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Maharajganj News: गुरुकुल में बेटे का दाखिला कराने को लेकर पश्चाताप कर रहे परिजन
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बेटे की असमय मौत से पूरा परिवार सदमे में, घर में मातमी सन्नाटा
परतावल। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के नगर पंचायत परतावल निवासी कपड़ा व्यवसायी सतीश जायसवाल का परिवार बेटे को गुरुकुल में दाखिला दिलाने के फैसले पर गहरे पश्चाताप में है। परिजनों का कहना है कि जो फैसला उन्होंने बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए लिया था, वही उनके जीवन का सबसे बड़ा दुख बन गया। होनहार बेटे की असमय मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को सतीश जायसवाल ने अपने पुत्र श्याम जायसवाल का सुल्तानपुर जिले में आर्य समाज संचालित एक आवासीय गुरुकुल में कक्षा नौ में प्रवेश कराया था। प्रवेश की सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह बेटे को हॉस्टल में छोड़कर घर लौट रहे थे।
परिजनों के मुताबिक, पिता अभी गोरखपुर ही पहुंचे थे कि गुरुकुल प्रबंधन का फोन आया और बताया गया कि श्याम हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला है। यह सूचना सुनते ही पिता तत्काल सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गए। परिजन का कहना है कि उन्हें कभी यह अंदाजा नहीं था कि बेटे को बेहतर शिक्षा और अनुशासित माहौल देने का उनका फैसला इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। परिवार के लोग बार-बार यही कह रहे हैं कि काश बेटे को गुरुकुल न भेजा होता।
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आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार शव लेकर वापस लौटा और मंगलवार सुबह गोरखपुर के राजघाट पर श्याम का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घर लौटने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही रिश्तेदार, व्यापारी और शुभचिंतक परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। इस हृदयविदारक घटना से नगर पंचायत परतावल में भी शोक का माहौल है।
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परतावल। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के नगर पंचायत परतावल निवासी कपड़ा व्यवसायी सतीश जायसवाल का परिवार बेटे को गुरुकुल में दाखिला दिलाने के फैसले पर गहरे पश्चाताप में है। परिजनों का कहना है कि जो फैसला उन्होंने बेटे के उज्ज्वल भविष्य के लिए लिया था, वही उनके जीवन का सबसे बड़ा दुख बन गया। होनहार बेटे की असमय मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को सतीश जायसवाल ने अपने पुत्र श्याम जायसवाल का सुल्तानपुर जिले में आर्य समाज संचालित एक आवासीय गुरुकुल में कक्षा नौ में प्रवेश कराया था। प्रवेश की सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह बेटे को हॉस्टल में छोड़कर घर लौट रहे थे।
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परिजनों के मुताबिक, पिता अभी गोरखपुर ही पहुंचे थे कि गुरुकुल प्रबंधन का फोन आया और बताया गया कि श्याम हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला है। यह सूचना सुनते ही पिता तत्काल सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गए। परिजन का कहना है कि उन्हें कभी यह अंदाजा नहीं था कि बेटे को बेहतर शिक्षा और अनुशासित माहौल देने का उनका फैसला इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। परिवार के लोग बार-बार यही कह रहे हैं कि काश बेटे को गुरुकुल न भेजा होता।
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आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार शव लेकर वापस लौटा और मंगलवार सुबह गोरखपुर के राजघाट पर श्याम का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घर लौटने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही रिश्तेदार, व्यापारी और शुभचिंतक परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। इस हृदयविदारक घटना से नगर पंचायत परतावल में भी शोक का माहौल है।