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Maharajganj News: साइबर ठगों ने एफडी तोड़कर निकाल लिए चार लाख
Mon, 07 Jul 2025 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 07 Jul 2025 12:23 AM IST
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महराजगंज। शहर के मऊपाकड़ निवासी सैयद फिरोज अहमद धोखाधड़ी के शिकार हो गए। साइबर ठगों ने तीन जुलाई को बैंक की एफडी तोड़कर चार लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने रविवार को अज्ञात साइबर ठगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है।
पीड़ित सैयद फिरोज अहमद ने चार जुलाई को सदर कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि 10-10-2024 को उन्होंने शहर में स्थित एचडीएफसी बैंक में चार लाख रुपये फिक्स डिपाजिट किया था। तीन जुलाई की रात करीब 9.44 बजे रकम निकलने का मैसेज आया। इससे पहले उनके मोबाइल नंबर पर ठगी से ढाई घंटे पहले यूपीआई एफेडेविट फंड ट्रांसफर का मैसेज आया था।
मैसेज देखकर बेटे ने इसकी जानकारी दी तो पैरों तले से जमीन खिसक गई। चार जुलाई की सुबह 1930 पर खाते से चार लाख रुपये निकलने की शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित सैयद फिरोज अहमद ने बताया कि अब तो बैंक में रकम भी सुरक्षित नहीं है। साइबर ठगों की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं। सोचा था की रकम तय समय में दोगुनी हो जाएगी, लेकिन रकम दोगुनी होने की बात तो दूर, पूरी रकम ही जालसाजों ने हड़प ली। यह समझ में नहीं आ रहा है कि साइबर ठग बैंक में जमा धनराशि कैसे हड़प ले रहे हैं।
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सैयद फिरोज अहमद का कहना है कि साइबर ठगी से बचाव के लिए सजग रहने की जरूरत है। सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।
अज्ञात नंबरों से आने वाले लिंक पर न करें क्लिक
साइबर सेल के उप निरीक्षक अमित यादव कहते हैं कि कोई भी एजेंसी या पुलिस डिजिटल माध्यम से किसी की गिरफ्तारी नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर पैसे की मांग करता है तो बिना देरी किए तुरंत नजदीकी थाने में इसकी शिकायत करें। साइबर खतरों से बचने के लिए कभी भी कॉल या मैसेज पर अपनी संवेदनशील जानकारी जैसे ओटीपी, आधार, पैन या बैंक विवरण साझा न करें। अज्ञात नंबरों से आने वाले लिंक पर क्लिक न करें, जो केवाईसी अपडेट के बहाने आपकी निजी जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। युवा अपना अधिकांश समय मोबाइल पर बिता रहे हैं और सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा बेहद जरूरी है। युवा अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अपने डेटा को सुरक्षित रखें और घर के सदस्यों से जुड़ी कोई भी व्यक्तिगत जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें।
इन बिंदुओं पर दें ध्यान
-सोच-समझकर लिंक खोलें
-मजबूत पासवर्ड बनाएं
-टू-स्टेप वेरिफिकेशन का इस्तेमाल करें।
-मोबाइल और एप्स को अपडेट रखें।
-किसी को भी जानकारी शेयर न करें।
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पीड़ित सैयद फिरोज अहमद ने चार जुलाई को सदर कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि 10-10-2024 को उन्होंने शहर में स्थित एचडीएफसी बैंक में चार लाख रुपये फिक्स डिपाजिट किया था। तीन जुलाई की रात करीब 9.44 बजे रकम निकलने का मैसेज आया। इससे पहले उनके मोबाइल नंबर पर ठगी से ढाई घंटे पहले यूपीआई एफेडेविट फंड ट्रांसफर का मैसेज आया था।
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मैसेज देखकर बेटे ने इसकी जानकारी दी तो पैरों तले से जमीन खिसक गई। चार जुलाई की सुबह 1930 पर खाते से चार लाख रुपये निकलने की शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित सैयद फिरोज अहमद ने बताया कि अब तो बैंक में रकम भी सुरक्षित नहीं है। साइबर ठगों की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं। सोचा था की रकम तय समय में दोगुनी हो जाएगी, लेकिन रकम दोगुनी होने की बात तो दूर, पूरी रकम ही जालसाजों ने हड़प ली। यह समझ में नहीं आ रहा है कि साइबर ठग बैंक में जमा धनराशि कैसे हड़प ले रहे हैं।
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सैयद फिरोज अहमद का कहना है कि साइबर ठगी से बचाव के लिए सजग रहने की जरूरत है। सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।
अज्ञात नंबरों से आने वाले लिंक पर न करें क्लिक
साइबर सेल के उप निरीक्षक अमित यादव कहते हैं कि कोई भी एजेंसी या पुलिस डिजिटल माध्यम से किसी की गिरफ्तारी नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर पैसे की मांग करता है तो बिना देरी किए तुरंत नजदीकी थाने में इसकी शिकायत करें। साइबर खतरों से बचने के लिए कभी भी कॉल या मैसेज पर अपनी संवेदनशील जानकारी जैसे ओटीपी, आधार, पैन या बैंक विवरण साझा न करें। अज्ञात नंबरों से आने वाले लिंक पर क्लिक न करें, जो केवाईसी अपडेट के बहाने आपकी निजी जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। युवा अपना अधिकांश समय मोबाइल पर बिता रहे हैं और सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा बेहद जरूरी है। युवा अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अपने डेटा को सुरक्षित रखें और घर के सदस्यों से जुड़ी कोई भी व्यक्तिगत जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें।
इन बिंदुओं पर दें ध्यान
-सोच-समझकर लिंक खोलें
-मजबूत पासवर्ड बनाएं
-टू-स्टेप वेरिफिकेशन का इस्तेमाल करें।
-मोबाइल और एप्स को अपडेट रखें।
-किसी को भी जानकारी शेयर न करें।