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Maharajganj News: इंडो-नेपाल बाॅर्डर पुल तैयार...निगरानी में होगी आसानी
Mon, 03 Feb 2025 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 03 Feb 2025 12:49 AM IST
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महराजगंज। इंडो-नेपाल बॉर्डर के किनारे दो पुल करीब चार करोड़ की लागत से बने हैं। दोनों के अप्रोच नहीं बने थे। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। इन दिनों पहले पुल के एप्रोच पर मिट्टी की भराई पूरी हो चुकी है।
दूसरे का एप्रोच बनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में आवागमन शुरू हो जाएगा। दोनों पुल से आवागमन शुरू हो जाने पर सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी करने में भी आसानी होगी।
पुल के अप्रोच वाले हिस्से में सड़क बनेगी। इसे मार्च 2024 तक काम पूरा कर लेना था, लेकिन करोड़ों खर्च कर पुल बनाने के बाद जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। जानकारी के अनुसार, नौतनवां गैस गोदाम के पीछे आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा गांव के पास डंडा नदी पर पहला पुल बना है।
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दूसरा पुल खनुआ और शेख फरेंदा गांव को जोड़ने वाली घाघरा नदी पर बना है। खनुआ के पास पुल के एप्रोच पर मिट्टी की भराई पूरी हो चुकी है। बैरिहवा गांव के पास पुल के एप्रोच पर काम हो रहा है। सुस्ती के बाद इसके निर्माण की अवधि विभाग की ओर से बढ़ा दी गई। अब जून 2025 तक काम पूरा करना है। वर्तमान में इधर से आने-जाने में परेशानी होती है। सिद्धार्थनगर जिले की सीमा से लेकर महराजगंज जिले के पथलहवा हेड पर करीब 60 किमी सड़क बनकर तैयार हो चुकी है। इस पर कहीं-कहीं आंशिक काम पूरा नहीं हुआ है।
इसमें दाेनों पुल का एप्रोच भी शामिल है। खनुआ गांव के पास पुल के दोनों तरफ एप्रोच के हिस्से में 219 मीटर सड़क बनेगी। वहीं बैरिहवा गांव के पास पुल के दोनों छोर पर एप्रोच के हिस्से में 123 मीटर सड़क बनाई जाएगी। मिट्टी भरने के बाद इसे रोलर से दबाया जा रहा है।
निर्धारित समय सीमा के अंदर काम पूरा होने का दावा विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अभी तो समस्या हो रही है, लेकिन आने वाले दिनों में आवागमन सुगम होगा। सुरक्षाकर्मियों को गश्त करने में भी सहूलियत होगी। पथलहवा हेड तक वाहन फर्राटा भरेंगे।
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दूसरे का एप्रोच बनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में आवागमन शुरू हो जाएगा। दोनों पुल से आवागमन शुरू हो जाने पर सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी करने में भी आसानी होगी।
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पुल के अप्रोच वाले हिस्से में सड़क बनेगी। इसे मार्च 2024 तक काम पूरा कर लेना था, लेकिन करोड़ों खर्च कर पुल बनाने के बाद जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। जानकारी के अनुसार, नौतनवां गैस गोदाम के पीछे आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा गांव के पास डंडा नदी पर पहला पुल बना है।
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दूसरा पुल खनुआ और शेख फरेंदा गांव को जोड़ने वाली घाघरा नदी पर बना है। खनुआ के पास पुल के एप्रोच पर मिट्टी की भराई पूरी हो चुकी है। बैरिहवा गांव के पास पुल के एप्रोच पर काम हो रहा है। सुस्ती के बाद इसके निर्माण की अवधि विभाग की ओर से बढ़ा दी गई। अब जून 2025 तक काम पूरा करना है। वर्तमान में इधर से आने-जाने में परेशानी होती है। सिद्धार्थनगर जिले की सीमा से लेकर महराजगंज जिले के पथलहवा हेड पर करीब 60 किमी सड़क बनकर तैयार हो चुकी है। इस पर कहीं-कहीं आंशिक काम पूरा नहीं हुआ है।
इसमें दाेनों पुल का एप्रोच भी शामिल है। खनुआ गांव के पास पुल के दोनों तरफ एप्रोच के हिस्से में 219 मीटर सड़क बनेगी। वहीं बैरिहवा गांव के पास पुल के दोनों छोर पर एप्रोच के हिस्से में 123 मीटर सड़क बनाई जाएगी। मिट्टी भरने के बाद इसे रोलर से दबाया जा रहा है।
निर्धारित समय सीमा के अंदर काम पूरा होने का दावा विभाग के अधिकारी कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अभी तो समस्या हो रही है, लेकिन आने वाले दिनों में आवागमन सुगम होगा। सुरक्षाकर्मियों को गश्त करने में भी सहूलियत होगी। पथलहवा हेड तक वाहन फर्राटा भरेंगे।