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Maharajganj News: परफॉर्मेंस ग्रांट में गड़बड़ी, ग्राम प्रधान के खिलाफ जांच टीम गठित
Tue, 03 Jun 2025 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 03 Jun 2025 01:00 AM IST
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महराजगंज। ग्राम पंचायत छपिया में परफॉर्मेंस ग्रांट के तहत करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में गड़बड़ी के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद सीडीओ अनुराज जैन ने ग्राम प्रधान के खिलाफ सोमवार को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता सफायत अली, सफीकुर्रहमान और आरिफ अली ने 30 अप्रैल 2025 को जिला प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने ग्राम प्रधान पर वित्तीय वर्ष 2021 से मार्च 2025 तक लगभग 6.50 करोड़ रुपये की राशि से कराए गए आरआरसी रोड, नाली और अन्य विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ग्राम प्रधान ने इन कार्यों को इस्टीमेट के विपरीत कराकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। शिकायत के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा ने 28 मई को मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
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निरीक्षण रिपोर्ट में सामने आया कि परफॉर्मेंस ग्रांट के तहत कराए गए कार्यों की गुणवत्ता काफी खराब है और ये निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसके साथ ही कार्यों से संबंधित दस्तावेजों और पत्रावलियों का रख-रखाव भी ठीक ढंग से नहीं हुआ है। जांच में यह भी पता चला कि ग्राम प्रधान ने फर्जी फर्म बनाकर भुगतान कराया है, जो नियमों के स्पष्ट उल्लंघन में आता है।
इस पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान ग्राम प्रधान ने जांच टीम को सहयोग नहीं दिया, जिससे जांच में बाधा उत्पन्न हुई। मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की।
इस टीम में अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी महराजगंज, डिप्टी कमिश्नर (जीएसटी) और वित्त एवं लेखाधिकारी (जिला विद्यालय निरीक्षक) शामिल हैं। जांच टीम को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति में स्थलीय और अभिलेखीय जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता सफायत अली, सफीकुर्रहमान और आरिफ अली ने 30 अप्रैल 2025 को जिला प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने ग्राम प्रधान पर वित्तीय वर्ष 2021 से मार्च 2025 तक लगभग 6.50 करोड़ रुपये की राशि से कराए गए आरआरसी रोड, नाली और अन्य विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया।
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शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ग्राम प्रधान ने इन कार्यों को इस्टीमेट के विपरीत कराकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। शिकायत के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा ने 28 मई को मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
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निरीक्षण रिपोर्ट में सामने आया कि परफॉर्मेंस ग्रांट के तहत कराए गए कार्यों की गुणवत्ता काफी खराब है और ये निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसके साथ ही कार्यों से संबंधित दस्तावेजों और पत्रावलियों का रख-रखाव भी ठीक ढंग से नहीं हुआ है। जांच में यह भी पता चला कि ग्राम प्रधान ने फर्जी फर्म बनाकर भुगतान कराया है, जो नियमों के स्पष्ट उल्लंघन में आता है।
इस पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान ग्राम प्रधान ने जांच टीम को सहयोग नहीं दिया, जिससे जांच में बाधा उत्पन्न हुई। मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की।
इस टीम में अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी महराजगंज, डिप्टी कमिश्नर (जीएसटी) और वित्त एवं लेखाधिकारी (जिला विद्यालय निरीक्षक) शामिल हैं। जांच टीम को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति में स्थलीय और अभिलेखीय जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।