहा हिंदू धर्म में नव वर्ष विक्रम संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से आरंभ होता है। युवा पीढ़ी पुरानी परंपराओं से बिमुख हो रहा है, जिसको जागरूकता के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। इस वर्ष नौ अप्रैल से नव विक्रम संवत्सर आरंभ हो रहा है। साथ ही इस दिन से ही चैत्र नवरात्रि भी आरंभ हो रही है। राम नगीना सिंह ने कहा नव वर्ष को नव संवत्सर भी कहा जाता है और इस दिन पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना गया है। सबसे खास बात है कि इस नव वर्ष के साथ चैत्र माह के नवरात्रि की भी शुरुआत होती है। ऐसे में नए साल के दिन सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन किया जाता है और फिर सभी देवी-देवताओं का पूजन करने का भी विधान है।
डाॅ. यशवंत सिंह ने कहा कि हम अपनी परंपराओं को भूल रहे हैं, इस कार्यक्रम का उद्देश्य यही हैं कि हम अपने परंपराओं को याद रखें और इस कार्यक्रम के द्वारा हिंदू नववर्ष को विधि विधान से मनाए। कार्यक्रम का संचालन बीएड प्रवक्ता मुरलीधर जायसवाल ने किया। बीएड की छात्राओं ने अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान ज्योति रावत, संयोगिता रावत, बीएड प्रवक्ता एसपी मौर्या, संजय विश्वकर्मा मौजूद रहे।
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प्राचार्य डॉ. अशोक भारतीय ने कहा हिंदू धर्म में नव वर्ष विक्रम संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से आरंभ होता है। युवा पीढ़ी पुरानी परंपराओं से बिमुख हो रहा है, जिसको जागरूकता के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। इस वर्ष नौ अप्रैल से नव विक्रम संवत्सर आरंभ हो रहा है। साथ ही इस दिन से ही चैत्र नवरात्रि भी आरंभ हो रही है। राम नगीना सिंह ने कहा नव वर्ष को नव संवत्सर भी कहा जाता है और इस दिन पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना गया है। सबसे खास बात है कि इस नव वर्ष के साथ चैत्र माह के नवरात्रि की भी शुरुआत होती है। ऐसे में नए साल के दिन सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन किया जाता है और फिर सभी देवी-देवताओं का पूजन करने का भी विधान है।
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डाॅ. यशवंत सिंह ने कहा कि हम अपनी परंपराओं को भूल रहे हैं, इस कार्यक्रम का उद्देश्य यही हैं कि हम अपने परंपराओं को याद रखें और इस कार्यक्रम के द्वारा हिंदू नववर्ष को विधि विधान से मनाए। कार्यक्रम का संचालन बीएड प्रवक्ता मुरलीधर जायसवाल ने किया। बीएड की छात्राओं ने अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान ज्योति रावत, संयोगिता रावत, बीएड प्रवक्ता एसपी मौर्या, संजय विश्वकर्मा मौजूद रहे।
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