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Maharajganj News: किसान नहीं लौटेंगे निराश, क्रय केंद्रों पर ही बनेगी फार्मर रजिस्ट्री
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महराजगंज। गेहूं क्रय केंद्रों से फार्मर रजिस्ट्री के अभाव में किसानों को निराश नहीं लौटाया जाएगा। शासन ने इसके लिए संशोधित आदेश प्रभावी कर दिया है। अब क्रय केंद्र पर ही जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी क्रय केंद्र पर ही उनकी फार्मर रजिस्ट्री का आवेदन होगा और उनका गेहूं क्रय किया जाएगा।
जनपद में गेहूं खरीद के लिए एक अप्रैल से कुल 160 क्रय केंद्र सक्रिय किए गए। आठ अप्रैल को शासन ने गेहूं खरीद में फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दिया जिसके बाद किसानों में निराशा का भाव था। समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने 12 अप्रैल के अंक में ‘’पंजीकरण के बाद भी क्रय केंद्र पर बिक्री नहीं कर सकेंगे किसान’’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की।
इसमें बताया गया कि 55 हजार किसान सरकारी रेट पर गेहूं बिक्री से वंचित हो जाएंगे क्योंकि 3.80 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री जहां जनपद में आठ अप्रैल तक बनी थी जबकि 55 हजार किसान रजिस्ट्री से अवशेष बचे थे।
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किसान हित का यह मसला डीएम संतोष कुमार शर्मा से होकर शासन तक पहुंचा तो संशोधित आदेश जारी कर उप कृषि निदेशक को जनपद के प्रत्येक केंद्र पर फार्मर रजिस्ट्री बनाने के प्रबंध के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यवस्था से जिन किसानों के पास फार्मर रजिस्ट्री नहीं वह आवेदन केंद्र से ही कराकर आवेदन संख्या पाश मशीन में फीड कराते हुए अपना गेहूं सरकारी रेट पर बिक्री कर सकेंगे।
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जनपद में गेहूं खरीद के लिए एक अप्रैल से कुल 160 क्रय केंद्र सक्रिय किए गए। आठ अप्रैल को शासन ने गेहूं खरीद में फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दिया जिसके बाद किसानों में निराशा का भाव था। समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने 12 अप्रैल के अंक में ‘’पंजीकरण के बाद भी क्रय केंद्र पर बिक्री नहीं कर सकेंगे किसान’’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की।
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इसमें बताया गया कि 55 हजार किसान सरकारी रेट पर गेहूं बिक्री से वंचित हो जाएंगे क्योंकि 3.80 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री जहां जनपद में आठ अप्रैल तक बनी थी जबकि 55 हजार किसान रजिस्ट्री से अवशेष बचे थे।
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किसान हित का यह मसला डीएम संतोष कुमार शर्मा से होकर शासन तक पहुंचा तो संशोधित आदेश जारी कर उप कृषि निदेशक को जनपद के प्रत्येक केंद्र पर फार्मर रजिस्ट्री बनाने के प्रबंध के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यवस्था से जिन किसानों के पास फार्मर रजिस्ट्री नहीं वह आवेदन केंद्र से ही कराकर आवेदन संख्या पाश मशीन में फीड कराते हुए अपना गेहूं सरकारी रेट पर बिक्री कर सकेंगे।