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Maharajganj News: एप अपडेट करने का झांसा देकर चार लाख रुपये उड़ाए
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एप पुराना होने की बात कहकर भेजा था लिंक, क्लिक करते ही खाता हो गया खाली महराजगंज। साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। पीडि़त के अनुसार, जालसाज ने बैंक का एप पुराना होने की बात कहकर झांसे में लिया और एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर उनके पिता के खाते से चार लाख रुपये उड़ा दिए। पीडि़त ग्राम पुरंदरपुर सोनबरसा, थाना पुरंदरपुर निवासी जितेन्द्र जायसवाल की तहरीर पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
जितेन्द्र ने तहरीर में बताया कि जनवरी माह में उनके मोबाइल पर फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि उनका एसबीआई का योनो एप पुराना हो गया है। उसे अपडेट कर लें। इसके लिए व्हाट्सएप पर उसने एक फाइल भेजने की बात कही। इसके बाद दूसरे नंबर से उन्हें योनो एसबीआई जैसी दिखने वाली एक एपीके फाइल व्हाट्सएप पर भेजी गई। जितेन्द्र ने फाइल डाउनलोड कर ली।
उन्होंने बताया कि 2 फरवरी को उनके पिता रामनेवास के बचत खाता से 3,49,980 रुपये और चालू खाता से 50,000 रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। इस तरह से कुल मिलाकर 3,99,980 रुपये की राशि निकाल ली गई।
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बाद में जितेन्द्र को पता चला कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। उन्होंने साइबर क्राइम थाना प्रभारी से कार्रवाई की मांग की। साइबर थाना प्रभारी सजनू यादव ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
साइबर फ्रॉड के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी
महराजगंज। साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने रविवार को दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। पुलिस ने यह कार्रवाई लोहिया नगर के वार्ड नंबर 14 निवासी कृष्णन त्रिपाठी की तहरीर पर की है।
13 फरवरी को प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना को तहरीर देकर कृष्णन ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। कृष्णन के अनुसार, उसके परिचित शिवम वर्मा उर्फ किट्टू और जुनैद खान, निवासी चिउरहा वार्ड नंबर 19 वर्तमान में कांशीराम आवास, चिउरहा ने उससे बताया था कि वे बाहर घूमने जा रहे हैं। दोनों ने दोस्तों से पैसा मंगवाने के लिए कृष्णन से उनका बैंक खाता, एटीएम और लिंक्ड मोबाइल नंबर मांगा और वादा किया कि लौटने पर सब वापस कर देंगे। 20 मई 2025 को कृष्णन ने अपना केनरा बैंक खाता नंबर, एटीएम और लिंक्ड मोबाइल नंबर रामपाल निवासी गोरखपुर और शालिनी जायसवाल निवासी घुघली की मौजूदगी में दोनों को सौंप दिया। बाद में जब कृष्णन ने फोन किया तो दोनों ने कॉल नहीं उठाया और घर पर भी नहीं मिले। जांच में पता चला कि खाते से लेन-देन बंद हो गया है और साइबर क्राइम सेल की जांच में खाता कई जगहों से होल्ड कर दिया गया।
कृष्णन का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने उसके खाते का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के पैसे ट्रांसफर करवाने में किया और धोखे से सामग्री लेकर फरार हो गए। कृष्णन की तहरीर पर साइबर थाना पुलिस ने आरोपी शिवम वर्मा उर्फ किट्टू और जुनैद खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बचाव के लिए जरूरी सुझाव
सोशल मीडिया प्रोफाइल को पर्सनल (निजी) मोड पर रखें।
सार्वजनिक स्थानों पर बैंक आईडी या पासवर्ड टाइप न करें।
पासवर्ड में भिन्नता रखें और संभव हो तो बायोमैट्रिक का इस्तेमाल करें।
10 अंक के सामान्य नंबर से बैंक की तरफ से कॉल नहीं आते हैं।
जिप और क्यूआर कोड से आपका सिस्टम हैक हो सकता है।
स्पैम मैसेज फॉरवर्ड न करें, साइबर ठगों की यहां भी सक्रियता होती है।
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जितेन्द्र ने तहरीर में बताया कि जनवरी माह में उनके मोबाइल पर फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि उनका एसबीआई का योनो एप पुराना हो गया है। उसे अपडेट कर लें। इसके लिए व्हाट्सएप पर उसने एक फाइल भेजने की बात कही। इसके बाद दूसरे नंबर से उन्हें योनो एसबीआई जैसी दिखने वाली एक एपीके फाइल व्हाट्सएप पर भेजी गई। जितेन्द्र ने फाइल डाउनलोड कर ली।
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उन्होंने बताया कि 2 फरवरी को उनके पिता रामनेवास के बचत खाता से 3,49,980 रुपये और चालू खाता से 50,000 रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। इस तरह से कुल मिलाकर 3,99,980 रुपये की राशि निकाल ली गई।
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बाद में जितेन्द्र को पता चला कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। उन्होंने साइबर क्राइम थाना प्रभारी से कार्रवाई की मांग की। साइबर थाना प्रभारी सजनू यादव ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
साइबर फ्रॉड के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी
महराजगंज। साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने रविवार को दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। पुलिस ने यह कार्रवाई लोहिया नगर के वार्ड नंबर 14 निवासी कृष्णन त्रिपाठी की तहरीर पर की है।
13 फरवरी को प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना को तहरीर देकर कृष्णन ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। कृष्णन के अनुसार, उसके परिचित शिवम वर्मा उर्फ किट्टू और जुनैद खान, निवासी चिउरहा वार्ड नंबर 19 वर्तमान में कांशीराम आवास, चिउरहा ने उससे बताया था कि वे बाहर घूमने जा रहे हैं। दोनों ने दोस्तों से पैसा मंगवाने के लिए कृष्णन से उनका बैंक खाता, एटीएम और लिंक्ड मोबाइल नंबर मांगा और वादा किया कि लौटने पर सब वापस कर देंगे। 20 मई 2025 को कृष्णन ने अपना केनरा बैंक खाता नंबर, एटीएम और लिंक्ड मोबाइल नंबर रामपाल निवासी गोरखपुर और शालिनी जायसवाल निवासी घुघली की मौजूदगी में दोनों को सौंप दिया। बाद में जब कृष्णन ने फोन किया तो दोनों ने कॉल नहीं उठाया और घर पर भी नहीं मिले। जांच में पता चला कि खाते से लेन-देन बंद हो गया है और साइबर क्राइम सेल की जांच में खाता कई जगहों से होल्ड कर दिया गया।
कृष्णन का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने उसके खाते का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के पैसे ट्रांसफर करवाने में किया और धोखे से सामग्री लेकर फरार हो गए। कृष्णन की तहरीर पर साइबर थाना पुलिस ने आरोपी शिवम वर्मा उर्फ किट्टू और जुनैद खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बचाव के लिए जरूरी सुझाव
सोशल मीडिया प्रोफाइल को पर्सनल (निजी) मोड पर रखें।
सार्वजनिक स्थानों पर बैंक आईडी या पासवर्ड टाइप न करें।
पासवर्ड में भिन्नता रखें और संभव हो तो बायोमैट्रिक का इस्तेमाल करें।
10 अंक के सामान्य नंबर से बैंक की तरफ से कॉल नहीं आते हैं।
जिप और क्यूआर कोड से आपका सिस्टम हैक हो सकता है।
स्पैम मैसेज फॉरवर्ड न करें, साइबर ठगों की यहां भी सक्रियता होती है।