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Maharajganj News: बंगला नंबर चार है पिता की कर्मभूमि...प्रतिमा भी वहीं लगे

Fri, 12 Sep 2025 02:08 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 Sep 2025 02:08 AM IST
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Gorakhpur News: Bungalow number four is father's workplace... his statue should also be installed there
पूर्व विधायक केदारनाथ सिंह की बेटी ने कहा- आंदोलन में कुछ लोगों ने की राजनीति, समाज के लोगों के सामने उठाउंगी मुद्दा
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बोलीं- शहर के बाहर गई थी और मेरा सामान घर से बाहर रखवा दिया
गोरखपुर। मुख्यमंत्री से मिलकर पूर्व विधायक केदारनाथ सिंह की प्रतिमा को सम्मानजनक तरीके से कहीं और स्थापित करने की पहल कुछ जनप्रतिनिधियों और सैंथवार समाज के लोगों ने की है। इसी बीच पूर्व विधायक की बेटी निशा सिंह ने इसे सियासत बताते हुए आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बंगला नंबर चार उनके पिता की कर्मभूमि रही है। लंबे समय से उन्होंने वहां निवास किया तो प्रतिमा भी वहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि अपने समाज के लोगों के सामने भी वह इस मुद्दे को उठाएंगी।
निशा सिंह ने कहा कि वर्ष 1981 से पिता के निवास स्थान पर हर पार्टी के बड़े नेता आ चुके हैं। पिता ने समाज के लोगों के लिए हमेशा संघर्ष किया लेकिन जमीन को फ्री होल्ड कराने में उनके साथ धोखा किया गया। इस बात का उल्लेख पिता ने अपने पत्र में किया है। वैसे भी जमीन को फ्री होल्ड कराया गया है लेकिन भवन को नहीं। वहां वह लंबे समय से तीन कमरों में पति जितेंद्र सिंह और बेटे के साथ रहती थीं।
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उन्होंने बताया कि 28 सितंबर को बिजनेस के सिलसिले में वह शहर से बाहर गई थीं। पति घर पर मौजूद थे। प्रशासन की मौजूदगी में सामान निकालकर बाहर कर दिया गया। पति ने आपत्ति जताई पर कोई सुनवाई नहीं हुई। घर से निकाले गए सामान को नरसिंहपुर स्थित ससुराल में रखवाया है। बताया कि उनके चार भाई हैं। दो भाई शहर छोड़कर कहीं और शिफ्ट हो चुके हैं। दो भाई का परिवार भी बंगला नंबर चार में रहता था। अब एक भाई किराए के कमरे में रह रहे हैं और दूसरे भाई अपने एक परिचित के यहां रहते हैं।
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कोर्ट में मुझे पार्टी नहीं बनाया गया
पूर्व विधायक की बेटी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में उन्हें पार्टी नहीं बनाया गया जबकि वह पिता के साथ ही रहती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट में भ्रामक सूचनाएं दी गईं। स्थानीय अदालत में वाद दाखिल किया है। 9 सितंबर को सुनवाई होनी थी अब 15 सितंबर की तारीख मिली है। मामले को वह सुप्रीम कोर्ट में भी चैलेंज करेंगी।

कोट
पूर्व विधायक की प्रतिमा को स्थापित करने के लिए सम्मानजनक हल निकाला जाएगा। इस संदर्भ में मांगपत्र मिला है, जल्द ही उचित समाधान कर लिया जाएगा।
- दीपक मीणा, डीएम

प्राइवेट जमीन में प्रतिमा स्थापित करना न्याय संगत नहीं
जमीन को फ्री होल्ड कराने वाले तनुज अग्रवाल ने पूर्व विधायक की बेटी के आरोपों को एक सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि प्राइवेट जमीन में किसी की प्रतिमा को स्थापित करना न्याय संगत नहीं है। प्रतिमा को स्थापित करते समय भी सहमति नहीं ली गई। उस दौरान विरोध भी किया गया था। पुलिस ने जांच कर रोक लगा दी थी लेकिन बाद में चुपके से प्रतिमा लगा दी गई। जहां तक जमीन से जुड़े आरोप हैं तो वे निराधार हैं। सुप्रीम कोर्ट में पूर्व विधायक के बेटों ने खाली करने का हलफनामा दिया था। कोर्ट के आदेश पर ही खाली हुआ है। 25 वर्ष से तो उनके साथ अन्याय हुआ है। जमीन को फ्री होल्ड कराने के बाद भी कब्जा नहीं मिला।

कहीं और स्थापित नहीं होने देंगे प्रतिमा
पूर्व विधायक केदारनाथ सिंह के समर्थक और शुभचिंतक गोरखपुर-बस्ती मंडल के सभी जिलों में बड़ी संख्या में हैं। सभी लोग चाहते हैं कि जिस परिसर में पूर्व विधायक रहते थे, प्रतिमा वहीं पर रहे। हमारी मांग है कि पूरे परिसर को पार्क घोषित किया जाए। कहीं और प्रतिमा स्थापित करने नहीं देंगे। इसके लिए आगे लड़ाई लड़ी जाएगी। कुछ लोगों ने सार्थक हल निकालने का प्रयास किया है लेकिन मुझे लगता है कि वह सफल नहीं है।
-गंगा सिंह सैंथवार, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सैंथवार-मल्ल सभा
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