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Maharajganj News: जमीन के नाम पर 8.38 लाख की धोखाधड़ी
Fri, 21 Feb 2025 12:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 21 Feb 2025 12:53 AM IST
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महराजगंज। चौक निवासी एक व्यक्ति से जमीन का बैनामा करने के नाम पर 8.38 लाख की धोखाधड़ी कर ली गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रिया नागर ने चौक थाना क्षेत्र के ग्राम शेखपुरवां निवासी शत्रुधन के विरुद्ध पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
पत्रावली से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी शत्रुधन निवासी ग्राम मिश्रौलिया ने थाना चौक निवासी मोहन शर्मा को बैनामा से जमीन-खेत दिलाने का झांसा देकर धोखे से 8 लाख 38 हजार रुपये ले लिया। इसके बाद भी जमीन का बैनामा नहीं किया। जब पीड़ित अपने पैसों की मांग करने लगा तब आरोपित उसे वापस देने में आनाकानी करने लगा। पीड़ित व आरोपी के मध्य उक्त धनराशि के वापसी के बाबत एक सुलहनामा भी हुआ था।
आरोपी पैसों की वापसी में आनाकानी करता रहा। उसने पीड़ित को 1 लाख 50 हजार का एक चेक भी दिया। पीड़ित ने उस चेक के भुगतान के लिए जब बैंक में जमा किया तो पता चला कि चेक फर्जी है। उस बैंक में चेक पर अंकित खाता संख्या का खातेदार आरोपी नहीं है। आरोपी प्रॉपर्टी डीलिंग और लकड़ी का कारोबार करता है।
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पीड़ित अंतर्गत धारा 173(4) बीएनएसएस न्यायालय समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना पत्र का परीक्षण करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रिया नागर ने अभिलेखीय साक्ष्यों व दलीलों को सुनने के बाद उपरोक्त प्रकरण में केस दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
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पत्रावली से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी शत्रुधन निवासी ग्राम मिश्रौलिया ने थाना चौक निवासी मोहन शर्मा को बैनामा से जमीन-खेत दिलाने का झांसा देकर धोखे से 8 लाख 38 हजार रुपये ले लिया। इसके बाद भी जमीन का बैनामा नहीं किया। जब पीड़ित अपने पैसों की मांग करने लगा तब आरोपित उसे वापस देने में आनाकानी करने लगा। पीड़ित व आरोपी के मध्य उक्त धनराशि के वापसी के बाबत एक सुलहनामा भी हुआ था।
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आरोपी पैसों की वापसी में आनाकानी करता रहा। उसने पीड़ित को 1 लाख 50 हजार का एक चेक भी दिया। पीड़ित ने उस चेक के भुगतान के लिए जब बैंक में जमा किया तो पता चला कि चेक फर्जी है। उस बैंक में चेक पर अंकित खाता संख्या का खातेदार आरोपी नहीं है। आरोपी प्रॉपर्टी डीलिंग और लकड़ी का कारोबार करता है।
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पीड़ित अंतर्गत धारा 173(4) बीएनएसएस न्यायालय समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना पत्र का परीक्षण करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रिया नागर ने अभिलेखीय साक्ष्यों व दलीलों को सुनने के बाद उपरोक्त प्रकरण में केस दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।