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कलयुग में प्रभु श्रीराम नाम ही मुक्ति का आधार है : राजन
Sun, 03 Mar 2024 08:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 03 Mar 2024 08:44 PM IST
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घुघली। कलयुग में राम नाम मात्र से ही भव सागर को पार कर जीवन को कल्याणकारी बनाया जा सकता है। कलयुग में राम के भक्ति से अपने आप में आत्म बल भी लाया जा सकता है।
उक्त बातें कथा वाचक राजन महाराज ने कहीं। वे घुघली के ग्राम सभा हरखा प्यास में आयोजित नौ दिवसीय राम कथा कार्यक्रम में तीसरे दिन हजारों श्रोताओं को राम कथासुना रहे थे। उन्होंने कहा कि कलयुग में राम का नाम कल्पतरु व कल्याण का निवास है। जिसको स्मरण करने से निकृष्ट भी पवित्र हो जाता है। उन्होंने कहा कि चहू युग तीनि काल तिहु लोका चारो युगों व तीनो कालों में और तीनों लोकों में नाम का सुमिरन कर प्राणी शोक रहित हुए है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम का स्मरण करने से ही संसार के सब जंजालों को नाश कर देने वाला है। कलयुग में ही राम नाम मनोवांछित फल देने वाला है। उन्होंने कहा कि परलोक का परम हितैषी और इस लोक का माता पिता है। आयोजक शंकर पांडेय, शंभू पांडेय, वरुण पांडेय, अमन पांडेय, नीरज पांडेय, प्रवीण पांडेय, पूनम पांडेय, विनोद पांडेय, अजित मौजूद रहे। संवाद
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उक्त बातें कथा वाचक राजन महाराज ने कहीं। वे घुघली के ग्राम सभा हरखा प्यास में आयोजित नौ दिवसीय राम कथा कार्यक्रम में तीसरे दिन हजारों श्रोताओं को राम कथासुना रहे थे। उन्होंने कहा कि कलयुग में राम का नाम कल्पतरु व कल्याण का निवास है। जिसको स्मरण करने से निकृष्ट भी पवित्र हो जाता है। उन्होंने कहा कि चहू युग तीनि काल तिहु लोका चारो युगों व तीनो कालों में और तीनों लोकों में नाम का सुमिरन कर प्राणी शोक रहित हुए है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम का स्मरण करने से ही संसार के सब जंजालों को नाश कर देने वाला है। कलयुग में ही राम नाम मनोवांछित फल देने वाला है। उन्होंने कहा कि परलोक का परम हितैषी और इस लोक का माता पिता है। आयोजक शंकर पांडेय, शंभू पांडेय, वरुण पांडेय, अमन पांडेय, नीरज पांडेय, प्रवीण पांडेय, पूनम पांडेय, विनोद पांडेय, अजित मौजूद रहे। संवाद
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