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Maharajganj News: अकीदत के साथ इमाम हुसैन की शहादत को किया याद
Mon, 07 Jul 2025 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 07 Jul 2025 12:50 AM IST
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एनएच 730 फरेंदा मार्ग पर मुहर्रम के जुलूस में ताजिया लेकर जाते लोग।
महराजगंज। रविवार को 10वीं मुहर्रम का ताजिया शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला के मैदान में दी गई शहादत को याद किया गया। अकीदतमंदों ने रोजा रखा, नियाज और फातिहा पढ़ा और ताजिया जुलूस निकाला। जुलूस में ढोल-ताशे, नारे-तकबीर और पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन देखने को मिला।
महराजगंज शहर में ताजिया जुलूस का आयोजन छोटी मस्जिद से शुरू हुआ और सिविल लाइन, बैंक रोड होते हुए पुरानी तहसील गेट पर ताजियों का मिलन हुआ। जुलूस में आगे-आगे ढोल-ताशे बजाने वाले कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि पीछे-पीछे अकीदतमंद अपने सिर पर छोटी-छोटी ताजियां लिए या हुसैन, या हुसैन के नारे बुलंद करते हुए चल रहे थे। पूरा माहौल इमाम हुसैन की शहादत की याद में गूंज रहा था।
जुलूस में शामिल लोग न केवल अपनी अकीदत का प्रदर्शन कर रहे थे, बल्कि कर्बला के शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके रास्ते पर चलने का प्रण ले रहे थे। ताजियों की कारीगरी देखकर पुराने जमाने की कला की यादें ताजा हो गईं। दो खंड, तीन खंड और चार खंड के ताजिए अपनी बारीक कारीगरी के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। इन ताजियों को देखने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी।
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नौतनवा, फरेंदा, घुघुली, निचलौल, सिसवा बाजार, परतावल, ठूठीबारी, जगदौर, बरोहिया, पचमा, परसा, चक गोबरही, सिंदुरिया और मिठौरा में भी 10वीं मुहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निकाले गए। इन जुलूसों में अकीदतमंदों ने हरे रंग के इस्लामी झंडे और ताजिए लेकर हिस्सा लिया। जुलूस में लाठी, डंडा, तलवार, भाला और फरसा जैसे पारंपरिक हथियारों के साथ कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
थकरी नृत्य करने वाले कलाकारों ने विभिन्न नृत्य शैलियों के साथ अपनी प्रस्तुति दी, जबकि गायकों ने जारी गाकर इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद किया। ढोल-ताशे की थाप पर कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर माहौल को और जीवंत बना दिया।
सोनौली प्रतिनिधि के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों जैसे हरदीडाली, कैथवलिया उर्फ बरगदही, खनुआ और शेख फरेंदा में भी मुहर्रम का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इन गांवों में ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाले गए।
खनुआ में छह, शेख फरेंदा में 20, हरदीडाली में 18 और कैथवलिया उर्फ बरगदही में सात ताजिए बनाए गए, जिन्हें बाद में कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। खनुआ चौकी प्रभारी विजय द्विवेदी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम रही और किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई।
नौतनवा प्रतिनिधि के अनुसार, ताजियेदार अपने-अपने ताजिए लेकर जयहिंद चौराहे पर एकत्र हुए, जहां से नगर भ्रमण के लिए जुलूस निकाला गया। जुलूस में विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने लाठी, तलवार और अन्य हथियारों के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिसे देखकर दर्शक दंग रह गए।
कर्बला दूर है, जाना जरूर है और इस्लाम जिंदाबाद जैसे नारे जुलूस में शामिल लोगों ने बुलंद किए। नौतनवा में एसडीएम नवीन प्रसाद, सीओ जयप्रकाश त्रिपाठी, तहसीलदार कर्ण सिंह, नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव, थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव और चौकी प्रभारी छोटेलाल के नेतृत्व में पुलिस फोर्स मुस्तैद रही।
चौक बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, मदरसा रिजविया अहले सुन्नत के कमेटी की ओर से लंगर का आयोजन हुआ। कमेटी के खजांची अकबर अली, अब्दुल कादिर ने बताया कि यह सिर्फ पानी पिलाना नहीं, बल्कि हमारे लिए सेवा का माध्यम है। मेला देखने आए श्रवण वर्मा, उमेश, रामकेश्वर, सोनू, मनवीर, अंगेश आदि ने पहल को सराहा।
पनियरा प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के गांगी बाजार, मुजुरी बाजार, जंगल बड़हरा, मौलागंज, बभनौली, गेहुअना, गिरगीटियां, ढौठा, बड़वार, बैजुआं, रजौड़ा, नरकटहां में ताजिया जुलूस निकला।
फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में मुहर्रम का त्योहार परंपरागत ढंग से मनाया गया। आखाड़ा के युवाओं ने कई प्रकार के करतब दिखाएं। बृजमनगंज में रविवार को मुहर्रम का त्योहार नगर पंचायत, कलवारगढ़, मनसफगढ़ और आमाकोट से लाए गए ताजियों को नगर के मेन चौराहे पर एकत्र किया गया।
भ्रमण कर जिलाधिकारी ने देखी सुरक्षा व्यवस्था
