{"_id":"69a9e416a97fcc53f60b73f2","slug":"husbands-murderer-jailed-villagers-perform-last-rites-maharajganj-news-c-206-1-mhg1007-172743-2026-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: पति की हत्यारोपी को जेल, ग्रामीणों ने किया अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: पति की हत्यारोपी को जेल, ग्रामीणों ने किया अंतिम संस्कार
विज्ञापन
बांसपार कोठी टोला में पति को जिंदा जलाने का मामला
चंदा एकत्र कर मृतक के क्रिया-कर्म में जुटे ग्रामीण
परतावल। ग्राम सभा बांसपार कोठी टोला पिपरा में सोमवार की देर रात पति को जिंदा जलाने की आरोपी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार बुधवार को उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में रामपत का अंतिम संस्कार किया। ग्रामीण अब चंदा इकट्ठा कर क्रियाकर्म की तैयारी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा बांसपार कोठी टोला पिपरा निवासी सुमित्रा (60) करीब 40 वर्ष पूर्व आर्थिक तंगी के कारण मुंबई चली गई थी। वहीं उसकी मुलाकात रामपत (62) से हुई। दोनों ने शादी कर ली। करीब 10 वर्ष मुंबई में रहने के बाद सुमित्रा अपने पति और एक बेटी के साथ गांव लौट आई। ग्राम प्रधान की ओर से आबादी की जमीन पर सरकारी आवास दिलाए जाने के बाद दोनों वहीं रहने लगे। कुछ समय बाद परिवार पुनः मुंबई चला गया, लेकिन लगभग सात वर्ष पहले दोनों फिर गांव लौट आए। इस बार उनकी बेटी साथ नहीं थी।
ग्रामीणों के अनुसार, दंपती गांव और आसपास के इलाकों में भीख मांगकर गुजर-बसर करते थे। लोगों का यह भी कहना है कि दोनों को शराब की लत थी और आए दिन उनके बीच विवाद होता रहता था। सोमवार की शाम भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। बताया जाता है कि विवाद के बाद पति रामपत कमरे में खाट पर सो गया। आरोप है कि उसके गहरी नींद में होने के दौरान सुमित्रा ने उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। आग लगने के बाद रामपत ने शोर मचाया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कुछ ही देर में कमरे में रखी खाट और बिस्तर जलकर राख हो गए। अंततः वह कमरे के एक कोने में बैठ गया, जहां उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
सुबह घटना की जानकारी होने पर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। दरवाजा खोले जाने पर रामपत का शव कमरे के कोने में मिला। गांव के चौकीदार हबीब ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चौकीदार की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी पत्नी सुमित्रा को धनहा बैजौली स्कूल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बताया गया है कि ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में रामपत का अंतिम संस्कार किया। ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक तंगी को देखते हुए वे सामूहिक रूप से सहयोग कर हिंदू रीति-रिवाज से उनका समुचित कर्मकांड भी कराएंगे।
थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि आरोपी पत्नी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
चंदा एकत्र कर मृतक के क्रिया-कर्म में जुटे ग्रामीण
परतावल। ग्राम सभा बांसपार कोठी टोला पिपरा में सोमवार की देर रात पति को जिंदा जलाने की आरोपी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार बुधवार को उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में रामपत का अंतिम संस्कार किया। ग्रामीण अब चंदा इकट्ठा कर क्रियाकर्म की तैयारी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा बांसपार कोठी टोला पिपरा निवासी सुमित्रा (60) करीब 40 वर्ष पूर्व आर्थिक तंगी के कारण मुंबई चली गई थी। वहीं उसकी मुलाकात रामपत (62) से हुई। दोनों ने शादी कर ली। करीब 10 वर्ष मुंबई में रहने के बाद सुमित्रा अपने पति और एक बेटी के साथ गांव लौट आई। ग्राम प्रधान की ओर से आबादी की जमीन पर सरकारी आवास दिलाए जाने के बाद दोनों वहीं रहने लगे। कुछ समय बाद परिवार पुनः मुंबई चला गया, लेकिन लगभग सात वर्ष पहले दोनों फिर गांव लौट आए। इस बार उनकी बेटी साथ नहीं थी।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार, दंपती गांव और आसपास के इलाकों में भीख मांगकर गुजर-बसर करते थे। लोगों का यह भी कहना है कि दोनों को शराब की लत थी और आए दिन उनके बीच विवाद होता रहता था। सोमवार की शाम भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। बताया जाता है कि विवाद के बाद पति रामपत कमरे में खाट पर सो गया। आरोप है कि उसके गहरी नींद में होने के दौरान सुमित्रा ने उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। आग लगने के बाद रामपत ने शोर मचाया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कुछ ही देर में कमरे में रखी खाट और बिस्तर जलकर राख हो गए। अंततः वह कमरे के एक कोने में बैठ गया, जहां उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
सुबह घटना की जानकारी होने पर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। दरवाजा खोले जाने पर रामपत का शव कमरे के कोने में मिला। गांव के चौकीदार हबीब ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चौकीदार की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी पत्नी सुमित्रा को धनहा बैजौली स्कूल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बताया गया है कि ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में रामपत का अंतिम संस्कार किया। ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक तंगी को देखते हुए वे सामूहिक रूप से सहयोग कर हिंदू रीति-रिवाज से उनका समुचित कर्मकांड भी कराएंगे।
थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि आरोपी पत्नी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।