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Maharajganj News: कानपुर से जुड़ा है नकली डीजल पेट्रोल का धंधा, कई गैंग शामिल

Fri, 07 Feb 2025 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Fri, 07 Feb 2025 12:45 AM IST
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Fake diesel petrol business is linked to Kanpur, many gangs involved
पुलिस कस्टडी में टैंकर चालक और खलासी।
महराजगंज/निचलौल। नकली डीजल-पेट्रोल का धंधा लंबे समय से चल रहा है। इस खेल में कई गैंग शामिल हैं। सभी का कनेक्शन कानपुर से जुड़ने की बात सामने आ रही है।
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हैरानी की बात यह है कि विभाग के जिम्मेदारों को इसकी कानोकान खबर नहीं। इसलिए अभी तक खामोश थे। अब धंधेबाजों की पोल खुलने के बाद जांच की जा रही है। नकली तेल (सॉल्वेंट) भरे टैंकर के मालिक अखिलेश कुमार निवासी गोरखपुर से संबंध रखने वाले एक शख्स ने बातचीत में बताया कि नकली डीजल-पेट्रोल के धंधे में कई गैंग शामिल हैं।
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सभी गैंग का यह धंधा कानपुर से जुड़ा है। किसी को नकली तेल का भनक न लग सके इसलिए सभी टैंकरों पर ऑयल कंपनी का लोगो और बैतालपुर डिपो से संबंधित जानकारी लिखी हुई थी।
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गैंग में शामिल सभी सदस्य मोटी रकम कमाते थे। कुछ दिनों से मामूली बात को लेकर गैंग के कुछ सदस्यों में मतभेद हो गया था। एक सदस्य ने आरोपी अखिलेश कुमार के टैंकर को पकड़वाने के लिए मुखबिरी कर दी। इसका फायदा उठाकर पुलिस टीम ने नकली डीजल-पेट्रोल (सॉल्वेंट) भरे टैंकर को पकड़ लिया। शख्स ने आगे बताया कि गैंग के सदस्य संबंधित विभाग के जिम्मेदारों से मिलकर धंधा चलाते हैं। धंधेबाज सोनौली बाॅर्डर के रास्ते नकली डीजल-पेट्रोल की खेप नेपाल भेजने में भी सफल हो जाते हैं।
वहीं आपूर्ति निरीक्षक इंद्रभान पटेल ने कहा कि टैंकर के साथ पकड़े गए चालक और खलासी ने भी पूछताछ में इस धंधे को कानपुर से जुड़ा होने की बात कही। उन्होंने आगे बताया कि कानपुर में चलने वाली फैक्ट्रियों को सरकार की ओर से सॉल्वेंट मुहैया कराया जाता है।
जिसे कुछ कंपनियों की ओर से इन धंधेबाजों के हाथ ब्लैक में बेच दिया जाता है। इससे धंधेबाज भी मोटी रकम कमा लेते हैं। इतना ही नहीं पेट्रोल संचालक जहां शुद्ध डीजल-पेट्रोल प्रति टैंकर बेचकर करीब 30 से 35 हजार रुपये का बचत करता है।

वहीं सॉल्वेंट मिला डीजल-पेट्रोल बेचकर करीब डेढ़ लाख रुपये की बचत कर लेता है। फिलहाल मामले में नमूने को लैब भेज हर बिंदुओं पर गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान हर साक्ष्य को जुटाया जा रहा है।
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