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Maharajganj News: किसान करेंगे स्ट्राबेरी की खेती, 13 ने कराया पंजीयन
Thu, 12 Dec 2024 01:03 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 12 Dec 2024 01:03 PM IST
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महराजगंज। जिले के किसान सब्जियों की खेती के बाद इस बार स्ट्राबेरी की खेती से जुड़ेंगे। उद्यान विभाग की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों का चयन किया जा रहा है। इसके लिए किसानों का पंजीकरण कराया जा रहा है और अबतक 13 किसानों ने आवेदन किया है। योजना के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। विभाग ने किसानों को प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर दिसंबर में चयन करेगा।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कई किसानों का परंपरागत खेती को छोड़ कर तकनीकी खेती की ओर रुझान बढ़ा है। अब तक अधिकतर किसान गेहूं और धान की खेती तक सीमित थे। लेकिन अब किसानों को परंपरागत खेती के अलावा अन्य विकल्प उपलब्ध कराया जा रहा है। किसान परंपरागत खेती को छोड़कर तकनीकी खेती की ओर बढ़ भी रहे हैं। जिले के किसान सब्जी के बाद अब प्राकृतिक खेती भी करेंगे।स्ट्रॉबेरी की खेती में किसानों को कम लागत में बेहतर मुनाफा दिख रहा है। इस साल जिले में पहली बार किसान स्ट्रॉबेरी की खेती करेंगे। एक हेक्टेयर की स्ट्रॉबेरी की खेती में करीब 1.25 लाख रुपये खर्च आता है। उद्यान विभाग की ओर से किसानों को 50 हजार रुपये अनुदान मिलेगा। किसान स्ट्रॉबेरी की खेती करके एक साल में करीब एक लाख से दो लाख रुपये तक प्रति हेक्टेयर आमदनी कमा सकेंगे।इस फसल के लिए आवेदन करने वाले किसानों का चयन और उन्हें सहयोग उद्यान विभाग दिसंबर में करेगा जिससे 15 दिसंबर के बाद किसान इसकी खेती प्रारंभ कर सकें।
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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आम, अमरूद, लीची, केला, पपीता व ड्रैगन फ्रूट को शामिल किया गया है। इसी के तहत किसान स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए चयनित किए जाएंगे।इसके लिए अबतक 13 किसानों ने पंजीयन कराया है। कार्यालय से सत्यापन के बाद विभाग सहयोग देगा।
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-संजय कुमार रस्तोगी, जिला उद्यान अधिकारी
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किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कई किसानों का परंपरागत खेती को छोड़ कर तकनीकी खेती की ओर रुझान बढ़ा है। अब तक अधिकतर किसान गेहूं और धान की खेती तक सीमित थे। लेकिन अब किसानों को परंपरागत खेती के अलावा अन्य विकल्प उपलब्ध कराया जा रहा है। किसान परंपरागत खेती को छोड़कर तकनीकी खेती की ओर बढ़ भी रहे हैं। जिले के किसान सब्जी के बाद अब प्राकृतिक खेती भी करेंगे।स्ट्रॉबेरी की खेती में किसानों को कम लागत में बेहतर मुनाफा दिख रहा है। इस साल जिले में पहली बार किसान स्ट्रॉबेरी की खेती करेंगे। एक हेक्टेयर की स्ट्रॉबेरी की खेती में करीब 1.25 लाख रुपये खर्च आता है। उद्यान विभाग की ओर से किसानों को 50 हजार रुपये अनुदान मिलेगा। किसान स्ट्रॉबेरी की खेती करके एक साल में करीब एक लाख से दो लाख रुपये तक प्रति हेक्टेयर आमदनी कमा सकेंगे।इस फसल के लिए आवेदन करने वाले किसानों का चयन और उन्हें सहयोग उद्यान विभाग दिसंबर में करेगा जिससे 15 दिसंबर के बाद किसान इसकी खेती प्रारंभ कर सकें।
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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आम, अमरूद, लीची, केला, पपीता व ड्रैगन फ्रूट को शामिल किया गया है। इसी के तहत किसान स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए चयनित किए जाएंगे।इसके लिए अबतक 13 किसानों ने पंजीयन कराया है। कार्यालय से सत्यापन के बाद विभाग सहयोग देगा।
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-संजय कुमार रस्तोगी, जिला उद्यान अधिकारी