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Maharajganj News: चकबंदी में मनमानी पर फूटा किसानों का गुस्सा, किया प्रदर्शन
Fri, 27 Mar 2026 01:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 27 Mar 2026 01:44 AM IST
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- किसानों ने विभाग के जरिये दी जा रही धारा-20 के नोटिस को लेने से किया इन्कार
धनघटा। क्षेत्र के संठी गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया के खिलाफ किसानों का आक्रोश बृहस्पतिवार को खुलकर सामने आ गया। मनमाने तरीके से हो रही कार्रवाई से नाराज किसानों ने गांव में प्रदर्शन कर चकबंदी सीओ के खिलाफ जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। किसानों ने विभाग द्वारा दी जा रही धारा-20 का नोटिस लेने से इन्कार कर दिया है।
किसानों का कहना है कि जब धारा-9 के तहत आपत्तियों का निस्तारण नहीं किया गया, तो धारा-20 की प्रक्रिया शुरू करना सीधे-सीधे नियमों की अनदेखी है। पहले पुरानी आपत्तियों का समाधान हो, तभी आगे की कार्रवाई स्वीकार होगी।
प्रदर्शन में शामिल किसान कृपा शंकर पांडेय ने आरोप लगाया कि गाटा संख्या-231 की 546 एयर भूमि में से 216 एयर को मनमाने ढंग से हरिजन आबादी दर्ज कर दिया गया है। दो साल पहले आपत्ति दी, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई, वहीं लालचंद ने बताया कि मानकों को ताक पर रखकर जमीन की कटौती की जा रही है। छह बीघा में से 6 एयर जमीन काट ली गई, जो पूरी तरह नियम के खिलाफ है।
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उदयराज पांडेय ने भी गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि बैनामा और खतौनी में गड़बड़ी कर उनका नाम ही खारिज कर दिया गया। इसके लिए दो वर्षों से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ रही। उन्होंने आक्रोश जताया। किसान सुभाष और चंद्रिका आदि ने भी आरोप लगाया कि बिना ग्राम समिति के प्रस्ताव के ही कब्रिस्तान, सामान्य आबादी, खेल मैदान और गोशाला के नाम पर जमीन का रकबा निकाला जा रहा है।
किसानों का कहना है कि चकबंदी अधिकारी गांव में आकर सुनवाई तक नहीं करते, जिससे समस्याएं लगातार लंबित पड़ी हैं। प्रदर्शन के दौरान माहौल तब और गरमा गया जब चकबंदी कर्मी धारा-20 की नोटिस लेकर गांव पहुंचे। किसानों ने नोटिस लेने से इन्कार करते हुए कहा कि जब तक धारा-9 के तहत सभी आपत्तियों का निस्तारण नहीं होगा, तब तक कोई भी किसान आगे की प्रक्रिया नहीं मानेगा।
किसानों ने चकबंदी विभाग पर धन उगाही और भारी गड़बड़ी के आरोप लगाए। उनका कहना है कि बिना पैसे के कोई सुनवाई नहीं हो रही, जिससे पूरे गांव में रोष व्याप्त है।
प्रदर्शन में राम प्रसाद पांडेय, कृपा शंकर पांडेय, मार्कण्डेय पांडेय, अशोक उपाध्याय, ग्राम प्रधान सूर्य प्रकाश यादव, दिग्विजय पांडेय आदि किसान शामिल रहे।
पूर्व में एसीओ स्तर पर हुई गलतियों को सुधारा जा रहा है। कुछ किसानों ने अनुचित लाभ लेते हुए ‘उड़ान चक’ कटवा लिया था, जिसे दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ही सभी आपत्तियों और समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा।
-ऐश मोहम्मद, सीओ, चकबंदी
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धनघटा। क्षेत्र के संठी गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया के खिलाफ किसानों का आक्रोश बृहस्पतिवार को खुलकर सामने आ गया। मनमाने तरीके से हो रही कार्रवाई से नाराज किसानों ने गांव में प्रदर्शन कर चकबंदी सीओ के खिलाफ जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। किसानों ने विभाग द्वारा दी जा रही धारा-20 का नोटिस लेने से इन्कार कर दिया है।
किसानों का कहना है कि जब धारा-9 के तहत आपत्तियों का निस्तारण नहीं किया गया, तो धारा-20 की प्रक्रिया शुरू करना सीधे-सीधे नियमों की अनदेखी है। पहले पुरानी आपत्तियों का समाधान हो, तभी आगे की कार्रवाई स्वीकार होगी।
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प्रदर्शन में शामिल किसान कृपा शंकर पांडेय ने आरोप लगाया कि गाटा संख्या-231 की 546 एयर भूमि में से 216 एयर को मनमाने ढंग से हरिजन आबादी दर्ज कर दिया गया है। दो साल पहले आपत्ति दी, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई, वहीं लालचंद ने बताया कि मानकों को ताक पर रखकर जमीन की कटौती की जा रही है। छह बीघा में से 6 एयर जमीन काट ली गई, जो पूरी तरह नियम के खिलाफ है।
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उदयराज पांडेय ने भी गंभीर अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि बैनामा और खतौनी में गड़बड़ी कर उनका नाम ही खारिज कर दिया गया। इसके लिए दो वर्षों से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ रही। उन्होंने आक्रोश जताया। किसान सुभाष और चंद्रिका आदि ने भी आरोप लगाया कि बिना ग्राम समिति के प्रस्ताव के ही कब्रिस्तान, सामान्य आबादी, खेल मैदान और गोशाला के नाम पर जमीन का रकबा निकाला जा रहा है।
किसानों का कहना है कि चकबंदी अधिकारी गांव में आकर सुनवाई तक नहीं करते, जिससे समस्याएं लगातार लंबित पड़ी हैं। प्रदर्शन के दौरान माहौल तब और गरमा गया जब चकबंदी कर्मी धारा-20 की नोटिस लेकर गांव पहुंचे। किसानों ने नोटिस लेने से इन्कार करते हुए कहा कि जब तक धारा-9 के तहत सभी आपत्तियों का निस्तारण नहीं होगा, तब तक कोई भी किसान आगे की प्रक्रिया नहीं मानेगा।
किसानों ने चकबंदी विभाग पर धन उगाही और भारी गड़बड़ी के आरोप लगाए। उनका कहना है कि बिना पैसे के कोई सुनवाई नहीं हो रही, जिससे पूरे गांव में रोष व्याप्त है।
प्रदर्शन में राम प्रसाद पांडेय, कृपा शंकर पांडेय, मार्कण्डेय पांडेय, अशोक उपाध्याय, ग्राम प्रधान सूर्य प्रकाश यादव, दिग्विजय पांडेय आदि किसान शामिल रहे।
पूर्व में एसीओ स्तर पर हुई गलतियों को सुधारा जा रहा है। कुछ किसानों ने अनुचित लाभ लेते हुए ‘उड़ान चक’ कटवा लिया था, जिसे दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ही सभी आपत्तियों और समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा।
-ऐश मोहम्मद, सीओ, चकबंदी