महराजगंज। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने मुहर्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए सिसवा बाजार में भ्रमण किया। सिसवा बाजार के स्टेट चौराहा पहुंचे और उपजिलाधिकारी निचलौल व सीओ निचलौल से जमीनी हालात का जायजा लिया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्टेट चौराहा से गोपालनगर चौराहा तक एसडीएम व सीओ सहित पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया। संवाद
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महराजगंज शहर में ताजिया जुलूस का आयोजन छोटी मस्जिद से शुरू हुआ और सिविल लाइन, बैंक रोड होते हुए पुरानी तहसील गेट पर ताजियों का मिलन हुआ। जुलूस में आगे-आगे ढोल-ताशे बजाने वाले कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि पीछे-पीछे अकीदतमंद अपने सिर पर छोटी-छोटी ताजियां लिए या हुसैन, या हुसैन के नारे बुलंद करते हुए चल रहे थे। पूरा माहौल इमाम हुसैन की शहादत की याद में गूंज रहा था।
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जुलूस में शामिल लोग न केवल अपनी अकीदत का प्रदर्शन कर रहे थे, बल्कि कर्बला के शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके रास्ते पर चलने का प्रण ले रहे थे। ताजियों की कारीगरी देखकर पुराने जमाने की कला की यादें ताजा हो गईं। दो खंड, तीन खंड और चार खंड के ताजिए अपनी बारीक कारीगरी के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। इन ताजियों को देखने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी।
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नौतनवा, फरेंदा, घुघुली, निचलौल, सिसवा बाजार, परतावल, ठूठीबारी, जगदौर, बरोहिया, पचमा, परसा, चक गोबरही, सिंदुरिया और मिठौरा में भी 10वीं मुहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निकाले गए। इन जुलूसों में अकीदतमंदों ने हरे रंग के इस्लामी झंडे और ताजिए लेकर हिस्सा लिया। जुलूस में लाठी, डंडा, तलवार, भाला और फरसा जैसे पारंपरिक हथियारों के साथ कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
थकरी नृत्य करने वाले कलाकारों ने विभिन्न नृत्य शैलियों के साथ अपनी प्रस्तुति दी, जबकि गायकों ने जारी गाकर इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद किया। ढोल-ताशे की थाप पर कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर माहौल को और जीवंत बना दिया।
सोनौली प्रतिनिधि के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों जैसे हरदीडाली, कैथवलिया उर्फ बरगदही, खनुआ और शेख फरेंदा में भी मुहर्रम का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इन गांवों में ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाले गए।
खनुआ में छह, शेख फरेंदा में 20, हरदीडाली में 18 और कैथवलिया उर्फ बरगदही में सात ताजिए बनाए गए, जिन्हें बाद में कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। खनुआ चौकी प्रभारी विजय द्विवेदी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम रही और किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई।
नौतनवा प्रतिनिधि के अनुसार, ताजियेदार अपने-अपने ताजिए लेकर जयहिंद चौराहे पर एकत्र हुए, जहां से नगर भ्रमण के लिए जुलूस निकाला गया। जुलूस में विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने लाठी, तलवार और अन्य हथियारों के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिसे देखकर दर्शक दंग रह गए।
कर्बला दूर है, जाना जरूर है और इस्लाम जिंदाबाद जैसे नारे जुलूस में शामिल लोगों ने बुलंद किए। नौतनवा में एसडीएम नवीन प्रसाद, सीओ जयप्रकाश त्रिपाठी, तहसीलदार कर्ण सिंह, नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव, थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव और चौकी प्रभारी छोटेलाल के नेतृत्व में पुलिस फोर्स मुस्तैद रही।
चौक बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, मदरसा रिजविया अहले सुन्नत के कमेटी की ओर से लंगर का आयोजन हुआ। कमेटी के खजांची अकबर अली, अब्दुल कादिर ने बताया कि यह सिर्फ पानी पिलाना नहीं, बल्कि हमारे लिए सेवा का माध्यम है। मेला देखने आए श्रवण वर्मा, उमेश, रामकेश्वर, सोनू, मनवीर, अंगेश आदि ने पहल को सराहा।
पनियरा प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के गांगी बाजार, मुजुरी बाजार, जंगल बड़हरा, मौलागंज, बभनौली, गेहुअना, गिरगीटियां, ढौठा, बड़वार, बैजुआं, रजौड़ा, नरकटहां में ताजिया जुलूस निकला।
फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में मुहर्रम का त्योहार परंपरागत ढंग से मनाया गया। आखाड़ा के युवाओं ने कई प्रकार के करतब दिखाएं। बृजमनगंज में रविवार को मुहर्रम का त्योहार नगर पंचायत, कलवारगढ़, मनसफगढ़ और आमाकोट से लाए गए ताजियों को नगर के मेन चौराहे पर एकत्र किया गया।
भ्रमण कर जिलाधिकारी ने देखी सुरक्षा व्यवस्था
महराजगंज। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने मुहर्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए सिसवा बाजार में भ्रमण किया। सिसवा बाजार के स्टेट चौराहा पहुंचे और उपजिलाधिकारी निचलौल व सीओ निचलौल से जमीनी हालात का जायजा लिया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्टेट चौराहा से गोपालनगर चौराहा तक एसडीएम व सीओ सहित पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया। संवाद