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Maharajganj News: सीमावर्ती ट्रक मालिक जांच करा रहे गाड़ियों के कागजात

Tue, 08 Aug 2023 12:49 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Aug 2023 12:49 AM IST
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Frontline truck owners are checking documents of vehicles
सीमावर्ती क्षेत्र में खड़े ट्रक।संवाद
चोरी के ट्रक खरीद बिक्री की कड़ी जोड़ने में जुटी एसटीएफ, मनमीत से ट्रक खरीदने वाले परेशान वेरीफिकेशन के लिए लगा रहे चक्कर
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संवाद न्यूज एजेंसी



महराजगंज। बीते दिनों एसटीएफ के हत्थे चढ़े ट्रक चोरी करने वाले गैंग के कारनामे बड़े हैं। हालत यह है कि इन दिनों सीमावर्ती क्षेत्र के ट्रक मालिकों ने अपने कागजातों की जांच कराना शुरू कर दिया। वह भी संशय में है कि कहीं उनके ट्रक तो चोरी के नहीं हैं। सोनौली कोतवाली थाना क्षेत्र के कुनसेरवा बाईपास से जुड़े चोरी के ट्रकों के तार के मामले में जांच पुलिस कर रही है। मनमीत सिंह ने अब तक जिन ट्रकों को बेचा है, उन सभी की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।



सूत्र बात रहे हैं कि गिरफ्तारी के पहले तक मनमीत सिंह से खरीदे गए उन सभी ट्रकों को लेकर ट्रक मालिक यह सोच कर परेशान हैं कि कहीं उनकी भी गाड़ी फर्जी कागजातों की चक्कर में न फंस जाए। सूत्रों का कहना है कि गैर राज्यों से चोरी व फाइनेंस की ट्रैकों को खरीद कर उसे बस्ती में एक गेराज में डेंट पेंट कर फिर उन्हें कुनसेरवा बाईपास लाया जाता था। बाईपास पर जो रैकेट चलाता था। उन सभी ट्रैकों को ग्राहकों की खोज कर उन्हें कुछ मार्केट से कम रेट लगाकर उन ट्रैकों को बेच देता था। यदि किसी भी मोटर मालिक के पास अगर फाइनेंस की व्यवस्था नहीं है तो ट्रकों की खरीद बेच करने वाला सरगना उन ट्रक मालिकों के लिए फाइनेंस की व्यवस्था भी करता था। ताकि ट्रक को बेचने में कोई परेशानी न हो। महाराजगंज व गोरखपुर आरटीओ ऑफिस में कई ऐसे भी ट्रकों की एंट्री कर दी गई है, जो फर्जी तरीके से एनओसी दूसरे प्रदेशों से अलग-अलग जनपद के लिए लाए गए थे। चोरी के ट्रक सीमावर्ती जनपद में चलने और खरीद बिक्री करने वाले लोगों की कड़ी जोड़ने के लिए एसटीएफ लगी हुई है। जिसे लेकर आरटीओ गोरखपुर, महराजगंज, फतेहपुर और बस्ती जिले में कितने ट्रकों की चोरी और कितने ट्रक एनओसी के लिए आए हैं, उसका एसटीएफ पुलिस की मदद से सत्यापन में जुटी है। बताया गया है कि कुछ ऐसे ट्रक भी हैं, जो सही हैं। उनका भी वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इन लोगों से पुराने खरीदे गए ट्रक मालिक खुद अपने अपने वाहनों का पंजीयन से लेकर परमिट फिटनेस को दुबारा वेरीफिकेशन कराने में लगे हैं।
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एक सप्ताह पूर्व एसटीएफ के हत्थे चढ़े अंतरराज्यीय चोरों ने दी अहम जानकारी दी थी जिसमे पता चला था कि अंतरराज्यीय स्तर पर ट्रकों के इंजन नंबर व चेसिस नंबर को कई बार बदलकर व उनके फर्जी प्रपत्र तैयार कर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह हैं। सीमावर्ती जनपद महराजगंज के नौतनवां में ट्रकों को बेचते थे। एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम जानकारी दी। ट्रकों के फर्जी कागजात आरटीओ दलालों की मदद से तैयार किए जाते थे।
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दुबारा ब्रिकी हुए वाहनों की जानकारी में जुटा एसटीएफ



आरोपियों ने पिछले पांच वर्षों में कितने ट्रक बेचे हैं, इसकी जानकारी एसटीएफ जुटा रही है। जिसमे अन्य जिले के वाहन और दूसरे प्रदेश के भी ट्रक हैं, जो खरीद बिक्री हुए हैं। जिन राज्यों से एनओसी लाए गए हैं। उन सभी जिलों के आरटीओ को पत्र लिख कर जानकारी एकत्र की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। जो तथ्य मिले हैं, उसे हिसाब से जांच की जा रही है।
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