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Maharajganj News: चीनी मिल बंद होने से किसानों ने छोड़ दी गन्ने की खेती
Sun, 12 May 2024 03:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 12 May 2024 03:58 AM IST
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लोहरपुरवा में गन्ना किसानों के साथ गोष्ठी में जानकारी देते अधिकारी
फरेंदा। गन्ना समिति क्षेत्र के लोहरपुरवा में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को गन्ना की प्रजातियां, पेड़ी गन्ना प्रबंध, फसल में कीट रोग नियंत्रण एवं शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ गन्ना खेती के बंद होने से नुकसान के बारे में जानकारी दी गई।
गोष्ठी में सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लें। सभी किसान खेत की सिंचाई गुड़ाई कर एक एकड़ 25 किग्रा यूरिया, 15 पोटाश प्रयोग करें। जिससे गन्ना बेहतर पैदावार होगा। क्षेत्र की चीनी मिले बंद होने से गन्ना किसान खेती करना बंद कर दिए। जबकि किसान 700 से लेकर 900 रूपये कुंतल गन्ना बेंच रहे हैं जिसे जूस बनाकर बेचने वाले खरीद रहे हैं। सचिव बेचन प्रसाद ने कहा कि फरेंदा चीनी मिल बंद होने से लगभग 7000 किसानों ने गन्ना खेती करना छोड़ दिया। जस्ट गन्ना विकास निरीक्षक वेद प्रकाश राठौर एवं गन्ना पर्यवेक्षक अजय राय ने गन्ना की खेती के लिए मिलने वाले अनुदान सहित सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। संचालन सीताराम चौरसिया ने किया। इस दौरान राधेश्याम मौर्य, राम कृपाल, विक्रम, सतीश चौरसिया, रामचंदर साहनी, राजेश, गिरिजेश मौजूद रहे। संवाद
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गोष्ठी में सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लें। सभी किसान खेत की सिंचाई गुड़ाई कर एक एकड़ 25 किग्रा यूरिया, 15 पोटाश प्रयोग करें। जिससे गन्ना बेहतर पैदावार होगा। क्षेत्र की चीनी मिले बंद होने से गन्ना किसान खेती करना बंद कर दिए। जबकि किसान 700 से लेकर 900 रूपये कुंतल गन्ना बेंच रहे हैं जिसे जूस बनाकर बेचने वाले खरीद रहे हैं। सचिव बेचन प्रसाद ने कहा कि फरेंदा चीनी मिल बंद होने से लगभग 7000 किसानों ने गन्ना खेती करना छोड़ दिया। जस्ट गन्ना विकास निरीक्षक वेद प्रकाश राठौर एवं गन्ना पर्यवेक्षक अजय राय ने गन्ना की खेती के लिए मिलने वाले अनुदान सहित सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। संचालन सीताराम चौरसिया ने किया। इस दौरान राधेश्याम मौर्य, राम कृपाल, विक्रम, सतीश चौरसिया, रामचंदर साहनी, राजेश, गिरिजेश मौजूद रहे। संवाद
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